जिला बिलासपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन

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बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनवरी 2026 के दौरान जिला बिलासपुर में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) श्री राजेश कौशल द्वारा किया गया। अभियान के अंतर्गत छात्रों, वाहन चालकों, आम नागरिकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। इसी क्रम में आरटीओ श्री राजेश कौशल द्वारा एम्स बिलासपुर में प्रशिक्षु डॉक्टरों से संवाद किया गया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, उनके दुष्प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही 7 दिनों तक की निशुल्क इलाज सुविधा के बारे में भी अवगत कराया गया। इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षु डॉक्टरों से अपील की गई कि वे इस सुविधा की जानकारी सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों एवं उनके परिजनों को दें, ...

नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए जीता गोल्ड मेडल, पहली बार चमका प्रदेश का नाम

हैदराबाद की लहरों पर हिमाचल की बेटियों का परचम



बिलासपुर ( सुनील ठाकुर )

हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर जज़्बा हो, तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता। हैदराबाद में आयोजित 26वीं सब-जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में बिलासपुर की बेटियों ने इतिहास रचते हुए एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। यह पहली बार है जब हिमाचल की किसी बेटी ने राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है।

प्रतियोगिता में बिलासपुर के साइ एनटीपीसी वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बेटियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से देशभर के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह गौरव हासिल किया।

अर्चिता और श्रेया की जोड़ी ने जबरदस्त तालमेल के साथ गोल्ड मेडल जीतकर हिमाचल का सिर गर्व से ऊँचा किया, जबकि अनामिका, तनिष्का ठाकुर, चाहत और प्रीशा की टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किए।


कोच मनीषा चौधरी की मेहनत रंग लाई
इन बेटियों के पीछे एक मजबूत मार्गदर्शक के रूप में खड़ी हैं कोच मनीषा चौधरी, जिनके प्रशिक्षण और प्रेरणा से यह सफलता संभव हो सकी। कोच मनीषा चौधरी ने कहा, "यह सिर्फ एक शुरुआत है। बेटियों ने यह दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं। सरकार से मिल रहे सहयोग और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत से आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल होंगी।"

प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण
यह जीत सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। नेशनल लेवल पर बेटियों द्वारा हासिल किया गया यह गोल्ड मेडल आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा।

लक्ष्य अब इंटरनेशनल चैंपियनशिप

विजेता बेटियों ने कहा कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा। उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि वे और अधिक मेहनत करेंगी और दुनिया को दिखा देंगी कि हिमाचल की बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं।

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