पशुपालकों के चेहरों पर आ रही है मुस्कान, दूध के अब मिल रहे हैं बेहतर दाम

प्रदेश में दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
जिला बिलासपुर में 7490 किसानों के माध्यम से प्रतिदिन 30,446 लीटर दूध का हो रहा उत्पादन

बिलासपुर 

 प्रदेश सरकार द्वारा दुग्ध उत्पादकों के हित में उठाया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारण का कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया है। इस निर्णय से न केवल किसानों और पशुपालकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, बल्कि उनकी आय में स्थिरता और वृद्धि भी सुनिश्चित हो रही है।

प्रदेश सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां पशुपालन आजीविका का एक प्रमुख साधन है। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने से अब पशुपालकों को बाजार के मोल-भाव से राहत मिली है और उन्हें अपने उत्पाद का सुनिश्चित मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे पशुपालन व्यवसाय के प्रति लोगों का रुझान भी बढ़ा है।
जिला बिलासपुर के पशुपालकों की बात करें तो यहां के किसान भी सरकार के इस निर्णय से लाभान्वित हो रहे हैं। 

जब इस संबंध में दुग्ध उत्पादक किसान किशन लाल निवासी चंगर से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने दो भैंसें पाल रखी है तथा प्रतिदिन 4 से 5 लीटर दूध का क्रय करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका दूध घर से ही अच्छे दामों में बिक जाता है। दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है जिससे अब उन्हें दूध के अच्छे दाम मिल पा रहे हैं तथा उनकी आर्थिकी को भी मजबूती मिली है।

इसी तरह बिलासपुर के लखनपुर निवासी पानो देवी का भी कहना है कि वह पशुपालन का कार्य करती हैं। उन्होंने गाय व भैंस पाल रखी है तथा प्रतिदिन तैयार दूध का क्रय वह घर से ही कर रही हैं जिसके उन्हें अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य 61 रुपये तथा भैंस का 71 रुपये निर्धारित करने के लिए आभार जताया। यही नहीं जिला के जुखाला क्षेत्र के गांव धमथल की ही दुग्ध उत्पादक किसान रीना देवी भी गाय व भैंस के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताती हैं, जिसके कारण अब उन्हें दूध के अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं।

जिले के अन्य पशुपालकों का भी कहना है कि दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण उनके लिए आर्थिक संबल का कार्य कर रहा है। समय-समय पर इसमें की जा रही वृद्धि से उनकी आय में निरंतर बढ़ौतरी हो रही है। प्रदेश सरकार की यह पहल न केवल पशुपालकों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है, बल्कि इससे दुग्ध उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी:
उप-निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन डाॅ. किशोरी लाल शर्मा ने बताया कि जिला बिलासपुर में 7490 किसानों के माध्यम से प्रतिदिन 30,446 लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है जिसमें कामधेनु हितकारी मंच नम्होल तथा कहलूर मिल्क उत्पादक को-ऑपरेटिव सोसाइटी नम्होल भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा विभाग के माध्यम से फ्राइट सब्सिड़ी योजना के अंतर्गत दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 3 रूपये फ्राइट सब्सिड़ी तथा तीन रूपये प्रति लीटर दूध पर इंसेंटिव दिया जा रहा है।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि प्रदेश सरकार की विभिन्न विभागों के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं को पूरी गंभीरता के साथ धरातल पर क्रियान्वित किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्रों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।

नारी शक्ति वंदन केवल बिल नहीं, BJP की विचारधारा का मूल—मोदी सरकार ने बदली महिलाओं की तकदीर : डॉ जितेंद्र सिंह



50 साल तक टालती रही कांग्रेस, मोदी सरकार ने दिया 33% आरक्षण का रास्ता : डॉ जितेंद्र सिंह 
“‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ कहने वाली प्रियंका गांधी ने महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई क्यों छोड़ी?” : सरोज पांडे 

शिमला
केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और देश में महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बनाया है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया था कि उनकी सरकार गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है और पिछले एक दशक में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह अभूतपूर्व है।
उन्होंने 15 अगस्त 2014 के प्रधानमंत्री के संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि लाल किले से शौचालय निर्माण की बात करना एक क्रांतिकारी सोच थी, जिसने महिलाओं के स्वास्थ्य, गरिमा और सुरक्षा को राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़े पैमाने पर शौचालयों का निर्माण हुआ, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता आई और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन मिला।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना ने करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाई और उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घंटों चूल्हे के धुएं में काम करती थीं, जबकि अब वे समय बचाकर स्वरोजगार और अन्य गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं की क्षमता पहले भी मौजूद थी, लेकिन उन्हें उचित अवसर नहीं मिल पाए थे। मोदी सरकार ने नीतियों और योजनाओं के माध्यम से वह अवसर प्रदान किया, जिसका परिणाम आज सिविल सेवाओं, तकनीकी शिक्षा, शोध और रक्षा सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल भागीदारी नहीं कर रही हैं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग थी और मोदी सरकार ने इसे गंभीरता से आगे बढ़ाया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इस ऐतिहासिक पहल को बाधित करने का काम किया।
उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि पिछले 50 वर्षों से महिला आरक्षण की बात करने वाली पार्टी ने कभी इसे लागू करने का साहस नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार ने ठोस समाधान प्रस्तुत किया, तब विपक्ष ने विभिन्न बहानों और तकनीकी मुद्दों का सहारा लेकर इस प्रक्रिया को रोकने का प्रयास किया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात करार दिया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपने संगठन में पहले ही महिलाओं को 33 प्रतिशत से अधिक भागीदारी दी है, जबकि कांग्रेस आज तक अपने संगठन में भी इसे लागू नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में महिलाओं को अवसर नहीं, बल्कि परिवारवाद के आधार पर सीमित स्थान मिलता है, जबकि भाजपा में मेरिट के आधार पर महिलाओं को आगे बढ़ाया जाता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को लेकर जागरूक हैं और आने वाले समय में यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के प्रति सजग है और वह किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल को स्वीकार नहीं करेगी।
इस अवसर पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को लंबे समय तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया गया, लेकिन जब उन्हें अधिकार देने का अवसर आया, तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने प्रियंका गांधी के “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी लड़ाई के समय यह नारा कहीं नजर नहीं आया।
उन्होंने कहा कि संसद में बिल गिरने के बाद विपक्ष का रवैया महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है और यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और आगे भी इस दिशा में कार्य करती रहेगी।
अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि एक ओर मोदी सरकार है, जिसने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस नीतियां और अवसर दिए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस है, जिसने हर बार महिलाओं के अधिकारों को टालने और रोकने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं इस अंतर को समझती हैं और आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगी।

बेहतर भविष्य निर्माण के लिए विद्यार्थी वर्तमान में करें कड़ी मेहनत: राजेश धर्माणी


तकनीकी शिक्षा मंत्री ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में 10 किलोवाट क्षमता के सोलर इंक्यूबेशन केंद्र का लोकार्पण, मेडिकल कैंप का भी शुभारंभ किया
बिलासपुर

 नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज के.के. फाउंडेशन के माध्यम से राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में स्थापित 10 किलोवाट क्षमता के सोलर इंक्यूबेशन केंद्र का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने के.के. फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक मेडिकल कैंप का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार ने की। इस मौके पर के.के. फाउंडेशन के चेयरमैन के.के. कश्यप भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में 10 किलोवाट क्षमता का सोलर इंक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने के लिए के.के. फाउंडेशन के अध्यक्ष के.के. कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सामाजिक सेवा के क्षेत्र में निरंतर सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार एक अन्य सोलर इंक्यूबेशन केंद्र राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान कलोल में भी स्थापित किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही समर्पित किया जाएगा।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी जीवन सबसे उपयुक्त समय होता है। अनुशासन में रहकर पूर्ण समर्पण के साथ की गई कड़ी मेहनत ही सफलता की नींव रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान समय का सदुपयोग करें। कॉलेज की पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात उन्हें समाज की विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, जिसके लिए उन्हें स्वयं को तैयार रखना होगा।

