जामली में नाकाबंदी के दौरान कार से 3.15 ग्राम चिट्टा बरामद, तीन युवक गिरफ्तार


बिलासपुर: 

जिला बिलासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने गश्त और नाकाबंदी के दौरान जामली के पास एक कार से 3.15 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद कर तीन युवकों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर थाना की पुलिस टीम राष्ट्रीय राजमार्ग चंडीगढ़–मनाली (NH-205) पर जामली के पास नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ऑल्टो कार (नंबर HP 24B 9390) को शक के आधार पर जांच के लिए रोका गया। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो कार से 3.15 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ, जिसके बाद मौके पर ही तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंकज कुमार पुत्र सुरेश कुमार निवासी गांव पलोग, डाकघर डगसेच, तहसील सदर (उम्र 30 वर्ष), पंकज कुमार पुत्र रूपलाल निवासी गांव तराबड़ी, डाकघर दयोथ, तहसील सदर (उम्र 27 वर्ष) तथा दिनेश कुमार पुत्र देवराज निवासी गांव तराबड़ी, डाकघर दयोथ, तहसील सदर (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी चिट्टा कहां से लेकर आए थे और इसे कहां सप्लाई करने की योजना थी। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।
जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत आए दिन इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि वे नशे के खिलाफ अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
मामले की पुष्टि संदीप धवल (एसपी बिलासपुर) ने की है।

बिलासपुर में भाजपा का कांग्रेस पर हमला, “वित्तीय कुप्रबंधन से ठप पड़े विकास कार्य”



बिलासपुर 

श्री नयना देवी क्षेत्र में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिसका मुख्य कारण सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन है।
रणधीर शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों में ठेकेदारों के करोड़ों रुपये के भुगतान महीनों से लंबित पड़े हैं। इससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है और कई ठेकेदार कर्ज के बोझ तले दब गए हैं। साथ ही मजदूरों को भी समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों के पैसों से किए गए कार्यों पर सरकार श्रेय ले रही है, जबकि वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन वर्तमान में सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धन तक नहीं है।
भाजपा विधायक ने कहा कि भुगतान न होने के कारण कई परियोजनाएं अधर में लटक गई हैं, जिससे प्रदेश की जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बकाया भुगतान नहीं किया गया तो भाजपा सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन करेगी और सरकार की नाकामी को जनता के बीच उजागर करेगी।
अंत में रणधीर शर्मा ने कांग्रेस सरकार से मांग की कि लंबित भुगतानों का तुरंत निपटारा किया जाए और विकास कार्यों को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई

 *फीस वृद्धि और PGT अस्थाई भर्ती के खिलाफ ABVP का एचपीयू परिसर में विशाल प्रदर्शन*
 
 शिमला 

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में प्रदेश सरकार और प्रशासन की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एक विशाल धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से शिक्षा के बढ़ते बाजारीकरण (फीस वृद्धि) और PGT पदों पर की जा रही अस्थाई भर्तियों के विरोध में आयोजित किया गया।

इकाई मंत्री ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार देने के वादे करती है, वहीं दूसरी ओर PGT जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अस्थाई भर्तियां कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। ABVP मांग करती है कि ये नियुक्तियां नियमित आधार पर की जाएं ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं का सम्मान बना रहे।

इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में की गई भारी फीस वृद्धि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए विद्यार्थी परिषद ने इसे आम छात्रों की पहुंच से शिक्षा को दूर करने की साजिश बताया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस नहीं लिया गया और अस्थाई भर्ती प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।

मुख्य मांगे - 
   1. विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
   2. PGT के पदों पर की जा रही 'अस्थाई भर्ती' (Temporary Recruitment) को रद्द कर नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
   3. छात्र हितों की अनदेखी करने वाले प्रशासनिक रवैये में सुधार लाया जाए।

आज के इस धरने में भारी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

“चेस्टर हिल मामला बना कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार का प्रतीक—बेनामी जमीन और मनी लॉन्ड्रिंग ने खोली पोल”



प्रदेश की जमीन पर डाका डालने वालों को नहीं बख्शा जाएगा—निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई हो: राकेश जमवाल”

शिमला

भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने बहुचर्चित चेस्टर हिल प्रकरण में सामने आए नए खुलासों को प्रदेश की कांग्रेस सरकार के संरक्षण में पनपे बड़े भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी कर्मचारियों के नाम पर 150 बीघा से अधिक बेनामी जमीन खरीदना और इसमें मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप जुड़ना इस बात को दर्शाता है कि प्रदेश में संगठित तरीके से आर्थिक अपराध को अंजाम दिया गया।
जमवाल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित व्यक्तियों और उनके परिजनों के नाम पर सैकड़ों बीघा जमीन खरीदी गई, जो उनकी आय के स्रोतों से मेल नहीं खाती। यह स्पष्ट संकेत है कि काले धन को खपाने और नियमों को दरकिनार करने के लिए पूरे सिस्टम का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल कुछ व्यक्तियों की भूमिका नहीं, बल्कि कई स्तरों पर मिलीभगत की आशंका है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला केवल अवैध जमीन खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की भोली-भाली जनता के अधिकारों और संसाधनों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऐसे मामलों को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जाता रहा है, लेकिन अब सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही है।
राकेश जमवाल ने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जांच किसी भी दबाव या प्रभाव से मुक्त होनी चाहिए और इसमें शामिल हर दोषी—चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो—के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशभर में मजबूती से उठाएगी और जनता को सच्चाई से अवगत कराएगी। “प्रदेश की जमीन को लूटने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा न्याय और पारदर्शिता के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी,” जमवाल ने दृढ़ता के साथ कहा।

