800 मीटर गहरी खाई में गिरी कार बनी आग का गोला, चिंतपूर्णी के पास दो जिंदा जले


चिंतपूर्णी

चिंतपूर्णी के समीप भरवाई क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। भरवाई से अंब की ओर जा रही एक स्विफ्ट कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 800 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद कार में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते वाहन आग का गोला बन गया।
खाई में गिरने के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आग की लपटों ने उसे पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार लोगों को संभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया।
बताया जा रहा है कि कार में सवार एक व्यक्ति किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया, लेकिन वह बुरी तरह झुलस गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरा व्यक्ति कार के अंदर ही फंस गया और जिंदा जल गया। दोनों मृतकों की पहचान पंजाब के लुधियाणा निवासी के रूप में की जा रही है, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
इस हादसे को लेकर एक और बड़ा सवाल यह है कि कार में कुल कितने लोग सवार थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, वाहन में दो से अधिक लोग भी हो सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने खाई में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, स्थानीय प्रशासन और चिंतपूर्णी मंदिर ट्रस्ट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद राहत एवं बचाव दल ने खाई में तलाशी अभियान शुरू किया, ताकि किसी अन्य संभावित सवार की जानकारी मिल सके।
पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आ रही है, लेकिन हादसे के पीछे की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। संकरी और घुमावदार सड़कों पर थोड़ी सी लापरवाही भी इस तरह के बड़े हादसों को जन्म दे सकती है।

बिलासपुर में पंचायती राज चुनाव प्रक्रिया शुरू, 26, 28 व 30 मई को मतदान


बिलासपुर

राज्य चुनाव आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की घोषणा के साथ ही जिला बिलासपुर में भी चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त राहुल कुमार ने बताया कि जिले में मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को होगा, जबकि नामांकन प्रक्रिया 7 मई से आरंभ होगी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही पूरे जिले में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है।
उपायुक्त ने बताया कि जिला बिलासपुर में पंचायती राज संस्थाओं के अंतर्गत जिला परिषद के 14 वार्ड, चार पंचायत समितियों के 97 वार्ड तथा 182 ग्राम पंचायतों के 1140 वार्ड शामिल हैं। विकासखंडवार विवरण के अनुसार सदर ब्लॉक में 49 पंचायतें (311 वार्ड), घुमारवीं में 63 पंचायतें (403 वार्ड), झंडूता में 45 पंचायतें (283 वार्ड) तथा श्री नैना देवी जी ब्लॉक में 25 पंचायतें (143 वार्ड) शामिल हैं।
जिले में कुल 3,14,120 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 1,57,772 पुरुष और 1,56,348 महिला मतदाता शामिल हैं। खंडवार आंकड़ों के अनुसार सदर में 80,309, घुमारवीं में 1,18,267, झंडूता में 78,351 तथा श्री नैना देवी जी में 37,193 मतदाता पंजीकृत हैं। इसके अलावा अनुपूरक मतदाता सूची में 1,541 नए मतदाताओं को जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि चुनाव तीन चरणों में होंगे। प्रथम चरण में 62, द्वितीय चरण में 62 और तृतीय चरण में 58 ग्राम पंचायतों में मतदान कराया जाएगा। विकासखंड के अनुसार घुमारवीं में प्रत्येक चरण में 21 पंचायतों, सदर में क्रमशः 17, 17 और 15 पंचायतों, झंडूता में 15-15 पंचायतों तथा श्री नैना देवी जी में 9, 9 और 7 पंचायतों में मतदान होगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

हिमाचल में पंचायत चुनावों का आज ऐलान, 31,214 सीटों पर बजेगा चुनावी बिगुल



शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान आज किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग दोपहर 3:40 बजे चुनावी शेड्यूल जारी करेगा। जैसे ही तारीखों की घोषणा होगी, पूरे प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी और गांव-गांव में सियासी गतिविधियां तेज हो जाएंगी।

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर प्रदेशभर में पहले ही माहौल गरमा चुका है। संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और समर्थकों के जरिए सोशल मीडिया व जमीनी स्तर पर जनसमर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। पंचायत चौपालों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चुनावी चर्चाएं जोर पकड़ चुकी हैं।

31,214 सीटों पर मुकाबला
इस बार पंचायत चुनावों में कुल 31,214 सीटों पर चुनाव होंगे। इनमें पंचायत सदस्य के 21,678 पद, पंचायत प्रधान के 3,758, उपप्रधान के 3,758, पंचायत समिति के 1,769 और जिला परिषद के 251 पद शामिल हैं। हर स्तर पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

