जिला बिलासपुर में 2735 किशोरियों के टीकाकरण का है लक्ष्य, अब तक 788 का हो चुका है टीकाकरण
बिलासपुर
नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि सरकार ने किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के रूप में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य 14-15 आयु वर्ग की बेटियों को एचपीवी टीकाकरण के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर से बचाव सुनिश्चित करना है।
उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया है कि जिनकी बेटियों की आयु 14 से 15 वर्ष के बीच है, वे उन्हें अवश्य एचपीवी वैक्सीन लगवाएं, ताकि भविष्य में उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्जरी के दौरान सर्वाइकल कैंसर के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। विशेष रूप से घुमारवीं क्षेत्र में प्रत्येक सप्ताह इस प्रकार के मामले दर्ज हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि 14-15 वर्ष की आयु में ही एचपीवी टीकाकरण कर दिया जाए, तो यह संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है। इस दृष्टि से एचपीवी टीकाकरण अभियान किशोरियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दृष्टि महत्वपूर्ण है।
राजेश धर्माणी ने जिला बिलासपुर के सभी अभिभावकों एवं 14-15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों से आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में जाकर एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं ताकि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके।
*जिला बिलासपुर में अब तक हो चुका है 788 किशोरियों का टीकाकरण*
उधर मुख्य चिकित्साधिकारी बिलासपुर डाॅ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि जिला बिलासपुर में 19 अप्रैल तक कुल निर्धारित लक्ष्य 2735 के मुकाबले 788 किशोरियों का एचवीपी टीकाकरण किया जा चुका है। जिनमें मारंकड चिकित्सा खंड के अंतर्गत 189, घुमारवीं में 260, झंडूता में 222 तथा श्री नैना देवी जी चिकित्सा खंड में 117 किशोरियों का टीकाकरण शामिल है। उन्होंने बताया कि गत दिवस जिला में कुल 96 किशोरियों का टीकाकरण हुआ है।
उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से एम्स बिलासपुर सहित सभी 31 स्वास्थ्य केंद्रों पर एचपीवी टीकाकरण सत्र प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुले रहेंगे। इसके अतिरिक्त आवश्यकतानुसार रविवार को विशेष सत्र आयोजित किये जाएंगे जिसकी सूचना पहले ही उपलब्ध करवा दी जाएगी। साथ ही जिला के सभी सरकारी तथा निजी स्कूलों से आह्वान किया है कि वह एचपीवी टीकाकरण को लेकर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीमों का भी सहयोग करें ताकि निर्धारित लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
*जिला बिलासपुर में एम्स सहित ये हैं एचपीवी टीकाकरण कोल्ड चेन प्वाईंट*
सीएमओ ने बताया कि एम्स बिलासपुर के अलावा घुमारवीं चिकित्सा खंड में 4 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी, सिविल अस्पताल घुमारवीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरलोग तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुठेड़ा शामिल है। इसी तरह झंडुता चिकित्सा खंड में कुल 9 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं, जिनमें सिविल अस्पताल बरठीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तलाई तथा झंडुता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेहड़ी, गेहड़वीं, कलोल, मरोतन, पनौल तथा ऋषिकेश शामिल हैं।
इसी तरह चिकित्सा खंड मारकंड के अंतर्गत कुल 10 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर स्थित एमसीएच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाई, सिविल अस्पताल मारकंड, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बागी सुंगल, भजून, छडोल, मलोखर, नम्होल, राजपुरा, मंडी मानवा शामिल हैं। जबकि श्री नैना देवी जी चिकित्सा खंड में 7 कोल्ड चेन प्वाईंट (सीसीपी) हैं जिनमें सिविल अस्पताल घवांडल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वाहण, तरसूह, टोबा, भाखड़ा तथा बैहल शामिल हैं।
*एचपीवी संक्रमण भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए है जिम्मेदार*
गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) का कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जिसका प्रमुख कारण एचपीवी संक्रमण है। एचपीवी प्रजनन तंत्र का सबसे सामान्य वायरल संक्रमण है। अधिकांश संक्रमण बिना लक्षण के स्वयं समाप्त हो जाते हैं, किंतु लंबे समय तक रहने वाला संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है।एचपीवी वायरस के 200 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें 17 प्रकार कैंसर उत्पन्न करने वाले हैं। एचपीवी-16 और एचपीवी-18 विश्व स्तर पर लगभग 77 प्रतिशत तथा भारत में लगभग 83 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। लेकिन समय पर टीकाकरण एवं स्क्रीनिंग से इस कैंसर के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
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