पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास पर जोर, 8वां पोषण पखवाड़ा शुरू



बिलासपुर

धनीराम शांडिल ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। यह अभियान निदेशालय महिला एवं बाल विकास, हिमाचल प्रदेश तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष के पोषण पखवाड़े की थीम “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना” रखी गई है।
मंत्री ने बताया कि जिला बिलासपुर के 1111 आंगनवाड़ी केंद्रों में यह पखवाड़ा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस दौरान बच्चों के समुचित पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा, खेल आधारित शिक्षण और स्क्रीन टाइम कम करने जैसे विषयों पर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
पखवाड़े के तहत पोषण रैलियां, “पोषण पे चर्चा”, पंचायत स्तरीय बैठकें, स्वास्थ्य शिविर, कुकिंग प्रतियोगिताएं, योग एवं खेल गतिविधियां तथा “नो स्क्रीन ऑवर” जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डॉ. शांडिल ने कहा कि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिसमें पहले 1000 दिन सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने सभी विभागों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस जन-अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।

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