डिजिटल डाक व्यवस्था को बढ़ावा: बिलासपुर में ई-डिस्पैच मॉड्यूल पर प्रशिक्षण

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बिलासपुर जिला प्रशासन बिलासपुर कार्यालयी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित और कागजरहित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर में ई-ऑफिस प्रणाली के अंतर्गत ई-डिस्पैच मॉड्यूल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के प्रातःकालीन सत्र की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने की, जिसमें उपायुक्त कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। वहीं दोपहर के सत्र की अध्यक्षता सहायक आयुक्त राज कुमार ने की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ई-डिस्पैच मॉड्यूल के माध्यम से सरकारी डाक और आधिकारिक पत्राचार को डिजिटल माध्यम से भेजने तथा प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इस प्रणाली के माध्यम से कार्यालयों के बीच डाक का आदान-प्रदान ऑनलाइन किया जा सकेगा, जिससे कार्यप्रणाली अधिक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। प्रशिक्षण ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर बिलासपुर अखिल कुमार द्वारा दिया गया। इसमें उपायुक्त कार्यालय के साथ-साथ उपमंडलाधिकारी कार्याल...

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने किया एम्स बिलासपुर का दौरा, शोध और छात्र विनिमय पर चर्चा


बिलासपुर

एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने मंगलवार को एम्स बिलासपुर का दौरा किया। इस दौरान संस्थान पहुंचने पर एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह, एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त) ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर डीन अकादमिक डॉ. रुपाली परलेवार, डीन परीक्षा डॉ. अनुपम पराशर और डीन परीक्षा डॉ. निधि पुरी भी मौजूद रहीं।
दौरे के दौरान दोनों संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू करने, चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों के लिए छात्र विनिमय कार्यक्रम शुरू करने पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी तथा दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

इसके अलावा विभिन्न एम्स संस्थानों के बीच मरीजों के रेफरल सिस्टम को और अधिक सुचारू बनाने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर समन्वय के माध्यम से गंभीर मरीजों को समय पर और उचित संस्थान में उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
दौरे के अंत में एम्स बिलासपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा ने प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह को अस्पताल की विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण करवाया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को भी देखा और चिकित्सा सेवाओं के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद उन्होंने संस्थान के संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया और चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के विषय में विचार साझा किए। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की यात्राएं और संवाद भविष्य में दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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