तीन साल बाद विदेश से लौटी महिला का बैंक लॉकर निकला खाली, 400 ग्राम सोना गायब होने का दावा

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बिलासपुर: मुख्य बाजार स्थित State Bank of India की शाखा में बैंक लॉकर से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल बाद विदेश से बिलासपुर लौटी एक महिला जब अपना लॉकर खोलने बैंक पहुंची तो वह पूरी तरह खाली मिला। जानकारी के अनुसार रौड़ा सेक्टर निवासी महिला कई वर्षों से इंग्लैंड में रह रही है। महिला के पिता ने बैंक की मुख्य बाजार शाखा में लॉकर लिया हुआ था और वही उसका उपयोग करते थे। करीब तीन वर्ष पहले महिला के पिता का निधन हो गया था। हाल ही में महिला विदेश से बिलासपुर आई और बैंक जाकर लॉकर खुलवाया, लेकिन लॉकर खाली मिला। महिला का दावा है कि लॉकर में करीब 400 ग्राम सोने के गहने रखे गए थे। लॉकर खाली मिलने के बाद महिला ने बैंक अधिकारियों से शिकायत की और पूरे मामले की जांच की मांग की है। फिलहाल बैंक प्रबंधन का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

एचपीवी वैक्सीनेशन से कैंसर से बचाव संभव, एम्स बिलासपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित


बिलासपुर

जिला बिलासपुर स्थित All India Institute of Medical Sciences Bilaspur के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. पूजन डोगरा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने एचपीवी संक्रमण और उससे होने वाले कैंसर से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल प्रोफेसर (डॉ.) दलजीत सिंह मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में एचपीवी वैक्सीन को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने को महत्वपूर्ण कदम बताया और कहा कि इससे भारतीय महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों से इस वैक्सीन के प्रति जागरूक होने और समय पर टीकाकरण करवाने की अपील की।
इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. तन्वी कटोच ने एचपीवी वैक्सीन पर जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण से गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के साथ-साथ मुंह, पेरिनियल क्षेत्र और पुरुष जननांगों से जुड़े कैंसर के जोखिम को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने वैक्सीन के शेड्यूल, जरूरी सावधानियों और पुरुषों व महिलाओं दोनों के लिए टीकाकरण के महत्व पर भी जानकारी साझा की।
कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुष्रुति कौशल और डॉ. अस्मिता ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान विशेषज्ञों ने एचपीवी वैक्सीन से जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं पर चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि यह टीकाकरण प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करता।
विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूकता और समय पर टीकाकरण के जरिए एचपीवी संक्रमण से होने वाले कई गंभीर रोगों को रोका जा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कैंसर से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करना रहा।

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