एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा


बिलासपुर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के माइंड्स (Mental Health Initiative for Needs and Development for Students) सेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का शीर्षक “कसम: द थेरेपी” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के ऑडिटोरियम में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य संगीत के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और तनावमुक्त, सकारात्मक वातावरण प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि अपनी भावनाओं को व्यक्त करना और एक-दूसरे से जुड़ना मानसिक उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, डीन अकादमिक डॉ. रुपाली परलेवार एवं डीन परीक्षा डॉ. निधि पुरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “कसम द थेरेपी” बैंड की प्रस्तुतियां रहीं। बैंड ने अपने मधुर संगीत से पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा और सुकून से भर दिया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि उपस्थित लोगों को भावनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम भी प्रदान किया।
आयोजन के अंत में अतिथियों एवं कलाकारों को सम्मानित किया गया तथा आयोजकों द्वारा सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। यह पहल संस्थान में सहयोगात्मक एवं संवेदनशील माहौल विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आरजीडी बंद करने का जवाब निकाय चुनावों में मिलेगा: संदीप सांख्यान


बिलासपुर
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा है कि रेवन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरजीडी) बंद करने का खामियाजा भाजपा को आने वाले स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दोहरे मापदंडों को हिमाचल की जागरूक और पढ़ी-लिखी जनता भली-भांति समझ चुकी है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि आरजीडी बंद होने से प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जिससे जनता में रोष है। उन्होंने दावा किया कि इसका सीधा फायदा कांग्रेस को स्थानीय निकाय चुनावों में मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा आक्रोश रैलियों के माध्यम से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार का हिमाचल के प्रति नकारात्मक रवैया अब लोगों के सामने स्पष्ट हो चुका है।
सांख्यान ने कहा कि पांच वर्षों में प्रदेश को 40 से 50 हजार करोड़ रुपये तक का नुकसान होने का अंदेशा है, जिसे जनता भली-भांति समझ रही है। ऐसे में स्वाभाविक है कि इस मुद्दे पर जनता भाजपा के खिलाफ मतदान करेगी।
उन्होंने कहा कि भले ही स्थानीय निकाय चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, लेकिन आरजीडी बंद होने की टीस हर हिमाचलवासी के मन में है, जिसका असर चुनाव परिणामों में देखने को मिलेगा।
संदीप सांख्यान ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भाजपा और केंद्र सरकार को करारा संदेश दें।

17 अप्रैल को बिलासपुर में निकलेगी आभार रैली: हिमकोफैड निदेशक आशीष ठाकुर


बिलासपुर
हिमकोफैड के नवनियुक्त निदेशक आशीष ठाकुर ने अपनी नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया है। शनिवार को बिलासपुर के सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का विशेष रूप से धन्यवाद किया।
उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल को बिलासपुर में आभार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गुरूद्वारा चौक से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर तक भव्य आभार रैली निकाली जाएगी, जिसके माध्यम से क्षेत्र की जनता का धन्यवाद किया जाएगा।
आशीष ठाकुर ने कहा कि जिला बिलासपुर में लगभग 800 से 900 सहकारी सभाएं (कोऑपरेटिव सोसाइटी) कार्यरत हैं। आने वाले समय में सभी सोसाइटियों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सुधार लाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

हर दिन बदलता चुनावी रोस्टर—लोकतंत्र पर सवाल: डॉ. राजीव बिंदल


“महंगाई और कुशासन से त्रस्त जनता, कांग्रेस के खिलाफ उबाल”


शिमला

 राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि महज तीन दिनों में तीन अलग-अलग चुनावी रोस्टर जारी होना अपने आप में बड़ा सवाल है। हर रोस्टर में आरक्षण की व्यवस्था अलग-अलग दिखाई दे रही है, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर संदेह पैदा हो रहा है।

उन्होंने कहा, “एक दिन रोस्टर जारी होता है, अगले दिन जनसंख्या बदल जाती है और नया रोस्टर सामने आ जाता है, और फिर तीसरे दिन एक और नया रोस्टर—यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुनियोजित चुनावी धांधली का संकेत है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पंचायत और नगर निकाय चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है और जनता का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है।

“आज जनता को यह भी भरोसा नहीं रहा कि आज जारी रोस्टर कुछ दिनों बाद भी वैसा ही रहेगा,” उन्होंने कहा।
सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में महंगाई और टैक्स के बोझ से आम आदमी परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल पर ₹10.40 वैट लगाने के बाद अब ₹5 प्रति लीटर सेस लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि सीमेंट के बढ़ते दाम, स्टांप ड्यूटी में इजाफा, एचआरटीसी किराए में वृद्धि, पानी-बिजली के महंगे बिल और राशन डिपो में बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
“बिजली के बिल करंट मार रहे हैं, पानी और राशन महंगे हो गए हैं—हर तरफ महंगाई ही महंगाई है,” उन्होंने कहा।
एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे प्रदेश की छवि पड़ोसी राज्यों में खराब हो रही है और लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और जनता अब इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आई है।
“यह लड़ाई सिर्फ भाजपा की नहीं, बल्कि आम जनता की है, और इस जनविरोधी सरकार को हटाकर ही दम लिया जाएगा,” उन्होंने निष्कर्ष में कहा।

10 दिन में मिला 10 लाख का क्लेम: डाक विभाग ने हादसे के पीड़ित परिवार को दिया त्वरित सहारा


बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश में डाक विभाग और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की समूह दुर्घटना सुरक्षा योजना ने एक बार फिर संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण पेश किया है। हमीरपुर मंडल के अंतर्गत एक दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मात्र 10 दिनों के भीतर बीमा राशि प्रदान कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला बिलासपुर के श्री नैना देवी क्षेत्र के गांव उटप्पर निवासी स्वर्गीय जोगिंदर सिंह का जम्मू के बनी नामक स्थान पर सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। हादसे के बाद उनके परिवार द्वारा समूह दुर्घटना सुरक्षा (GAG) पॉलिसी के तहत दावा प्रस्तुत किया गया।
सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे होने के बाद डाक विभाग ने तेजी दिखाते हुए महज 10 दिनों के भीतर दावा निपटान कर दिया। आज हमीरपुर मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर कंचन सिंह चौहान ने मृतक के पुत्र पंकज कुमार को 10 लाख रुपये की बीमा राशि का चेक सौंपा।
इस मौके पर प्रवर अधीक्षक ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की यह योजना बेहद कम प्रीमियम में आम लोगों को व्यापक बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि ऐसी योजनाएं आकस्मिक परिस्थितियों में परिवार को आर्थिक सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डाक विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की किफायती बीमा योजनाओं से जुड़कर खुद और अपने परिवार को सुरक्षित करें।
यह घटना जहां एक ओर हादसे की पीड़ा को दर्शाती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल भी पेश करती है।

सदर क्षेत्र की महिलाओं की धार्मिक यात्रा: समाजसेवी सुनील शर्मा के नेतृत्व में बंगलामुखी व ज्वाला जी मंदिर में किए दर्शन


बिलासपुर
जिला बिलासपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र में आज एक बड़े धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समाजसेवी एवं हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा की पहल पर महिलाओं को मां बंगलामुखी मंदिर और मां ज्वाला जी मंदिर के दर्शन के लिए ले जाया गया।
इस धार्मिक यात्रा के दौरान महिलाओं ने मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए महिलाओं के आने-जाने के लिए विशेष वाहन व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही यात्रा के दौरान सभी महिलाओं के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी उचित व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर महिला मंडलों की सदस्यों ने समाजसेवी सुनील शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।

एम्स बिलासपुर में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता रैली और कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर 

अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, बिलासपुर (एम्स बिलासपुर) में विश्व टीबी दिवस (World TB Day) 2026 के अवसर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग ने मेडिकल कॉलेजों के राष्ट्रीय टास्क फोर्स – टीबी मुक्त भारत अभियान के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष का विषय था — “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से।”
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशक द्वारा अकादमिक ब्लॉक से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। यह रैली संस्थान के विभिन्न हिस्सों जैसे डायग्नोस्टिक ब्लॉक, ट्रॉमा ब्लॉक और ओपीडी ब्लॉक से होकर गुजरी। रैली के दौरान छात्रों ने बैनर, पोस्टर और नारों के माध्यम से लोगों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक किया।
रैली के बाद ओपीडी पंजीकरण क्षेत्र में एमबीबीएस छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से टीबी के लक्षण, संक्रमण के तरीके, जांच और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं तथा इसकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बुजुर्गों, मधुमेह से पीड़ित लोगों, कुपोषित व्यक्तियों, धूम्रपान करने वालों और टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों जैसे संवेदनशील वर्गों को बिना लक्षण के भी टीबी की जांच करवाने के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और उन्हें टीबी के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लोगों को बीमारी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और इससे जुड़े सामाजिक कलंक से बचने का संदेश भी दिया।
सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम पराशर ने भारत सरकार द्वारा टीबी नियंत्रण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की और इस बीमारी से निपटने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डीन (अकादमिक) डॉ. रुपाली पारलेवार, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति अग्रवाल, मेडिसिन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. तरुण शर्मा, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. मोनालिज़ा सहित कई गणमान्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। रैली में 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिनमें एमबीबीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा बी.एससी. पैरामेडिकल प्रथम वर्ष के छात्र शामिल थे।
इससे पहले एमबीबीएस (बैच 2023, 2024 और 2025) तथा पैरामेडिकल साइंसेज (बी.एससी. बैच 2025) के छात्रों को टीबी के बारे में जागरूक किया गया। इसके बाद छात्रों को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। छात्रों ने स्लोगन और पोस्टर तैयार किए। बी.एससी. पैरामेडिकल (बैच 2025) के छात्रों के बीच टीबी विषय पर क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
इसके अलावा छात्रों ने संस्थान के डॉट्स सेंटर का दौरा कर टीबी के प्रबंधन और उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम के आयोजन में संकाय सदस्य डॉ. मीनल ठाकरे, डॉ. नवप्रीत और डॉ. अनुपमा सहित अन्य शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...