एम्स बिलासपुर में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता रैली और कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर 

अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, बिलासपुर (एम्स बिलासपुर) में विश्व टीबी दिवस (World TB Day) 2026 के अवसर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग ने मेडिकल कॉलेजों के राष्ट्रीय टास्क फोर्स – टीबी मुक्त भारत अभियान के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष का विषय था — “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से।”
कार्यक्रम की शुरुआत कार्यकारी निदेशक द्वारा अकादमिक ब्लॉक से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर की गई। यह रैली संस्थान के विभिन्न हिस्सों जैसे डायग्नोस्टिक ब्लॉक, ट्रॉमा ब्लॉक और ओपीडी ब्लॉक से होकर गुजरी। रैली के दौरान छात्रों ने बैनर, पोस्टर और नारों के माध्यम से लोगों को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक किया।
रैली के बाद ओपीडी पंजीकरण क्षेत्र में एमबीबीएस छात्रों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके माध्यम से टीबी के लक्षण, संक्रमण के तरीके, जांच और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं तथा इसकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बुजुर्गों, मधुमेह से पीड़ित लोगों, कुपोषित व्यक्तियों, धूम्रपान करने वालों और टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले लोगों जैसे संवेदनशील वर्गों को बिना लक्षण के भी टीबी की जांच करवाने के लिए आगे आने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की और उन्हें टीबी के बारे में जागरूक किया। उन्होंने लोगों को बीमारी के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और इससे जुड़े सामाजिक कलंक से बचने का संदेश भी दिया।
सामुदायिक एवं परिवार चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. अनुपम पराशर ने भारत सरकार द्वारा टीबी नियंत्रण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की और इस बीमारी से निपटने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डीन (अकादमिक) डॉ. रुपाली पारलेवार, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रीति अग्रवाल, मेडिसिन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. तरुण शर्मा, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. मोनालिज़ा सहित कई गणमान्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। रैली में 150 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिनमें एमबीबीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा बी.एससी. पैरामेडिकल प्रथम वर्ष के छात्र शामिल थे।
इससे पहले एमबीबीएस (बैच 2023, 2024 और 2025) तथा पैरामेडिकल साइंसेज (बी.एससी. बैच 2025) के छात्रों को टीबी के बारे में जागरूक किया गया। इसके बाद छात्रों को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई गई। छात्रों ने स्लोगन और पोस्टर तैयार किए। बी.एससी. पैरामेडिकल (बैच 2025) के छात्रों के बीच टीबी विषय पर क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
इसके अलावा छात्रों ने संस्थान के डॉट्स सेंटर का दौरा कर टीबी के प्रबंधन और उपचार प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस कार्यक्रम के आयोजन में संकाय सदस्य डॉ. मीनल ठाकरे, डॉ. नवप्रीत और डॉ. अनुपमा सहित अन्य शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

तीन साल बाद विदेश से लौटी महिला का बैंक लॉकर निकला खाली, 400 ग्राम सोना गायब होने का दावा


बिलासपुर:
मुख्य बाजार स्थित State Bank of India की शाखा में बैंक लॉकर से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल बाद विदेश से बिलासपुर लौटी एक महिला जब अपना लॉकर खोलने बैंक पहुंची तो वह पूरी तरह खाली मिला।
जानकारी के अनुसार रौड़ा सेक्टर निवासी महिला कई वर्षों से इंग्लैंड में रह रही है। महिला के पिता ने बैंक की मुख्य बाजार शाखा में लॉकर लिया हुआ था और वही उसका उपयोग करते थे। करीब तीन वर्ष पहले महिला के पिता का निधन हो गया था। हाल ही में महिला विदेश से बिलासपुर आई और बैंक जाकर लॉकर खुलवाया, लेकिन लॉकर खाली मिला।
महिला का दावा है कि लॉकर में करीब 400 ग्राम सोने के गहने रखे गए थे। लॉकर खाली मिलने के बाद महिला ने बैंक अधिकारियों से शिकायत की और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
फिलहाल बैंक प्रबंधन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

नलवाड़ी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिलने पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जताया आभार: अंजना धीमान



बिलासपुर

 जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर की अध्यक्षा अंजना धीमान ने ऐतिहासिक नलवाड़ी मेले को राज्य स्तरीय से राष्ट्रीय स्तरीय मेला घोषित किए जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का आभार व्यक्त किया है।
अंजना धीमान ने कहा कि नलवाड़ी मेला बिलासपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान का प्रतीक है। इसे राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिलने से बिलासपुर जिले की पहचान पूरे देश में और अधिक मजबूत होगी तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, कलाकारों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष नलवाड़ी मेले को राज्य स्तरीय से राष्ट्रीय स्तरीय मेला घोषित करने की मांग उठाई थी। मुख्यमंत्री द्वारा इस मांग को स्वीकार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक विनय कुमार को नलवाड़ी मेले के समापन अवसर पर इसकी घोषणा करने के लिए अधिकृत किया गया।
अंजना धीमान ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य की संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए लगातार सराहनीय कदम उठा रही है। नलवाड़ी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा मिलना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।
उन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार तथा प्रदेश सरकार का बिलासपुर की समस्त जनता की ओर से हार्दिक धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।

एचपीवी वैक्सीनेशन से कैंसर से बचाव संभव, एम्स बिलासपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर

