तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया तीन दिवसीय रुक्मणी कुंड मेले का विधिवत शुभारंभ



 समाज व परिवार के उत्थान व कल्याण को किये महिलाओं के त्याग एवं बलिदान को किया नमन


 बिलासपुर

 नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज जिला बिलासपुर के ऐतिहासिक एवं प्रमुख धार्मिक स्थल माता रूकमणी कुंड में बैसाखी पर्व के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय मेले का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने माता रूकमणी की विधिवत पूजा अर्चना भी की तथा क्षेत्र व प्रदेश की सुख समृद्धि की भी कामना की। 

इस पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मां रुक्मणी के पावन स्थल पर आयोजित होने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मां रुक्मणी के त्याग और बलिदान की प्रेरणादायक गाथा को भी जीवंत करता है। उन्होंने कहा कि समाज में प्राचीन समय से ही महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, जो सदैव परिवार और समाज के लिए त्याग एवं समर्पण का परिचय देती हैं। 

मछुआरों की रॉयल्टी को घटाकर किया एक प्रतिशत, 35 सौ रुपये की सम्मान निधि का भी किया प्रावधान
 
उन्होंने कहा कि इतिहास में कई ऐसी घटनाएं दर्ज हैं, जहां महिलाओं ने समाज और मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया हैं। उन्होंने महिलाओं के इन बलिदानों को स्मरण करते हुए समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और समानता का भाव विकसित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए रूकमणी कुंड मेले के इस पावन अवसर पर महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाने का संकल्प लेने का भी आह्वान किया। 
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि रुक्मणी कुंड क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आसपास के गांवों में पेयजल एवं सिंचाई की व्यवस्था में भी इसकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने इस स्थल के समुचित विकास पर बल देते हुए कहा कि यहां निर्मित सामुदायिक भवन, स्नानागार एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि वह इन परिसंपत्तियों का संचालन जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित बनाएंगे।  

उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों, बागवानों, पशुपालकों, मछुआरों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने कहा कि बजट में गाय के दूध का क्रय मूल्य को 51 रूपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 61 रूपये जबकि भैंस के दूध का क्रय मूल्य 61 रूपये से बढ़ाकर 71 रूपये प्रति लीटर किया है। सरकार के इस कदम से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि पैसा सीधे किसानों के हाथ में जाएगा। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक तौर पर तैयार गेंहू, मक्की तथा हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मछुआरों के लिए रॉयल्टी को पहले 15 प्रतिशत से घटाकर साढ़े सात प्रतिशत जबकि चालू वित्तीय वर्ष में इसे घटाकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया है। इसके अतिरिक्त मछली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 100 रूपये प्रति किलो जबकि प्रजनन काल के लिए 35 सौ रूपये की सम्मान निधि भी निर्धारित की है। इसके अतिरिक्त रेशम कीट पालकों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार 2 मैगावाॅट तक के सोलर पाॅवर प्लांट स्थापित करने के लिए 40 प्रतिशत तक उपदान प्रदान कर रही है तथा तैयार बिजली को साढ़े तीन रूपये प्रति युनिट की दर से खरीद रही है। इसके अतिरिक्त होमस्टे इकाई स्थापित करने के लिए सरकार अनुदान प्रदान कर रही है।  
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद सरकार प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है तथा भविष्य में भी आवश्यक परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्व अनुदान घाटा बंद होने के वाबजूद राज्य सरकार ने प्रदेश हित में कठोर कदम उठाते हुए 3800 करोड़ रूपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है। 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के औहर में एक बड़ी पर्यटन इकाई स्थापित की जा रही है जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को न केवल बल मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि रूकमणी कंड के समग्र विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा जिस बारे उन्होंने एसडीएम झंडूता को निर्देश दिये। 

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विवेक कुमार ने भी अपने विचार साझा किये। 

इस अवसर पर एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा, बीडीओ संजीव कुमार, राजेश ठाकुर बिटटू  सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 

बिलासपुर के तीन पंचायतों में गूंजा नारी सम्मान का संदेश, सैकड़ों महिलाओं ने लिया भाग


द्रोबड़, सोलग जुरासी और बागी बिनौला में आयोजित हुआ कार्यक्रम
बिलासपुर

जिला बिलासपुर की ग्राम पंचायत द्रोबड़, सोलग जुरासी व बागी बिनौला में नारी शक्ति सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा नेता एवं समाजसेवी रोहित ठाकुर ने की, जो बरमाणा जिला परिषद वार्ड से अपनी दावेदारी पहले ही जता चुके हैं और इन दिनों क्षेत्र में सक्रिय रूप से जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।

इस अवसर पर रोहित ठाकुर ने महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को समाज की प्रगति की आधारशिला बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। इसी उद्देश्य के तहत वे बरमाणा वार्ड की प्रत्येक पंचायत में नारी शक्ति सम्मान समारोह आयोजित कर रहे हैं, ताकि महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि वे वार्ड की लगभग सभी पंचायतों का दौरा कर चुके हैं और लोगों की समस्याओं को करीब से समझा है। जनता से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करवाना और उन्हें प्रशासन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।
कार्यक्रम के दौरान महिला मंडलों की विभिन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। महिलाओं ने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को खुलकर रखा, जिनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इस पहल से महिलाओं में उत्साह और विश्वास देखने को मिला।
समारोह के अंत में रोहित ठाकुर द्वारा महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। तीनों पंचायतों में आयोजित इस कार्यक्रम को महिलाओं की भारी भागीदारी के साथ सफल बनाया गया।

“मुख्यमंत्री कार्यालय बना भ्रष्टाचार का अड्डा, बेलगाम अफसरशाही—चेस्टर हिल विवाद ने कांग्रेस सरकार की सच्चाई उजागर की”: त्रिलोक जमवाल


“अफसरों की आपसी लड़ाई से शासन हुआ बेपटरी, भाजपा को गाली नहीं—भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करे सरकार”

बिलासपुर

भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक जमवाल ने चेस्टर हिल विवाद को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक अराजकता अपने चरम पर है और मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुख्य सचिव स्तर तक के अधिकारियों के बीच खुलेआम आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि सरकार के भीतर समन्वय पूरी तरह खत्म हो गया है और शासन व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है।
जमवाल ने कहा कि चेस्टर हिल प्रकरण ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में नियमों और कानूनों की खुलेआम अनदेखी की गई और सत्ता के संरक्षण में फैसले लिए गए। “जब सरकार के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी ही एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हों, तो यह साफ संकेत है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है, जहां अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक रूप से खड़े हो गए हैं। यह केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि सरकार की विफल नीतियों और नेतृत्व की कमजोरी का परिणाम है। “आज स्थिति यह है कि सरकार खुद ही अपने फैसलों पर सवाल खड़े कर रही है, जिससे प्रदेश की छवि देशभर में खराब हो रही है,” जमवाल ने कहा।

त्रिलोक जमवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में भ्रष्टाचार को खुली छूट दी गई है और मुख्यमंत्री कार्यालय इसके केंद्र में है। उन्होंने कहा कि भूमि, परियोजनाओं और निर्माण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और मनमाने ढंग से निर्णय लिए जा रहे हैं। “यह सरकार विकास नहीं, बल्कि विवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु को नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा पर अनर्गल आरोप लगाने और ध्यान भटकाने की राजनीति से प्रदेश की समस्याएं हल नहीं होंगी। “मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। केवल बयानबाजी से प्रदेश नहीं चलेगा,” उन्होंने कहा।
जमवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता आज महंगाई, बेरोजगारी और अव्यवस्था से त्रस्त है, जबकि सरकार आंतरिक कलह में उलझी हुई है। “कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को विकास के रास्ते से भटकाकर अराजकता की ओर धकेल दिया है,” उन्होंने आरोप लगाया।
अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। “प्रदेश की जनता के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी,” जमवाल ने कहा।

बिलासपुर में बड़ी चोरी की वारदात: सूने घर से लाखों की नकदी व सामान साफ, सीसीटीवी का डीवीआर भी ले गए चोर


बिलासपुर

जिला बिलासपुर के नैना देवी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कल्लर के गांव डाबर में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। अज्ञात चोरों ने एक सूने घर को निशाना बनाते हुए नकदी और कीमती घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया।
जानकारी के अनुसार संदीप चौधरी के घर पर घटना के समय कोई भी मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर चोर घर में घुसे और पूरी वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी संदीप चौधरी ने फोन के माध्यम से पंचायत के पूर्व उपप्रधान दीपक ठाकुर को दी, जिसके बाद तुरंत सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई।

सूचना मिलते ही पुलिस की जांच टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस द्वारा हर पहलू को ध्यान में रखते हुए बारीकी से जांच की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
जब संदीप चौधरी घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि घर के सभी दरवाजों के ताले तोड़े गए थे और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। चोर घर से करीब एक लाख रुपये नकद के साथ-साथ कांसे के बर्तन—6 थालियां, 6 गिलास, 6 कटोरियां, 3 परात और अन्य सामान चोरी कर ले गए।
घर में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए थे, लेकिन चोरों ने बेहद शातिर तरीके से डीवीआर ही उखाड़कर अपने साथ ले गए, जिससे वारदात के अहम सबूत भी उनके हाथ लग गए और पुलिस के लिए जांच चुनौतीपूर्ण बन गई है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर रोष और भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, पुलिस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखने की बात भी कह रही है।

