हिमाचल का बजट निराशाजनक और जनविरोधी, सरकार आंकड़ों का खेल खेल रही: रणधीर शर्मा

Image
  बिलासपुर: श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के विधायक Randhir Sharma ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराशाजनक, जनविरोधी और दिशाहीन बताया है। उन्होंने कहा कि विधायक निधि को कम करना कांग्रेस सरकार की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुधारने में पूरी तरह विफल है और इसमें आम जनता, युवाओं, किसानों तथा कर्मचारियों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है। रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ एक लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है और इस बजट से इसके और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी दर करीब 8-9 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है, लेकिन रोजगार सृजन के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप इस बजट में नजर नहीं आता। उनका आरोप है कि सरकार ने केवल आंकड़ों का खेल खेलकर बजट को संतुलित दिखाने की कोशिश की है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। रणधीर शर्मा ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी या फसल प्रोत्साहन को लेकर कोई ठोस योजना नहीं दी गई है। वहीं पर्यटन, जो हिमाचल की अर्थव्यवस्था की रीढ़ ...

बजट में हर वर्ग का रखा गया ध्यान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती: विवेक कुमार


बिलासपुर:
Sukhvinder Singh Sukhu द्वारा प्रस्तुत प्रदेश बजट को सराहनीय बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं झंडूता के कांग्रेस नेता Vivek Kumar ने कहा कि इस बजट में समाज के हर वर्ग के हितों का ध्यान रखा गया है और विशेष रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर फोकस किया गया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए बजट में किसान-बागवान, महिलाओं और युवाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। खासकर प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को उन्होंने प्रभावी कदम बताया।
विवेक कुमार ने बताया कि अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और हल्दी का एमएसपी 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है। उनका कहना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मछुआरों को भी इस बजट में बड़ी राहत दी गई है। पहले जहां 15 प्रतिशत रॉयल्टी निर्धारित थी, जिसे कुछ समय पहले घटाकर साढ़े सात प्रतिशत किया गया था, अब इसे घटाकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया गया है। इससे प्रदेश के मछुआरा समुदाय को काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान बजट में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कृषि और बागवानी क्षेत्र को प्रोत्साहन, युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने, औद्योगिकीकरण और तकनीक को बढ़ावा देने जैसे कई अहम प्रावधान किए गए हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले भी आम जनता के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चला चुकी है और इस बजट से भी आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

Comments

Popular posts from this blog

नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए जीता गोल्ड मेडल, पहली बार चमका प्रदेश का नाम

छड़ोल डाकघर में बड़ा घोटाला: खातों में जमा हजारों रुपये गायब, डाक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

बिलासपुर के निजी स्कूल में प्लस टू छात्र से बर्बरता, मामला पहुंचा थाना