जिला बिलासपुर स्थित All India Institute of Medical Sciences Bilaspur के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. पूजन डोगरा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले कैंसर से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल प्रोफेसर (डॉ.) दलजीत सिंह मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में एचपीवी वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने को महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे भारतीय महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों से इस वैक्सीन के प्रति जागरूक होने और समय पर टीकाकरण करवाने की अपील की।
इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. तन्वी कटोच ने एचपीवी वैक्सीन पर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के साथ-साथ मुंह, पेरिनियल क्षेत्र और पुरुष जननांगों से जुड़े कैंसर के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने वैक्सीन के शेड्यूल, जरूरी सावधानियों और पुरुषों व महिलाओं दोनों के लिए टीकाकरण के महत्व पर भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुष्रुति कौशल और डॉ. अस्मिता ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान विशेषज्ञों ने एचपीवी वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यह टीकाकरण प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करता।
विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण के जरिए एचपीवी संक्रमण से होने वाले कई गंभीर रोगों को रोका जा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कैंसर से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना रहा।

विश्व क्षयरोग दिवस पर “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0” का शुभारंभ




बिलासपुर

 विश्व क्षयरोग दिवस के अवसर पर जिला बिलासपुर में “100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0” का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से टीबी जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा चिन्हित क्षय रोगी वाहन को भी अभियान के तहत रवाना किया।

इस अवसर पर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि क्षयरोग (टीबी) के उन्मूलन के लिए जनभागीदारी, समय पर जांच और नियमित उपचार बेहद जरूरी हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में टीबी से ग्रसित व्यक्ति, टीबी मरीजों के पारिवारिक संपर्क, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग, बीएमआई 18.5 से कम वाले व्यक्ति, धूम्रपान करने वाले, मधुमेह रोगी, उच्च जोखिम वाले गांवों के निवासी (जिले में 263 गांव चिन्हित), भीड़भाड़ वाले स्थानों में रहने वाले, जोखिम वाले कार्यस्थलों पर काम करने वाले तथा शराब का सेवन करने वाले लोगों सहित अन्य संवेदनशील समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी।
जिले में इस अभियान के अंतर्गत कुल 1,79,016 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके आधार पर लगभग 537 संभावित टीबी मामलों की पहचान तथा 3,580 टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) मामलों को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उपायुक्त ने जिला के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और टीबी मुक्त बिलासपुर के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग दें।
इस दौरान जीएनएम स्कूल की छात्राओं और प्रशिक्षण स्टाफ ने रैली के माध्यम से आमजन को टीबी के लक्षण, जांच और निःशुल्क उपचार के बारे में जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनंत चैहान सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण में 113 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने लिया भाग


बिलासपुर
जिला बिलासपुर में पहाड़ा बाल विकास परियोजना के सहयोग से घोलरा ही रिसॉर्ट में जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिले की 113 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा तथा नवीन जानकारियों और तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि वे अपने-अपने केंद्रों पर बच्चों के समग्र विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
 प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और खेल-खेल में सीखने की विधियों पर विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और अपने अनुभव भी साझा किए। इस प्रकार के जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेश कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी सत्या हाकर, जिला समन्वयक रुचिका ठाकुर, जिला बाल संरक्षण इकाई से शैला गुलेरी सहित अन्य पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इसके अलावा PMMVY जिला समन्वयक अमित भाटिया भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे

हिमाचल का बजट निराशाजनक और जनविरोधी, सरकार आंकड़ों का खेल खेल रही: रणधीर शर्मा

 
बिलासपुर:
श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक Randhir Sharma ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराशाजनक, जनविरोधी और दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि को कम करना कांग्रेस सरकार की विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने में पूरी तरह विफल है और इसमें आम जनता, युवाओं, किसानों तथा कर्मचारियों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है और इस बजट से इसके और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर करीब 8-9 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, लेकिन रोजगार सृजन के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप इस बजट में नजर नहीं आता। उनका आरोप है कि सरकार ने केवल आंकड़ों का खेल खेलकर बजट को संतुलित दिखाने की कोशिश की है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।


रणधीर शर्मा ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी या फसल प्रोत्साहन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं दी गई है। वहीं पर्यटन, जो हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, उसके लिए भी कोई बड़ी नई नीति या निवेश योजना इस बजट में नहीं लाई गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी कोई विशेष राहत या वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाओं को या तो बंद कर दिया गया है या उनके बजट में कटौती की गई है, जिससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से कांग्रेस सरकार केंद्र की Narendra Modi सरकार को कोसती रही है और चौथे बजट की शुरुआत भी उसी मानसिकता के साथ की गई है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चल रही अधिकांश योजनाएं केंद्र प्रायोजित हैं और प्रदेश का विकास केंद्र सरकार के सहयोग से ही आगे बढ़ रहा है। रणधीर शर्मा ने कांग्रेस की 2022 की गारंटियों को सबसे बड़ा झूठ बताते हुए कहा कि सरकार इन वादों को पूरा करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक एक भी नौकरी नहीं दी गई। 28 लाख महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह देने की गारंटी भी करीब 40 महीने बाद भी पूरी नहीं हुई। इसी तरह 100 लीटर दूध खरीद की गारंटी को घटाकर 60 लीटर तक सीमित करने की बात कहकर सरकार जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि पांच लाख रोजगार सृजन का वादा भी केवल कागजों तक सीमित रह गया है और प्रदेश के युवाओं, किसानों तथा महिलाओं के साथ यह बजट एक बार फिर भद्दा मजाक साबित हुआ है।
अंत में रणधीर शर्मा ने कहा कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित है और इसमें न तो दूरदर्शिता है और न ही विकास की स्पष्ट दिशा। भाजपा इस जनविरोधी बजट का विरोध करती रहेगी और प्रदेश की जनता के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाती रहेगी। साथ ही उन्होंने सरकार से प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने और जनता के हित में ठोस योजनाएं लागू करने की मांग की।

बजट में हर वर्ग का रखा गया ध्यान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती: विवेक कुमार


बिलासपुर:
Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा प्रस्तुत प्रदेश बजट को सराहनीय बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं झंडूता के कांग्रेस नेता Vivek Kumar ने कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है और विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में किसान-बागवान, महिलाओं और युवाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। खासकर प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को उन्होंने प्रभावी कदम बताया।
विवेक कुमार ने बताया कि अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। उनका कहना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मछुआरों को भी इस बजट में बड़ी राहत दी गई है। पहले जहां 15 प्रतिशत रॉयल्टी निर्धारित थी, जिसे कुछ समय पहले घटाकर साढ़े सात प्रतिशत किया गया था, अब इसे घटाकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया गया है। इससे प्रदेश के मछुआरा समुदाय को काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान बजट में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कृषि और बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहन, युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने, औद्योगिकीकरण और तकनीक को बढ़ावा देने जैसे कई अहम प्रावधान किए गए हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले भी आम जनता के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चला चुकी है और इस बजट से भी आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री के फैसलों से ‘मित्र मंडली’ नैरेटिव को करारा जवाब: संदीप सांख्यान


आर्थिकी सुदृढ़ करने की दिशा में सराहनीय कदम बताया

बिलासपुर
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा लिए जा रहे फैसले आत्मनिर्भर हिमाचल के निर्माण की दिशा में अहम और जनहितकारी हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद किए जाने तथा राज्य की कर्ज लेने की सीमा पर लगाई गई पाबंदियों के बीच सरकार का यह कदम सराहनीय है।
सांख्यान ने कहा कि मुख्यमंत्री और कैबिनेट रैंक के पदों से जुड़े वेतन में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए लिया गया एक साहसिक कदम है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार खर्चों में कटौती के अन्य विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ऐसे नेता के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने प्रदेश की जनता की संवेदनशीलता को समझते हुए कठिन फैसले लेने का साहस दिखाया है। भले ही इन निर्णयों से कुछ वरिष्ठ पदों पर बैठे नेताओं को व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान हो सकता है, लेकिन व्यापक जनहित को देखते हुए यह निर्णय स्वागत योग्य है।
सांख्यान ने कहा कि इस फैसले के जरिए प्रदेश सरकार ने पूरे देश को यह संदेश दिया है कि जनता का हित सर्वोपरि है और राजनीति में इससे बड़ा कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के इस कदम ने उन लोगों के नैरेटिव को करारा जवाब दिया है, जो ‘मित्र मंडली’ जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठा रहे थे।
उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से जनहित को सर्वोच्च मानती रही है और यह निर्णय उसी सोच का प्रतिबिंब है।

एम्स बिलासपुर में 2.5 महीनों में 100 से अधिक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाएँ, मरीजों को मिल रही उन्नत इलाज सुविधा


बिलासपुर:
एम्स बिलासपुर के रेडियोलॉजी विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले ढाई महीनों में 100 से अधिक प्रमुख इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इससे हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत और न्यूनतम इनवेसिव उपचार सुविधाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं।
इन प्रक्रियाओं में सिर से लेकर पैरों तक की विभिन्न वैस्कुलर और नॉन-वैस्कुलर इंटरवेंशन शामिल हैं। टीम ने न्यूरोइंटरवेंशन के तहत स्ट्रोक के लिए कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग, जटिल परिधीय धमनियों के उपचार, एंबोलाइजेशन प्रक्रियाएं, इंटरवेंशनल ऑन्कोलॉजी उपचार जैसे टीएसीई (TACE), बिलियरी स्टेंटिंग तथा गंभीर पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज से पीड़ित मरीजों के लिए अंग बचाने वाली एंडोवैस्कुलर प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की हैं। इसके अलावा वैरिकोज़ वेन्स के इलाज के लिए ईवीएलए (EVLA) और आरएफए (RFA) जैसी आधुनिक तकनीकों का भी नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है।
विभाग की एक बड़ी उपलब्धि ऑर्बिटल एथेरेक्टॉमी प्रक्रिया का सफल निष्पादन भी है। यह प्रक्रिया एक ऐसे मरीज में की गई जिसमें सुपरफिशियल फेमोरल आर्टरी और एक्सटर्नल इलिएक आर्टरी में गंभीर कैल्सीफाइड ब्लॉकेज थे। यह अत्याधुनिक एंडोवैस्कुलर तकनीक उन धमनियों के ब्लॉकेज के उपचार में उपयोग की जाती है जिन्हें सामान्य तरीकों से संभालना कठिन होता है। यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि एम्स ऋषिकेश के बाद उत्तर भारत के किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह की प्रक्रिया के शुरुआती उदाहरणों में से एक है।
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी चिकित्सा की एक आधुनिक शाखा है, जिसमें इमेज-गाइडेड न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से कई जटिल बीमारियों का इलाज किया जाता है। इन प्रक्रियाओं में आमतौर पर छोटे चीरे लगते हैं, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होती है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।
विभाग आने वाले महीनों में अपनी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सेवाओं को और विस्तारित करने की योजना बना रहा है। इसके तहत उन्नत बाइप्लेन डीएसए मशीन की स्थापना, समर्पित स्ट्रोक इंटरवेंशन सेवाओं की शुरुआत तथा डीएम इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रमुख डॉ. नरवीर चौहान ने बताया कि विभाग लगातार उन्नत तकनीकों को अपनाते हुए मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि संस्थान में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सेवाओं के विस्तार से हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें आधुनिक इलाज अपने घर के नजदीक ही मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि ये प्रक्रियाएं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं एंडोवैस्कुलर विशेषज्ञ डॉ. रेशम सिंह ठाकुर द्वारा की जा रही हैं, जिन्हें डॉ. लोकेश राणा और डॉ. वरुण बंसल का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त है।

राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर का रेड रिबन क्लब NACO सोशल मीडिया अभियान में प्रदेश में प्रथम


बिलासपुर। 

राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के रेड रिबन क्लब को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) और National AIDS Control Organisation (NACO) के सोशल मीडिया अभियान के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए विशेष सराहना मिली है। इस उपलब्धि के साथ महाविद्यालय हिमाचल प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में शामिल हो गया है।
वर्तमान NACO सोशल मीडिया अभियान के अंतर्गत रेड रिबन क्लब बिलासपुर ने 4,515 नए फॉलोअर्स जोड़कर राज्य में डिजिटल जागरूकता अभियान को मजबूत किया और हिमाचल प्रदेश के सभी संस्थानों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अभियान के माध्यम से रेड रिबन क्लब ने युवाओं में एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में महाविद्यालय प्रशासन ने रेड रिबन क्लब की नोडल अधिकारी डॉ. सोनिया राठौर तथा उनकी टीम के सदस्य डॉ. अजीत और प्रो. पूजा को सम्मानित किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. एस. कटवाल ने डॉ. सोनिया राठौर को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की और पूरी टीम को बधाई दी।
महाविद्यालय को Himachal Pradesh State AIDS Control Society, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, शिमला की ओर से प्राप्त प्रशंसा पत्र भी डॉ. सोनिया राठौर को प्रदान किया गया। इस प्रशंसा पत्र में महाविद्यालय द्वारा युवाओं में जागरूकता फैलाने, रेड रिबन क्लब के माध्यम से विभिन्न आईईसी गतिविधियों के आयोजन तथा सोशल मीडिया के जरिए एचआईवी/एड्स से जुड़े संदेशों के व्यापक प्रसार की सराहना की गई है।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुरजीत, प्रो. सरवन, डॉ. ऋतु शर्मा, डॉ. नम्रता तथा प्रो. अश्विनी भी उपस्थित रहे।
अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. एस. कटवाल ने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ाती हैं, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करती हैं।

सतलुज महाआरती के साथ नलवाड़ी मेले में जुड़ेगा नया अध्याय




बिलासपुर

जिला बिलासपुर का ऐतिहासिक राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 इस वर्ष एक नई और अनूठी परंपरा की शुरुआत का साक्षी बनने जा रहा है। मेले के शुभारंभ अवसर पर पहली बार गोविंद सागर झील के तट पर बनारस की तर्ज पर भव्य सतलुज महाआरती का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा इस विशेष आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और इसे नलवाड़ी मेले के प्रमुख आकर्षण के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह भव्य सतलुज महाआरती 17 मार्च को सायं 5:00 बजे लुहणु घाट पर आयोजित की जाएगी, जिसमें श्रद्धालु आध्यात्मिक वातावरण में इस अद्भुत आयोजन का साक्षात्कार कर सकेंगे।

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने अपनी टीम के साथ गोविंद सागर झील के किनारे लुहणु घाट स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएं, ताकि यह आयोजन जिले की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान कर सके।

सतलुज महाआरती को पारंपरिक और आध्यात्मिक गरिमा के साथ आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ काशी से आमंत्रित प्रसिद्ध पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ आरती संपन्न करवाई जाएगी। महाआरती के दौरान गोविंद सागर झील के तट को रंग-बिरंगी रोशनी, दीपों और विशेष सजावट से अलंकृत किया जाएगा, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और भव्य दिखाई देगा।

इस आयोजन के साथ ही भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक सोनी अपनी मधुर प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभु भक्ति का रस बिखेरेंगे। भजन संध्या के दौरान श्रद्धालु और दर्शक भक्ति संगीत का आनंद लेते हुए महाआरती के दिव्य वातावरण का अनुभव कर सकेंगे।

उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि सतलुज महाआरती का उद्देश्य न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बढ़ावा देना है, बल्कि बिलासपुर की पहचान को पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी सुदृढ़ करना है। उन्होंने बताया कि नलवाड़ी मेला जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसमें इस प्रकार के नवीन आयोजनों को शामिल करने से मेले की भव्यता और आकर्षण में और वृद्धि होगी।

उन्होंने समस्त जिला वासियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आह्वान किया कि वे इस ऐतिहासिक और दिव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इसे सफल बनाएं और इस अनूठी परंपरा के साक्षी बनें।

बिलासपुर में मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम के प्रावधानों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

बिलासपुर।

जिला मुख्यालय बिलासपुर के बचत भवन में अभियोजन निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा मादक द्रव्यों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में मादक पदार्थों की जब्ती के बाद अपनाई जाने वाली सीलिंग, नमूना संग्रहण तथा विधिसम्मत नष्ट करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित छठी राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की।


कार्यशाला में अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल संयुक्त संयुक्त निदेशक अभियोजन रणदीर परमार, जिला न्यायवादी बिलासपुर सी. एस. भाटिया जिला न्यायवादी बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, सीलन व शिमला तथा इन जिलों के जिला न्यायवादी व सहायक जिला न्यायवादी और सैमिनार के विशेषज्ञ राकेश सोनी तथा भीष्म चंद जिला न्यायवादी हायर एजुकेशन शिमला उपस्थित रहे।

विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को बताया कि मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत इन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित संरक्षण, उनके नमूनों के सही तरीके से संग्रहण तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उनके निस्तारण की व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि इन प्रक्रियाओं का विधिसम्मत तरीके से पालन किया जाए तो अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहती है और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान साक्ष्य संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं का पालन अत्यंत आवश्यक है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है तथा न्यायालय में मामलों के निपटारे में भी सुविधा होती है।
 कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों के प्रभावी निपटान में सहायता मिल सके।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वर्तमान में 570 मामले लंबित हैं, जबकि अब तक 51 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन मामलों के प्रभावी निपटान के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच ने अधिनियम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को दूर करते हुए यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों के निपटान में और अधिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। बैठक में सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रथम पुरस्कार के तौर पर मिलेगा 11 हजार रूपये का ईनाम, मेले का बनेगा अधिकारिक लोगो

राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 के लिए जाहन्वी शर्मा ने बनाया सबसे बेहतरीन लोगो




बिलासपुर


राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर-2026 के लिए आयोजित की गई लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में जाहन्वी शर्मा ने सबसे बेहतरीन लोगो तैयार कर प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। जाहन्वी शर्मा द्वारा तैयार यह लोगो अब मेले का आधिकारिक लोगो बनेगा।

इस बारे जानकारी देते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर-2026 के लिए लोगो तैयार करने को लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिला बिलासपुर के विभिन्न स्थानों से प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।
उन्होंने बताया कि प्राप्त लोगो की प्रविष्टियों के चयन के लिए सहायक आयुक्त राजकुमार की अध्यक्षता में एक मूल्यांकन कमेटी का गठन किया गया। जिसमें जिला लोक संपर्क अधिकारी राजेश जसवाल सदस्य सचिव तथा जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल तथा डी.पी.ई. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) बिलासपुर के विकास पुंडीर बतौर सदस्य शामिल रहे।


राहुल कुमार ने बताया कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता की इस चयन समिति ने पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले लोगो का चयन कर लिया है। जिसमें जाहन्वी शर्मा का लोगो पहले, संजय कुमार का लोगो दूसरे तथा दिव्यांशु शर्मा का लोगो तीसरे स्थान पर रहा है। उन्होंने बताया कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः 11 हजार, 51 सौ तथा 21 सौ रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही सबसे बेहतरीन लोगो को अब मेले का आधिकारिक लोगो भी बनाया जाएगा।

उपायुक्त राहुल कुमार ने लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए प्रतिभागियों का जताया आभार

इसके अतिरिक्त लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए एक-एक हजार रुपये के दस सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वालों में निखिल जम्वाल, निखिल राणा, डाॅ. तरूण सोनी, दिशा कुमारी, ईशा देवी, मोहम्मद ईसान, अर्शित चैहान, ज्योति जम्वाल, शानवी तथा सुप्रिया शामिल है।

उपायुक्त ने राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला को लेकर आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए सभी प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी सृजनात्मक क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ है, जो नलवाड़ी मेले जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के आयोजन के प्रचार-प्रसार में भी सहायक सिद्ध होगा।

बिलासपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 3810 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा, लगभग 4.69 करोड़ रूपए से जुड़े मामलों का हुआ समाधान



बिलासपुर,

अध्यक्ष, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सुमन्त डढवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को जिला बिलासपुर के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में कुल 3977 मामलों को निपटारे के लिए रखा गया था, जिनमें 3860 न्यायालयों में लंबित मामले तथा 117 पूर्व मुकदमेबाजी से संबंधित मामले शामिल थे। लोक अदालत के दौरान आपसी सहमति के आधार पर कुल 3810 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिनमें 3724 न्यायालयों में लंबित मामले तथा 86 पूर्व मुकदमेबाजी के मामले शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से कुल 4 करोड़ 69 लाख 49 हजार 671 रूपए की राशि से संबंधित मामलों का भी निपटारा किया गया। इस अवसर पर विभिन्न न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने लोक अदालत को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अध्यक्ष ज्योत्सना सुमन्त डढवाल ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे भविष्य में भी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

3 पंजाब रेजिमेंट के वेटरन सैनिकों ने 259वां स्थापना दिवस हर्षौल्लास से मनाया और सर्वोच्च बलिदानियों शहीदों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की अध्यक्ष नायक नन्द लाल रनौत