“महिला विरोधी कांग्रेस के खिलाफ शिमला में ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’—सोलन से 1500 महिलाएं लेंगी भाग”


कांग्रेस व इंडी गठबंधन ने महिला अधिकारों के साथ किया ‘पाप’—राजनीतिक स्वार्थ में रोका महिला सशक्तिकरण: संजीव कटवाल”

सोलन 

भाजपा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल ने आज भाजपा जिला सोलन की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से 23 अप्रैल को शिमला में आयोजित होने वाली “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” को लेकर रणनीति बनाई गई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि सोलन जिला से लगभग 1500 महिलाएं इस पदयात्रा में भाग लेंगी।
संजीव कटवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, सपा और डीएमके जैसे दलों ने हमेशा राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से ऊपर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों को रोककर महिलाओं के अधिकारों की हत्या करने का कार्य किया है।

कटवाल ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बार-बार षड्यंत्र रचे और जब भी महिलाओं को अधिकार देने की दिशा में प्रयास हुए, उन्होंने उसमें बाधाएं खड़ी कीं। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली को “सुधार-विरोधी” बताते हुए कहा कि इस दल की राजनीति हमेशा विकास कार्यों में देरी करने और फाइलों को अटकाने की रही है।
 भाजपा महिला सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” के माध्यम से कांग्रेस की महिला विरोधी नीतियों को जनता के बीच उजागर किया जाएगा।
इस बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष रतन पाल सिंह, रश्मि धर सूद, शैलेन्द्र गुप्ता, परमजीत सिंह पम्मी, लखविंद्र राणा, राकेश ठाकुर, भरत सैनी सहित कई भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

“चुनाव टालने की कोशिश में रही कांग्रेस, अब जनता देगी जवाब” : विपिन परमार

365 दिन तैयार भाजपा, जनविरोधी नीतियों पर लगेगा करारा प्रहार”

शिमला 
हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों की घोषणा के बाद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बीते तीन-चार महीनों से इन चुनावों को टालने का प्रयास कर रही थी, लेकिन अब जब चुनाव की तारीख घोषित हो गई है तो भारतीय जनता पार्टी इसका स्वागत और अभिनंदन करती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो 365 दिन जनता के बीच काम करती है और चुनावों के लिए हमेशा तैयार रहती है। इन शहरी निकाय चुनावों में भी भाजपा के नेता और कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में पार्टी इन चुनावों को गंभीरता और रणनीतिक रूप से लड़ेगी।

विपिन परमार ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को पूरी तरह जनविरोधी करार देते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जो 10 गारंटियां दी थीं, उनमें से एक भी गारंटी को धरातल पर पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव-गांव और शहर-शहर में जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से त्रस्त है और अब यह नाराजगी चुनाव में साफ दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल दरों में वृद्धि, नए-नए टैक्स और शुल्क लगाकर कांग्रेस सरकार ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है। भाजपा इन सभी जनविरोधी फैसलों को लेकर चुनावी रण में उतरेगी और जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी।
परमार ने दावा किया कि आने वाले शहरी निकाय चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और यह परिणाम 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के पक्ष में मजबूत आधार तैयार करेगा।

जिला में पंचायत चुनाव से पहले मतदान केंद्रों का किया औचक निरीक्षण


 एडीसी ने पंचायत पंजगाई, धौणकोठी व दरोबड़ में पोलिंग स्टेशनों में उपलब्ध सुविधाओं का लिया जायजा

 बिलासपुर, 21 अप्रैल :

पंचायत चुनाव 2026 के सुचारू एवं निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार के निर्देशानुसार अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने विकास खण्ड सदर के अंतर्गत ग्राम पंचायत पंजगाई, धौणकोठी व दरोबड़ में अधिसूचित पोलिंग स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया।
यह जानकारी सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) सतीश जमवाल ने देते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान पोलिंग स्टेशनों पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, पेयजल, फर्नीचर तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया गया। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि मतदान प्रक्रिया व्यवस्थित रूप से संचालित की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि आमजन की सुविधा एवं निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त दने जिले के समस्त उपमंडलाधिकारियों (ना.) तथा खंड विकास अधिकारियों को भी अपने-अपने अधीनस्थ क्षेत्रों में अधिसूचित मतदान केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर किसी प्रकार की कमी या असुविधा पाई जाती है, तो उसे संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से तत्काल प्रभाव से दूर किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

जामली में नाकाबंदी के दौरान कार से 3.15 ग्राम चिट्टा बरामद, तीन युवक गिरफ्तार

बिलासपुर:  जिला बिलासपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने ...