शिमला
राजीव बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ हो रही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि महज तीन दिनों में तीन अलग-अलग चुनावी रोस्टर जारी होना अपने आप में बड़ा सवाल है। हर रोस्टर में आरक्षण की व्यवस्था अलग-अलग दिखाई दे रही है, जिससे चुनावी पारदर्शिता पर संदेह पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा, “एक दिन रोस्टर जारी होता है, अगले दिन जनसंख्या बदल जाती है और नया रोस्टर सामने आ जाता है, और फिर तीसरे दिन एक और नया रोस्टर—यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुनियोजित चुनावी धांधली का संकेत है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब पंचायत और नगर निकाय चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है और जनता का भरोसा पूरी तरह डगमगा गया है।
“आज जनता को यह भी भरोसा नहीं रहा कि आज जारी रोस्टर कुछ दिनों बाद भी वैसा ही रहेगा,” उन्होंने कहा।
सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में महंगाई और टैक्स के बोझ से आम आदमी परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजल पर ₹10.40 वैट लगाने के बाद अब ₹5 प्रति लीटर सेस लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि सीमेंट के बढ़ते दाम, स्टांप ड्यूटी में इजाफा, एचआरटीसी किराए में वृद्धि, पानी-बिजली के महंगे बिल और राशन डिपो में बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
“बिजली के बिल करंट मार रहे हैं, पानी और राशन महंगे हो गए हैं—हर तरफ महंगाई ही महंगाई है,” उन्होंने कहा।
एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे प्रदेश की छवि पड़ोसी राज्यों में खराब हो रही है और लोगों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और जनता अब इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आई है।
“यह लड़ाई सिर्फ भाजपा की नहीं, बल्कि आम जनता की है, और इस जनविरोधी सरकार को हटाकर ही दम लिया जाएगा,” उन्होंने निष्कर्ष में कहा।