 बिलासपुर 

 14 मार्च 2026 को 3 पंजाब रेजिमेंट (3 Punjab Regt) के बहादुर वेटरन सैनिकों ने बड़े हर्षौल्लास के साथ 359वा स्थापना दिवस भोटा होटल (Hotel)में मनाया गया। जिसमें लगभम २०० पूर्वक सैनिकों ने भाग लिया और आपस में मिलकर पूरे जोश के साथ आनंद लेते हुए भरपूर लुत्फ़ उठाया।
हिमाचल प्रदेश वेटरन सैनिक कल्याण व विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष वेटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आज 3 punjab Regt veteran sainikon ने रेजिंग डे सेलिब्रेट किया जिस इतिहास को बताते हुए कि--
      चीन के साथ हुये हमले हिमाचल हमीरपुर मनोह के वीर सपूत अंकुश ठाकुर को मनोह स्कूल के नाम पर है ये वीर सपूत हिमाचल प्रदेश हमीरपुर जिले के शहीद हुए जवान 3 पंजाब रजमेंट के पूर्व सैनिकों की प्रबन्धक कमेटी द्वारा सर्वोच्च बलिदानी शहादत को कमेटी ने शत-शत नमन किया श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रार्थना की गई कि इस कुर्बानी जो भारत देश की जनता शहादत को हमेशा याद करती रहेगी

       कैप्टन प्रकाश चन्द के मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की इस समारोह के मुख्य अतिथि कैप्टन प्रकाश चंद का भव्य स्वागत किया गया उन्होंने 3 पंजाब के बीरगाथा और बहादूरी का परिचय देते हुए बताया कि 1965, 1971, 1999 के युद्धों का विवरण किया और बताया कि 3 पंजाब रजमेंट की इन लडाईयों में कितनी अहम भूमिका रही थी सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है जो इतिहास के पन्नों में अंकित है।
     3 पंजाब रजमेंट के कमांड करने वाले ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी महावीर चक्र से सम्मानित ने 1971 भारत पाक युद्ध में अपनी अहैम भूमिका निभाई थी इनकी एक बॉर्डर पिक्चर भी बनी हुई है जिसका नाम पूरे देश में गूंजा और इस पिक्चर को बहुत ही सराहा गया था ब्रिगेडियर चांदपुरी साहब एक हीरो को विशेष रूप में याद करते हुए और उनके साथ रहे सैनिक का योगदान हमेशा याद रहेगा भारत पाक युद्ध में देश को जीत दिला कर पाकिस्तान के दो टुकड़े कर विभाजित कर दिया था उस समय को पाकिस्तान कभी भूल नहीं सकता।
  मुख्य अतिथि ने प्रवन्धन कमेटी का संचारू रूप से संचालित रखने का धन्यावाद किया। मुख्या आतिथी ने सराहना करते हुए बताया कि ये दिन साल में एक बार आता है इस दिन हमें इक्कठा होकर हमारे अदम्य साहस को दोहराता है और अपने विचार आदान प्रदान करने का सुनाहरा मौक़ा मिलता है और सभी इस सामारोह को इसी प्रकार बरकरार रखते हुए भविष्य में याद रखें। ताकि आपस में मिलजुल कर यादें ताज़ा होती रहे ये सुनहरे पल याद रखना ज़रूरी है ताकि इतिहास चलता रहे आने वाले के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहे।
     प्रबन्धक कमेटी की ओर से कमेटी के प्रबंधक नायक नन्दलाल रणौत ने समारोह में आये हुये सदस्यों का धन्यावाद किया जिसमें कर्नल कमल खेरवाल सिंह, कैप्टन रूप लाल वीर चक्र से सम्मानित और मेजर प्रेम सिंह बढ़वाल सबको सम्मानित किया गया।
 प्रबंधक नायक नन्द लाल ने कहा कि आप सभी ने अपना कीमती समय दिया इस के आप सबका हार्दिक धन्यवाद व आभार करता हूं।
अपना कीमती समय निकाल कर इस सामारोह को आभा व शोभा को बढ़ाया इस सबके सहयोग़ के लिये प्रबन्धन कमेटी की ओर से बहुत बहुत धन्यावाद व आभार प्रकट किया आने वाले समय में अपनी उपास्यति इसी प्रकार चलती रहे। 
मेजर उद्यम सिंह खेरवाल सहित इन सबका आने पर भव्य स्वागत किया गया और कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। सैनिक अधिकारियों के आगमन पर खूब जोश के साथ सामारोह हर्षौल्लास में बदल गया इसी के साथ इस हर्षौल्लास प्रोग्राम को समाप्त किया गया प्रबंधक कमेटी ने सबको सम्मान के साथ विदाई की गई।
सदस्य - नायक नन्द लाल रानौत व वीर चक्र कैप्टन रूप लाल अवॉर्ड वीर चक्र से सम्मानित कर्नल कमल सिंह बढ़वाल मेज़र प्रेम सिंह खेरवाल नायक नन्द लाल रानौत सूबेदार विक्रमजीत सिंह सूबेदार संदीप कुमार हवलदार कुलदीप सिंह हवलदार अशोक कुमार कैप्टन कुलदीप सिंह कैप्टन धनी राम कैप्टन ओम चंद सूबेदार बादल शर्मा सूबेदार सर्वजीत सिंह हवलदार ओम प्रकाश सहित बहुत से सेवानिवृत सैनिकों ने बढ़चढ़कर भाग लिया और अपना योगदान दिया। जयहिंद

भाजपा सरकार ने देश की दिशा और दशा बदली, गरीबों और वंचितों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य : डॉ. सिकंदर कुमार

कांग्रेस षड्यंत्रकारी पार्टी, भाजपा उनके हर षड्यंत्र का पर्दाफाश करेगी : श्रीकांत शर्मा
संविधान के मार्ग पर चलते हुए देश को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है भाजपा : विपिन परमार



धर्मशाला

भारतीय जनता पार्टी की एक विशेष बैठक का आयोजन पालमपुर स्थित भाजपा जिला कार्यालय में किया गया। इस बैठक में भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार, वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर, पवन काजल प्रदेश सचिव तिलक राज, पुरुषोत्तम गुलेरिया एवं जिला अध्यक्ष रागिनी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक षड्यंत्रकारी पार्टी है और भाजपा उनके हर षड्यंत्र का पर्दाफाश करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनता को गुमराह करने की राजनीति करती रही है और उसके नेता केवल एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता विचारधारा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए जनता के बीच कार्य कर रहे हैं और कांग्रेस की सच्चाई को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।


भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को आगे बढ़ाने के लिए जो मानक निर्धारित किए हैं, उन्हीं के अनुरूप देश की सरकारें और संस्थाएं कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि देशहित और राष्ट्रीय एकरूपता को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने धारा 370 के निरसन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय देश को एक सूत्र में पिरोने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसके लिए संवैधानिक और न्यायिक स्तर पर लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज देश विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2027 तक भारत विकसित राष्ट्रों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा, ऐसी कल्पना देश के नागरिक कर रहे हैं।



 भाजपा संगठन कार्यकर्ताओं को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं बल्कि विचार और ज्ञान के आधार पर सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन के लक्ष्य और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्यों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर भाजपा सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को समानता और सम्मान का अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार बनी है, तब से देश की दिशा और दशा दोनों बदली हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, वंचितों और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देश के लगभग 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है, जिससे देश में स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देकर पिछड़े वर्गों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है तथा वर्तमान में केंद्र सरकार में लगभग 60 प्रतिशत मंत्री एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग से आते हैं।
डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत 15 करोड़ से अधिक घरों तक नल से जल कनेक्शन पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान 20 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में सीधे नकद सहायता प्रदान की गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद एकलव्य आवासीय विद्यालयों की संख्या में चार गुना से अधिक वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण कर गरीबों को पक्के घर उपलब्ध कराए गए हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत छोटे उद्यमियों को 52.5 करोड़ से अधिक ऋण प्रदान किए गए हैं, जिससे युवाओं और छोटे व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
इसके अलावा स्टैंड अप इंडिया योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को 14,700 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देश के 112 आकांक्षी जिलों में विकास के विभिन्न मापदंडों पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है और ये जिले अपने-अपने राज्यों के औसत से अधिक विकास दर प्राप्त कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना है। भाजपा कार्यकर्ता इसी संकल्प के साथ संगठन को मजबूत करने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

केंद्र सरकार ने हिमाचल को आपदा राहत के लिए दिए 288.39 करोड़ रुपये, भाजपा ने जताया आभार : त्रिलोक कपूर



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा हिमाचल को अपना माना, कांग्रेस केवल घड़ियाली आंसू बहा रही है : त्रिलोक कपूर

शिमला
भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार द्वारा आपदा राहत के लिए 288.39 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एक बार फिर साबित किया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता के हितों और कठिन परिस्थितियों में वह सदैव प्रदेश के साथ खड़ी है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि वर्ष 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान केंद्र सरकार ने बिना किसी देरी के हिमाचल प्रदेश की सहायता के लिए यह राशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा हिमाचल प्रदेश को अपना दूसरा घर माना है और प्रदेश की हर आवश्यकता को प्राथमिकता देते हुए सहायता प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि जब भी हिमाचल पर प्राकृतिक आपदा आई है, तब केंद्र सरकार ने संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ प्रदेश का साथ दिया है। आपदा राहत के लिए दी गई यह राशि इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार प्रदेश की जनता की पीड़ा को समझते हुए तुरंत सहायता प्रदान करती है।
त्रिलोक कपूर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार और उसके नेता केवल आपदा राहत को लेकर घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब केंद्र सरकार लगातार हिमाचल की सहायता कर रही है, तब कांग्रेस के नेता जनता को भ्रमित करने और राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति आज ऐसी हो गई है कि “उल्टा चोर कोतवाल को डांटे” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। एक ओर केंद्र सरकार प्रदेश को हर संभव मदद दे रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सरकार केंद्र के खिलाफ झूठा प्रचार कर रही है।
त्रिलोक कपूर ने कहा कि भाजपा हमेशा हिमाचल प्रदेश के हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आगे भी प्रदेश को हर आवश्यक सहायता प्रदान करती रहेगी।

बाला पंचायत घर में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति किया गया जागरूक, प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव


बिलासपुर 
झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाला के पंचायत घर में किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस दौरान विवेक कुमार ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को इसी दिशा में अपना ध्यान केंद्रित करना होगा। रासायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोग से जहां खेती की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, वहीं इसका स्वास्थ्य पर भी गहरा असर पड़ रहा है और कई प्रकार की बीमारियां बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देते हैं तो इससे लोगों को कई गंभीर बीमारियों से राहत मिल सकती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।


विवेक कुमार ने बताया कि प्राकृतिक खेती के उत्पादों पर किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य भी दिया जा रहा है। इसके तहत मक्की का 40 रुपये, गेहूं का 60 रुपये और कच्ची हल्दी का 90 रुपये समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने किसानों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती कर रहे प्रगतिशील किसान करतार सिंह चौधरी और विजय शर्मा (बलघाड़) ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर कृषि विभाग से सुदर्शन, आत्मा प्रोजेक्ट चेयरमैन मानेंद्र सिंह चंदेल, पूर्व प्रधान नारायण सिंह, उप प्रधान प्रेम सिंह, पूर्व बीडीसी रणवीर सिंह ठाकुर, डाहड पंचायत के पूर्व प्रधान चंद्रशेखर, पूर्व बीडीसी विमला देवी, पूर्व प्रधान रतनलाल, सदस्य अमर सिंह, सदस्य मदन लाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

एम्स बिलासपुर में विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर

All India Institute of Medical Sciences Bilaspur के नेत्र रोग विभाग द्वारा 8 से 14 मार्च तक World Glaucoma Week के अवसर पर ग्लूकोमा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। सप्ताह भर चले इस अभियान का उद्देश्य लोगों को ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी के बारे में जानकारी देना और समय पर आँखों की जाँच करवाने के लिए प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) Daljit Singh मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. राकेश कुमार सिंह, कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल डॉ. मोना लिसा सहित अन्य संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।

जागरूकता अभियान के तहत एम्स बिलासपुर परिसर में वॉकथॉन का आयोजन किया गया, जो प्रशासनिक ब्लॉक से शुरू होकर ओपीडी और डायग्नोस्टिक ब्लॉक क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान प्रतिभागियों ने “अपनी आँखों की रक्षा करें–ग्लूकोमा की जाँच करवाएँ” और “जल्दी पहचान से अंधापन रोका जा सकता है” जैसे संदेशों वाले बैनर और तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया।
ओपीडी रिसेप्शन क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह ने 40 वर्ष की आयु के बाद नियमित रूप से आँखों की जाँच करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्लूकोमा दृष्टि हानि का एक प्रमुख कारण है, लेकिन समय पर जाँच और उचित उपचार से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. नीलम वर्मा और सहायक प्रोफेसर डॉ. विभूति मित्तल ने ग्लूकोमा के लक्षणों, जोखिम कारकों और उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह बीमारी अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे “दृष्टि का मूक चोर” भी कहा जाता है।
कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को ग्लूकोमा और आँखों की सेहत के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा दो ग्लूकोमा मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समय पर इलाज और नियमित जांच से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
सप्ताह भर चले इस अभियान के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के लिए ग्लूकोमा की मुफ्त जांच, काउंसलिंग सत्र और जागरूकता सामग्री का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आँखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ग्लूकोमा से होने वाले अंधेपन के खतरे को कम करना रहा।

एम्स बिलासपुर में एडवांस्ड कैथ लैब से बिना ओपन सर्जरी के न्यूरो बीमारियों का इलाज


बिलासपुर। 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर (एम्स बिलासपुर) में एडवांस्ड कैथ लैब के जरिए बिना ओपन सर्जरी के जटिल न्यूरो बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। यहां साधारण सुई के जरिए एन्यूरिज्म और आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन (AVM) का उपचार किया जाता है, जिससे मरीजों को चीरा नहीं लगाना पड़ता और उनकी रिकवरी भी तेज़ होती है।
संस्थान के अनुसार इन प्रक्रियाओं में अल्ट्रा-सॉफ्ट प्लैटिनम, निकल और टाइटेनियम एलॉय से बने कॉइल और स्टेंट जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। अब तक 70 से अधिक मरीज इन हाई-एंड ट्रीटमेंट से लाभान्वित हो चुके हैं और बेहतर क्लिनिकल परिणामों के साथ घर लौटे हैं।
एम्स बिलासपुर के न्यूरोसर्जरी विभाग में वयस्कों और बच्चों दोनों के लिए कई तरह की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें जटिल ब्रेन और स्पाइनल ट्यूमर सर्जरी, ब्रेनस्टेम के पास होने वाले हाई-रिस्क ऑपरेशन, सर्जरी के दौरान सांस, दृष्टि और चेहरे की नसों को सुरक्षित रखने के लिए इंट्राऑपरेटिव न्यूरोमॉनिटरिंग तथा एंडोस्कोप की मदद से नाक के जरिए पिट्यूटरी ट्यूमर की सर्जरी शामिल है। इसके अलावा ब्रेन और स्पाइन ट्रॉमा, गर्दन और पीठ के गंभीर फ्रैक्चर के इलाज की भी सुविधा दी जा रही है।
संस्थान के मुताबिक भविष्य में इस्केमिक स्ट्रोक के लिए विशेष उपचार सेवाएं भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि मरीजों की रिकवरी और बेहतर हो सके।
एम्स बिलासपुर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. दलजीत सिंह ने बताया कि विभाग ने 2025 के अंत तक 500 से अधिक ब्रेन, स्पाइन और न्यूरो-इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी करने का मील का पत्थर हासिल किया है।
न्यूरोसर्जरी विभाग में डॉ. अर्जुन धर, डॉ. भानु प्रताप और डॉ. राहुल जैन मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। ओपीडी सेवाएं सोमवार से शनिवार तक उपलब्ध हैं।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...