मनाली स्थित हिडिंबा देवी मंदिर में महिला मंडलों ने किए दर्शन, भक्ति संगीत के साथ पूरी की यात्रा : सुनील शर्मा

देव दर्शन यात्रा बनी आस्था और सामाजिक एकता की मिसाल, महिला मंडलों को शक्तिपीठों के कराए जा रहे दर्शन


बिलासपुर 
सदर बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े समाजसेवी एवं राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा की ‘देव दर्शन यात्रा’ क्षेत्र में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सहभागिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के तहत महिला मंडलों को प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों और शक्तिपीठों के दर्शन करवाने का क्रम लगातार जारी है।
इसी कड़ी में इस बार महिला मंडलों की सदस्यों को मनाली स्थित हिडिंबा देवी मंदिर के दर्शन करवाए गए। यात्रा के दौरान महिलाओं ने भक्ति संगीत गाते हुए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपनी यात्रा पूरी की। मंदिर में दर्शन करने के साथ-साथ उन्होंने मनाली की खूबसूरत वादियों का भी आनंद लिया, जिससे यह यात्रा आध्यात्मिक होने के साथ-साथ यादगार भी बन गई।

सुनील शर्मा ने बताया कि ‘देव दर्शन यात्रा’ का उद्देश्य सदर क्षेत्र की महिलाओं को प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के दर्शन करवाना है। उन्होंने कहा कि अब तक कई महिला मंडलों को शक्तिपीठों की यात्रा करवाई जा चुकी है और आगे भी यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।
इस यात्रा के अंतर्गत महिलाओं को ज्वाला जी मंदिर, बगलामुखी मंदिर सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन भी करवाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि महिलाओं को एकजुट कर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक यात्राएं करवाना ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की बहनों और माताओं को सशक्त बनाना और उन्हें सामाजिक रूप से जोड़ना भी है। इसके साथ ही वे गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं।
सुनील शर्मा ने भरोसा दिलाया कि वे सदर क्षेत्र की जनता के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे और जनसेवा के कार्यों को आगे भी इसी तरह जारी रखेंगे।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा


बिलासपुर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के माइंड्स (Mental Health Initiative for Needs and Development for Students) सेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शीर्षक “कसम: द थेरेपी” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के ऑडिटोरियम में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगीत के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और तनावमुक्त, सकारात्मक वातावरण प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि अपनी भावनाओं को व्यक्त करना और एक-दूसरे से जुड़ना मानसिक उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, डीन अकादमिक डॉ. रुपाली परलेवार एवं डीन परीक्षा डॉ. निधि पुरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “कसम द थेरेपी” बैंड की प्रस्तुतियां रहीं। बैंड ने अपने मधुर संगीत से पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा और सुकून से भर दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि उपस्थित लोगों को भावनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी प्रदान किया।
आयोजन के अंत में अतिथियों एवं कलाकारों को सम्मानित किया गया तथा आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह पहल संस्थान में सहयोगात्मक एवं संवेदनशील माहौल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आरजीडी बंद करने का जवाब निकाय चुनावों में मिलेगा: संदीप सांख्यान


बिलासपुर
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा है कि रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरजीडी) बंद करने का खामियाजा भाजपा को आने वाले स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दोहरे मापदंडों को हिमाचल की जागरूक और पढ़ी-लिखी जनता भली-भांति समझ चुकी है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि आरजीडी बंद होने से प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जिससे जनता में रोष है। उन्होंने दावा किया कि इसका सीधा फायदा कांग्रेस को स्थानीय निकाय चुनावों में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा आक्रोश रैलियों के माध्यम से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार का हिमाचल के प्रति नकारात्मक रवैया अब लोगों के सामने स्पष्ट हो चुका है।
सांख्यान ने कहा कि पांच वर्षों में प्रदेश को 40 से 50 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अंदेशा है, जिसे जनता भली-भांति समझ रही है। ऐसे में स्वाभाविक है कि इस मुद्दे पर जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करेगी।
उन्होंने कहा कि भले ही स्थानीय निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, लेकिन आरजीडी बंद होने की टीस हर हिमाचलवासी के मन में है, जिसका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिलेगा।
संदीप सांख्यान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाजपा और केंद्र सरकार को करारा संदेश दें।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया तीन दिवसीय रुक्मणी कुंड मेले का विधिवत शुभारंभ

  समाज व परिवार के उत्थान व कल्याण को किये महिलाओं के त्याग एवं बलिदान को किया नमन  बिलासपुर  नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी श...