 कड़ी मेहनत के बावजूद यदि सफलता प्राप्त नहीं होती है तो नया लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनेक विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से निपटने के लिए तीन मंत्र दिए— पहला, उन परिस्थितियों में कार्य करें जिन्हें वे नियंत्रित कर सकते हैं; दूसरा, उन स्थितियों में आगे बढ़ें जिन्हें वे प्रभावित कर सकते हैं; तथा तीसरा, उन परिस्थितियों के लिए भी स्वयं को तैयार रखें जिन्हें वे न तो नियंत्रित कर सकते हैं और न ही प्रभावित। उन्होंने कहा कि दूसरों की परवाह किए बिना स्वयं को इतना सक्षम बनाएं कि कोई भी उन्हें आगे बढ़ने से रोक न सके। अभिभावकों, परिवार और समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को ग्रीन एनर्जी राज्य के रूप में स्थापित करने के लिए कार्यरत है। जो विद्यार्थी पढ़ाई पूर्ण करने के बाद सोलर पावर प्रोजेक्ट स्थापित कर स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं, उनके लिए सरकार 2 मेगावाट तक के प्रोजेक्ट पर 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। साथ ही ऋण सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है तथा सरकार बिजली की खरीद भी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी फैसिलिटेटर तथा कंसल्टेंट के रूप में भी कार्य कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में हाइड्रो पावर के क्षेत्र में भी अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को एलुमनाई नेटवर्क तथा ऑनलाइन मेंटरशिप पर भी कार्य करने का सुझाव दिया, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार को यूथ आइकॉन के रूप में नामित किया है, जो आने वाले समय में युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध में लगभग 550 सैनिक शहीद हुए थे तथा दो सैनिकों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें कैप्टन संजय कुमार भी शामिल हैं।

उन्होंने कॉलेज के विभिन्न विकास कार्यों के लिए भविष्य में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया।

इस दौरान उन्होंने कॉलेज की विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया तथा आठवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों हर्ष शर्मा एवं काव्यांश द्वारा तैयार सोलर पायरोसिस मॉडल का अवलोकन कर उनके प्रयासों की सराहना की।

इससे पूर्व कॉलेज के प्राचार्य प्रो. उमेश राठौर ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से कॉलेज की विस्तृत जानकारी दी तथा मुख्यातिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव विवेक कुमार, हिमुडा निदेशक जितेंद्र चंदेल, जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष तृप्ता, पूर्व जिला पार्षद गौरव शर्मा, राजेंद्र ठाकुर, जिला कोऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन रणजीत कश्यप, पूर्व प्रधान निर्मला राजपूत, निदेशक तकनीकी शिक्षा दिनेश कुमार, कॉलेज प्राचार्य प्रो. उमेश राठौर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कॉलेज के प्राध्यापक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


महिला आरक्षण पर विधायक कटवाल का विपक्ष पर हमला, बताया ‘महिला विरोधी सोच’


बिलासपुर

बिलासपुर के विधायक जीत राम कटवाल ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मानसिकता आज भी परिवारवाद और केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित है, जबकि केंद्र सरकार देश की आधी आबादी को सशक्त करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है।
कटवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पर भी विपक्ष ने सकारात्मक सहयोग देने के बजाय विरोध की राजनीति को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार लोकसभा में परिसीमन का मुद्दा उठाकर इस विधेयक का विरोध करना कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन की संवैधानिक प्रक्रिया वर्ष 2026 के लिए पहले से निर्धारित है, जिसकी व्यवस्था पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय ही की गई थी।
विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी कई राष्ट्रीय महत्व के फैसलों का विरोध किया है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक कानून, वस्तु एवं सेवा कर (GST), आयुष्मान भारत योजना, सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसे निर्णयों का उदाहरण देते हुए कहा कि हर बड़े फैसले पर विपक्ष ने या तो विरोध किया या सबूत मांगकर सेना और सरकार का मनोबल गिराने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी विपक्ष की वही नकारात्मक राजनीति सामने आई है, जिसे देश की जनता देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
कटवाल ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

नारी वंदन बिल पारित न होने पर विधायक रणधीर शर्मा ने जताई निराशा


बिलासपुर

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणधीर शर्मा ने आज संसद में नारी वंदन बिल पारित न होने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था, लेकिन विपक्ष की नकारात्मक राजनीति के कारण इसे पारित नहीं किया जा सका।
रणधीर शर्मा ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रही है। नारी वंदन बिल के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे देश के विकास में उनकी भूमिका और अधिक मजबूत होती।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर मुद्दे पर भी राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि विपक्ष वास्तव में महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होता, तो इस महत्वपूर्ण विधेयक को समर्थन देता।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी भविष्य में भी इस बिल को पारित कराने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी और देश की माताओं-बहनों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
अंत में रणधीर शर्मा ने देश की महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

फोरलेन बनने के बाद व्यापार प्रभावित, रोजगार के लिए बड़े संस्थान की जरूरत: आशीष ठाकुर

लूहनू मैदान को सतलुज नदी के किनारे से ऊपर तक एकीकृत कर विकसित किया जाए

बिलासपुर

हिमकोफेड निदेशक आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में व्यापार और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि फोरलेन दूसरी ओर से गुजरने के बाद स्थानीय व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ा है और व्यापार में काफी कमी आई है, जिससे शहर के व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 आशीष ठाकुर ने सुझाव दिया कि बिलासपुर शहर के दो किलोमीटर के दायरे में कोई बड़ा संस्थान स्थापित किया जाना चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने लूहनू खेल मैदान के विस्तार की भी बात उठाई। उनका कहना है कि यदि लूहनू मैदान को सतलुज नदी के किनारे से ऊपर तक एकीकृत कर विकसित किया जाए, तो यह एक बड़ा और आधुनिक खेल मैदान बन सकता है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
उन्होंने बताया कि खेलों के विकास में पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर का बिलासपुर के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा इसी दिशा में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और बिलासपुर में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी खोलने की मांग उठाई जाएगी। ताकि रोजगार के साधन बढ़ सके और युवाओं को नशे से बचाया जा सके।

घुमारवीं सिविल अस्पताल को मिले नए चिकित्सा उपकरण, नई एंबुलेंस को मिली हरी झंडी

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने किया अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण


बिलासपुर 

नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों का लोकार्पण किया जिनमें एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, अल्ट्रासाउंड (यूएसजी) मशीन, मल्टीपारा मॉनिटर तथा लेप्रोस्कोपिक उपकरण शामिल हैं। इन सभी आधुनिक मशीनों एवं उपकरणों तथा एंबुलेंस की अनुमानित लागत लगभग 2 करोड़ 15 लाख रुपये है। यह उपकरण एचडीएफसी बैंक के माध्यम से ‘सीएसआर फंड’ के अंतर्गत डॉक्टर फॉर यू एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। इस मौके पर उन्होंने एक नई वातानुकुलित एम्बुलेंस वाहन को भी हरी झंडी दिखाई। यह एम्बुलेंस वाहन कोटक महेंद्रा बैंक के माध्यम से उपलब्ध करवाई गई है। इन नई सुविधाओं के जुड़ने से नागरिक चिकित्सालय घुमारवीं में उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतरीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना सरकार की प्राथमिकता

इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में इन नवीन उपकरणों के स्थापित होने से अब मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं बेहतर स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले पुराने उपकरणों के माध्यम चिकित्सक ऑपरेशन कर रहे थे जिसमें कई तरह के जोखिम रहते थे। लेकिन अब अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हो जाने से जहां चिकित्सक कम समय में अधिक ऑपरेशन कर पाएंगे तो वहीं मरीजों को भी बेहतर एवं तुरंत चिकित्सा उपचार की सुविधा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि अब घुमारवीं सिविल अस्पताल में पथरी, हर्निया, अल्सर, स्त्री रोग से संबंधित ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सक ज्यादा सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। 



 स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस उपकरणों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्थापित की गई सभी मशीनें अत्याधुनिक तकनीक से युक्त एवं पूर्णतः स्वचालित हैं, जिससे मरीजों को अब बड़े अस्पतालों की ओर जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी तथा लोगों को घर-द्वार ही बेहतर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल में इन सभी उपकरणों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने सिविल अस्पताल घुमारवीं को अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा एंबुलेस वाहन उपलब्ध करवाने के लिए एचडीएफसी तथा कोटक महेंद्रा बैंक का आभार जताया। 

इस मौके पर खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपमा शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा आश्वासन दिया कि इन सभी सुविधाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर एसडीएम गौरव चैधरी, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, हिमुडा के अधिकारी, एचडीएफसी बैंक एवं कोटक महिंद्रा बैंक के प्रतिनिधि, अस्पताल के चिकित्सकों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पशुपालकों के चेहरों पर आ रही है मुस्कान, दूध के अब मिल रहे हैं बेहतर दाम

प्रदेश में दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था जिला बिलासपुर में 7490 किसानों के माध्यम से प्रतिदिन...