कांगड़ा सबसे आगे, लाहौल-स्पीति सबसे पीछे
प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 6,977 सीटों पर चुनाव होंगे, जबकि लाहौल-स्पीति में सबसे कम 378 सीटें हैं। इसके अलावा मंडी में 4,762, शिमला में 3,523, चंबा में 2,584, सोलन में 2,216, ऊना में 2,139, कुल्लू में 2,043, हमीरपुर में 1,998, बिलासपुर में 1,615, सिरमौर में 2,344 और किन्नौर में 635 सीटों पर चुनाव होंगे।

पिछली बार से 636 सीटें ज्यादा
साल 2021 के पंचायत चुनावों में 30,578 सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि इस बार सीटों की संख्या बढ़कर 31,214 हो गई है। यानी इस बार 636 अधिक सीटों पर चुनाव होंगे, जिससे चुनावी मुकाबला और व्यापक होने जा रहा है।
पंचायत चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में लोकतंत्र का सबसे बड़ा ग्रामीण उत्सव शुरू हो जाएगा और गांव की सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।

बिलासपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: चम्पा पार्क के पास होटल में चल रहा था नशे का खेल, छापे में 12.95 ग्राम चिट्टा बरामद

होटल में छापा, 12.95 ग्राम चिट्टा बरामद — हरियाणा का युवक गिरफ्तार

बिलासपुर

 जिला बिलासपुर में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर Hotel Anant में दबिश देकर एक युवक को गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने होटल के कमरा नंबर 202 में छापा मारा, जो Champa Park के समीप स्थित है। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 12.95 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान तेजवीर सिंह (34) पुत्र अजमेर सिंह, निवासी गांव बहु जमालपुर, डाकघर गद्दी खेरी, तहसील व जिला रोहतक (हरियाणा) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला Sadar Police Station Bilaspur में दर्ज किया गया है और पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी नशे की इस खेप को कहां से लाया और किन लोगों तक सप्लाई करने की योजना थी।
बिलासपुर पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने जानकारी देते हुए बताया कि मामला दर्ज कर दिया गया है और आगामी करवाई 

खेल मैदानों पर ब्रेक और पेयजल योजनाओं में देरी पर भड़के सुरेश कश्यप, कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना


शिमला,

सुरेश कश्यप ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में विकास कार्य पूरी तरह ठप हो चुके हैं, जिससे युवाओं, खिलाड़ियों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा खेल प्रोत्साहन योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल मैदानों के निर्माण के लिए दी जाने वाली 15-15 लाख रुपये की राशि इस वर्ष जारी नहीं की गई है। इसके चलते प्रदेशभर में खेल अधोसंरचना के विकास पर असर पड़ा है।
कश्यप ने कहा, “खेल मैदानों के निर्माण पर ब्रेक लगाकर कांग्रेस सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया है।”
उन्होंने विशेष रूप से कांगड़ा जिले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां किसी भी विधानसभा क्षेत्र को इस योजना के तहत धनराशि नहीं मिली, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित खेल मैदान और जिम निर्माण कार्य अधर में लटक गए हैं।
पेयजल संकट को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा। कश्यप ने कहा कि सतलुज पेयजल योजना में हो रही देरी के कारण राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्रों में जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि परियोजना में देरी से विश्व बैंक की वित्तीय सहायता पर भी खतरा मंडरा सकता है।
“1168 करोड़ रुपये की यह महत्वपूर्ण परियोजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है, जो सरकार की लापरवाही और अक्षमता को दर्शाती है,” उन्होंने कहा।
कश्यप ने आरोप लगाया कि सरकार न तो योजनाओं को समय पर पूरा कर पा रही है और न ही बजट प्रबंधन सही तरीके से कर पा रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य ठप हैं।
“यह सरकार न युवाओं की सोच रही है, न खिलाड़ियों की और न ही आम जनता की—हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है,” उन्होंने कहा।

एम्स बिलासपुर ने आंखों के इलाज में लापरवाही के आरोपों को बताया निराधार, सोशल मीडिया अफ़वाहों का किया खंडन



बिलासपुर



अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक मरीज की शिकायत को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि इलाज के दौरान हुई धुंधली दृष्टि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं, बल्कि दवा का सामान्य और अस्थायी प्रभाव था।


अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, 60 वर्षीय सुनीता ठाकुर, जो लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित हैं, आंखों की रोशनी कम होने की शिकायत लेकर नेत्र रोग विभाग पहुंची थीं। जांच में उन्हें डायबिटिक रेटिनोपैथी और बाईं आंख में सूजन (एडिमा) पाई गई। तय प्रोटोकॉल के तहत 23 अप्रैल को उनकी बाईं आंख में एंटी-वीईजीएफ इंजेक्शन लगाया गया, जो पूरी तरह सफल रहा और किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई।
प्रबंधन ने बताया कि बाद में मरीज ने दाहिनी आंख में परेशानी की शिकायत की। जांच में पाया गया कि आंख को रगड़ने से कॉर्नियल एब्रेशन (पुतली पर हल्की खरोंच) हो गई थी। इसके उपचार के लिए डॉक्टरों ने एंटीबायोटिक दवाएं और एट्रोपिन आई ड्रॉप्स दीं तथा आंख पर पट्टी बांधी गई।

एम्स के अनुसार, एट्रोपिन ड्रॉप्स के कारण पुतली फैलने से अस्थायी रूप से धुंधला दिखना और रोशनी से संवेदनशीलता होना सामान्य है। मरीज को इस बारे में पहले ही लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया गया था। हालांकि, इसी प्रभाव को गलत समझकर मरीज ने इसे लापरवाही या ‘गलत आंख के ऑपरेशन’ के रूप में सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
संस्थान ने 25 अप्रैल को मरीज की दोबारा जांच की, जिसमें दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य पाई गई और इलाज के बाद किसी प्रकार की गिरावट दर्ज नहीं हुई।

“अस्पताल के रिकॉर्ड और उपचार प्रक्रिया पूरी तरह मानक नियमों के अनुरूप है। गलत आंख में इलाज का आरोप पूरी तरह निराधार है,” प्रबंधन ने स्पष्ट किया।
संस्थान ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाकर संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश की गई है। आम जनता से अपील की गई है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें।
(पुष्टि)
इस संबंध में जानकारी देते हुए कुलसचिव राकेश कुमार सिंह ने बताया कि मरीज की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और संस्थान में सभी उपचार प्रक्रियाएं तय मानकों के अनुसार ही की जाती हैं।

हाईकोर्ट ने कर्मचारी भर्ती अधिनियम किया खारिज, भाजपा बोली—हमारी आशंका साबित


बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम-2024 को लेकर भाजपा की आशंकाएं अब सही साबित होती नजर आ रही हैं। दिसंबर 2024 में पारित और फरवरी 2025 से लागू किए गए इस अधिनियम को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसे सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस अधिनियम के जरिए दिसंबर 2003 या उसके बाद के अनुबंध कर्मचारियों के लाभों को पूर्वव्यापी रूप से सीमित किया गया था, जिससे कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे थे। जीतराम कटवाल ने इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार ढंग से उठाते हुए सरकार को पहले ही आगाह किया था, लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

भाजपा के अनुसार, कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए इस अधिनियम का विभिन्न स्तरों पर विरोध हो रहा था। इसमें अनुबंध कर्मचारियों की वरिष्ठता नियुक्ति की तिथि के बजाय नियमितीकरण की तिथि से तय करने का प्रावधान किया गया था, जिससे उनके वेतनमान और पदोन्नति पर भी असर पड़ रहा था। कर्मचारियों के विरोध के बावजूद इसे लागू किया गया, लेकिन अब हाईकोर्ट के फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है।


जीतराम कटवाल ने पहले ही कहा था कि प्रदेश के विकास में कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया था कि किसी जूनियर कर्मचारी को उसके सीनियर से अधिक लाभ नहीं दिए जा सकते।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि इस अधिनियम के कारण कर्मचारियों को अदालत का रुख करना पड़ेगा, जिससे सरकार के कामकाज पर असर पड़ेगा। अब हाईकोर्ट द्वारा इस अधिनियम को खारिज किए जाने के बाद भाजपा का कहना है कि सरकार की नीतियां गलत थीं और उनकी आशंकाएं पूरी तरह सही साबित हुई हैं।

800 मीटर गहरी खाई में गिरी कार बनी आग का गोला, चिंतपूर्णी के पास दो जिंदा जले

चिंतपूर्णी चिंतपूर्णी के समीप भरवाई क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सन...