फोरलेन बनने के बाद व्यापार प्रभावित, रोजगार के लिए बड़े संस्थान की जरूरत: आशीष ठाकुर

लूहनू मैदान को सतलुज नदी के किनारे से ऊपर तक एकीकृत कर विकसित किया जाए

बिलासपुर

हिमकोफेड निदेशक आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में व्यापार और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि फोरलेन दूसरी ओर से गुजरने के बाद स्थानीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ा है और व्यापार में काफी कमी आई है, जिससे शहर के व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 आशीष ठाकुर ने सुझाव दिया कि बिलासपुर शहर के दो किलोमीटर के दायरे में कोई बड़ा संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने लूहनू खेल मैदान के विस्तार की भी बात उठाई। उनका कहना है कि यदि लूहनू मैदान को सतलुज नदी के किनारे से ऊपर तक एकीकृत कर विकसित किया जाए, तो यह एक बड़ा और आधुनिक खेल मैदान बन सकता है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि खेलों के विकास में पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर का बिलासपुर के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा इसी दिशा में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और बिलासपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की मांग उठाई जाएगी। ताकि रोजगार के साधन बढ़ सके और युवाओं को नशे से बचाया जा सके।

घुमारवीं सिविल अस्पताल को मिले नए चिकित्सा उपकरण, नई एंबुलेंस को मिली हरी झंडी

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण


बिलासपुर 

नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतरीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना सरकार की प्राथमिकता

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। 



 स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। 

इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

जिला में एससीडीपी के माध्यम से गत तीन वर्षों में व्यय हुए हैं 188 करोड़ रुपये: कुलदीप कुमार धीमान


हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने आज एससीडीपी के अंतर्गत चल रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की

बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग ने आज बचत भवन, बिलासपुर में अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम (एससीडीपी) के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने की। बैठक में आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, विजय डोगरा तथा शालिनी जम्वाल भी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि एससी आयोग जिला स्तर पर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहा है तथा अब तक प्रदेश भर में लगभग आधा दर्जन जिलों में इन बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं के प्रावधानों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित बनाने तथा पात्रों को लाभान्वित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि एससी समुदाय से जुडा कोई भी पात्र वंचित न रहे। इसके साथ-साथ एससी समुदाय की विभिन्न जन शिकायतों को सुनना तथा प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के माध्यम से समयबद्ध निवारण सुनिश्चित बनाना भी आयोग का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक के दौरान कई कमियां सामने आई है जिस बारे उन्होंने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध दुरूस्त करने तथा आगामी बैठक में पूरी तैयारी के साथ शामिल होने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति आयोग एक संवैधानिक संस्था है तथा जिला बिलासपुर में लगभग 26 प्रतिशत अनुसूचित जाति समुदाय की आबादी है। ऐसे में सभी अधिकारी एससी समुदाय से जुड़ी सभी योजनाओं को पूरी गम्भीरता के साथ क्रियान्वित करने का कार्य करें तथा किसी भी प्रकार की कोताही पर आयोग पूरी गम्भीरता से संज्ञान लेगा।
कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि बिलासपुर में स्थापित इको पार्क को नशे के लिए दुरूप्योग होने का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस दिशा में ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को नशा मुक्त एवं चिट्टा मुक्त बनाने का है, ऐसे में जिला पुलिस प्रशासन विशेष टीम गठित कर नशे में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आयोग के माध्यम से जो भी शिकायत संबंधित विभागों को प्रेषित की गई है, उन पर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्यवाही की रिपोर्ट आयोग को देना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि जिला में एससीडीपी के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 73.13 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 71.24 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 में 43.77 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है। इसी तरह जिला में 48 हजार 157 पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की गई है, जिनमें 13 हजार 771 अनुसूचित जाति समुदाय से सम्बन्धित है। जिला में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर लगभग 157 करोड़ रुपये व्यय किए हैं। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के माध्यम से गृह निर्माण के लिए जिला में 2.58 करोड़ रूपये जबकि अंतर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना के माध्यम से गत तीन वर्षों में 3.45 करोड़ रुपये व्यय किए है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को प्रदेश सरकार ने 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 80 रुपये, मक्की का 50 रुपये, कच्ची हल्दी का 150 रुपये तथा अदरक का 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया है। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को इस बारे व्यापक प्रचार-प्रसार ने के भी निर्देश दिए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित किया जा सके।
इससे पहले उन्होंने बचत भवन में स्थापित डाॅ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र का अनावरण भी किया।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अनुसूचित जाति आयोग का जिला बिलासपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों पर समयबद्ध अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर जिला के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घुमारवीं के चैहड़ दंगल के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि की शिरकत



 संपर्क सड़क के निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत किये 20 लाख, 27 लाख से सृजित होंगी पहलवानों के लिए सुविधाएं

बिलासपुर ( सुनील ठाकुर)

 नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं के प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक चैहड़ दंगल के समापन कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
इस अवसर पर चैहड़ दंगल आयोजन समिति को सफल आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि घुमारवीं का चैहड़ एक ऐतिहासिक और प्रसिद्ध दंगल है। जिसमें भाग लेने के लिए दूर-दूर से पहलवान यहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि पहलवानों की सुविधा के लिए कमरे के निर्माण कार्य एवं अन्य सुविधाओं के लिए प्राप्त प्राकक्कलन के अनुसार 27 लाख रूपये की राशि स्वीकृत कर निर्माण एजेंसी हिमुडा को हस्तांतरित कर दिया गया है। 

 आज चैहड़ दंगल स्थल की ओर आने वाली संपर्क सड़क के निर्माण कार्यों के लिए भी 20 लाख रूपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन दोनों विकास कार्यों को अगले दंगल से पूर्व पूर्ण कर लिया जाएगा।
इससे पहले चैहड़ दंगल आयोजन समिति के अध्यक्ष जोगिन्द्र सिंह चंदेल सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यातिथि का स्वागत किया।इस अवसर पर पूर्व विधायक सुभाष ठाकुर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

हिमाचल केसरी के विजेता रहे सिद्धार्थ मंडी जिन्हें 25 हजार की ईनामी राशि और गुर्ज दिया गया जबकि उप विजेता रहे सुंदरनगर के भूषण उन्हें 21 हजार की ईनामी राशि दी गई।
चैहड़ कुमार के विजेता ऊना के हरजिंदर कुमार रहे उन्हें 11 हजार की ईनामी राशि और गुर्ज दिया गया तथा उप विजेता मसौर के अभिनव रहे इन्हें 9 हजार का इनाम दिया गया।
भारत केसरी का मुकाबला चला हुआ है। 

इस दंगल में भारत केसरी के विजेता उमेश यादव मधुरा इनको 1 लाख और गुर्ज दिया गया और उप विजेता रहे साकेत यादव महाराष्ट्र को 75 हजार का इनाम दिया गया। 

“अच्छा वकील वही जो मेहनत, अध्ययन और प्रस्तुति से न्याय दिलाए”—अविनाश राय खन्ना


बाहरा यूनिवर्सिटी में 5वीं मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन, पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने किया उद्घाटन

सोलन


बाहरा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ लॉ द्वारा आयोजित 5वीं बाहरा यूनिवर्सिटी मूट कोर्ट प्रतियोगिता (16 से 18 अप्रैल 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में पूर्व सांसद एवं वरिष्ठ विधिवेत्ता अविनाश राय खन्ना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के चांसलर गुरविंदर सिंह बाहरा ने की।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि अविनाश राय खन्ना ने विधि के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सामान्य वकील और एक सफल वकील में सबसे बड़ा अंतर उसकी तैयारी, प्रस्तुति और दृष्टिकोण में होता है। उन्होंने कहा कि वकालत केवल धन कमाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जहाँ वकील अदालत और न्याय के बीच एक सेतु का कार्य करता है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक ही कानून, एक ही तथ्य और एक ही प्रक्रिया होने के बावजूद, अलग-अलग वकील अपने तर्क और प्रस्तुति के आधार पर अलग परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि गहन अध्ययन, केस की समझ और आत्मविश्वास ही सफ़लता की कुंजी है।

खन्ना ने अपने प्रारंभिक वकालत के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और एक कमज़ोर दिखने वाले केस को गहन अध्ययन और कानूनी समझ के आधार पर जीता। उन्होंने कहा कि वकील को हर केस को चुनौती के रूप में लेना चाहिए और पूरी तैयारी के साथ अदालत में प्रस्तुत होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं छात्रों को वास्तविक न्यायिक प्रक्रिया का अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उन्हें कानून, प्रक्रिया और प्रस्तुति कौशल सीखने का अवसर मिलता है। यह मंच भविष्य के सफ़ल वकीलों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि केस की बारीकियों, दस्तावेज़ों की समझ और कानूनी शब्दावली पर भी गहरी पकड़ बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि एक वकील को अपने मुवक्किल के साथ समय बिताना चाहिए, क्योंकि वही अपने केस का सबसे अच्छा मार्गदर्शक होता है।

कार्यक्रम में देशभर से आई विभिन्न टीमों ने भाग लिया और प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी कानूनी समझ और तर्क क्षमता का प्रदर्शन किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशा व्यक्त की कि यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सीखने का मंच सिद्ध होगी।

अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास और न्यायिक क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करते हैं।

“हिमाचल में कांग्रेस की प्रतिशोध की राजनीति—एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा: संदीपनी भारद्वाज”



विधायक पर कार्रवाई को बेसब्र और चेस्टर हिल पर क्यों विवश हैं मुख्यमंत्री 
“कानून नहीं, बदले की भावना से हो रही कार्रवाई—जनता सब देख रही है, जवाब जरूर देगी”

शिमला
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने हमीरपुर में भाजपा विधायक के परिजनों से जुड़े मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पूरी तरह प्रतिशोध की राजनीति पर उतर आई है और सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। जबकि चेस्टर हिल में हुआ भ्रष्टाचारी पर सरकार बिल्कुल खामोश है। सदन से लेकर सड़क तक भाजपा सवाल पूछ रही हैं और मुख्यमंत्री बचकाने बहाने बना रहे हैं। कभी कहते हैं कि हमें पता ही नहीं और कभी कहते हैं कि सीएस को हमने अब बयाना देने से मना कर दिया है? 1500 करोड़ से ज़्यादा के घोटाले जिसमें उनके नाक के नीचे का काम करने वाले अधिकारियों पर संगीन आरोप लग रहे हैं और मुख्यमंत्री को चुप्पी उनकी बेबसी बताने के लिए काफ़ी है। सवाल यह है कि वह इतने बेबस क्यों हैं? जबकि उन्ही के मुख्यमंत्री रहते उनके जिले में उनकी पार्टी को पटखनी देने वाले विधायक को प्रताड़ित करने के लिए वह क़ानूनी और नैतिकता की सारी सीमाएं लाँघ रहे हैं। 


उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कानून के नाम पर चुनिंदा कार्रवाई की जा रही है, जबकि प्रदेश में कई गंभीर मुद्दों पर सरकार पूरी तरह मौन है।
“जहां सरकार को माफियाओं और बढ़ते अपराध पर कार्रवाई करनी चाहिए, वहां वह राजनीतिक विरोधियों को दबाने में जुटी हुई है,” उन्होंने कहा।
संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार निष्पक्ष जांच में विश्वास नहीं रखती, बल्कि राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।
“यह न्याय नहीं, बल्कि सत्ता का दुरुपयोग है,” उन्होंने तीखा प्रहार किया।
उन्होंने कहा कि अदालतों में मामला विचाराधीन है और कानून अपना काम करेगा, लेकिन सरकार जिस तरह से इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर प्रस्तुत कर रही है, वह उसकी मंशा पर सवाल खड़े करता है।
“कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र में विपक्ष को दबाने की कोशिशें कभी सफल नहीं होतीं,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान राजनीतिक बदले की कार्रवाई पर केंद्रित है।
“जनता की समस्याएं जस की तस हैं और सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है,” उन्होंने कहा।
अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि भाजपा इस तरह की राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी और जनता के बीच सच्चाई को उजागर करती रहेगी।
“हिमाचल की जनता सब देख रही है—समय आने पर इसका जवाब जरूर मिलेगा,” उन्होंने कहा।

स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में ‘दीये तले अंधेरा’, ICU में स्वास्थ्य व्यवस्था—चायल अस्पताल बना ‘रेफर सेंटर’, मरीज बेहाल : रमा ठाकुर




शिमला 
भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी रमा ठाकुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत जाननी हो तो चायल सिविल अस्पताल का हाल देख लेना ही काफी है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह बदहाली किसी दूरदराज क्षेत्र की नहीं, बल्कि खुद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल के विधानसभा क्षेत्र की है। यहां हालात ऐसे हैं मानो सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दिया हो।

रमा ठाकुर ने कहा कि करीब 40 से 50 किलोमीटर के दायरे को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाला चायल सिविल अस्पताल आज खुद ही ‘आईसीयू’ में नजर आ रहा है। अस्पताल में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही जरूरी विशेषज्ञ। पूरा अस्पताल डेपुटेशन के सहारे चलाया जा रहा है, जो यह साफ दर्शाता है कि सरकार के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही क्षेत्र की जनता के प्रति कोई गंभीरता।

उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि ‘रेफर सेंटर’ बनकर रह गया है। यहां आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार तक सही ढंग से नहीं मिल पा रहा और उन्हें सीधे शिमला, सोलन या निजी अस्पतालों की ओर भेज दिया जाता है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह स्थिति बेहद पीड़ादायक है, क्योंकि उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की भारी बर्बादी होती है।
उन्होने कहा कि स्थानीय लोगों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के साथ खुला अन्याय है। जब स्वास्थ्य मंत्री के अपने क्षेत्र का यह हाल है, तो बाकी प्रदेश की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
क्षेत्रवासियों ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि चायल सिविल अस्पताल को तुरंत प्रभाव से सुचारु रूप से चलाया जाए। विशेष रूप से मेडिसिन, स्त्री रोग विशेषज्ञ और बाल रोग विशेषज्ञ के पदों को हर हाल में जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही समुचित इलाज मिल सके। इसके साथ ही अस्पताल में आवश्यक उपकरणों और सुविधाओं को भी तत्काल उपलब्ध कराया जाए।


ठाकुर ने सरकार को चेताया यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सरकार को स्थानीय लोगों के आक्रोश को झेलना पड़ेगा। ऐसे किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी सरकार और स्वास्थ्य विभाग की होगी। सरकार इस गंभीर स्थिति को समझते हुए समय रहते कार्रवाई करे, नही तो चायल के लोग यूं ही बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का खामियाजा भुगतते रहेंगे।

फोरलेन बनने के बाद व्यापार प्रभावित, रोजगार के लिए बड़े संस्थान की जरूरत: आशीष ठाकुर

लूहनू मैदान को सतलुज नदी के किनारे से ऊपर तक एकीकृत कर विकसित किया जाए बिलासपुर हिमकोफेड निदेशक आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में व्याप...