एम्स बिलासपुर में 2.5 महीनों में 100 से अधिक इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाएँ, मरीजों को मिल रही उन्नत इलाज सुविधा
बिलासपुर:
एम्स बिलासपुर के रेडियोलॉजी विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पिछले ढाई महीनों में 100 से अधिक प्रमुख इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाएँ सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इससे हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत और न्यूनतम इनवेसिव उपचार सुविधाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं।
इन प्रक्रियाओं में सिर से लेकर पैरों तक की विभिन्न वैस्कुलर और नॉन-वैस्कुलर इंटरवेंशन शामिल हैं। टीम ने न्यूरोइंटरवेंशन के तहत स्ट्रोक के लिए कैरोटिड आर्टरी स्टेंटिंग, जटिल परिधीय धमनियों के उपचार, एंबोलाइजेशन प्रक्रियाएं, इंटरवेंशनल ऑन्कोलॉजी उपचार जैसे टीएसीई (TACE), बिलियरी स्टेंटिंग तथा गंभीर पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज से पीड़ित मरीजों के लिए अंग बचाने वाली एंडोवैस्कुलर प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की हैं। इसके अलावा वैरिकोज़ वेन्स के इलाज के लिए ईवीएलए (EVLA) और आरएफए (RFA) जैसी आधुनिक तकनीकों का भी नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है।
विभाग की एक बड़ी उपलब्धि ऑर्बिटल एथेरेक्टॉमी प्रक्रिया का सफल निष्पादन भी है। यह प्रक्रिया एक ऐसे मरीज में की गई जिसमें सुपरफिशियल फेमोरल आर्टरी और एक्सटर्नल इलिएक आर्टरी में गंभीर कैल्सीफाइड ब्लॉकेज थे। यह अत्याधुनिक एंडोवैस्कुलर तकनीक उन धमनियों के ब्लॉकेज के उपचार में उपयोग की जाती है जिन्हें सामान्य तरीकों से संभालना कठिन होता है। यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि एम्स ऋषिकेश के बाद उत्तर भारत के किसी सरकारी अस्पताल में इस तरह की प्रक्रिया के शुरुआती उदाहरणों में से एक है।
इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी चिकित्सा की एक आधुनिक शाखा है, जिसमें इमेज-गाइडेड न्यूनतम इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से कई जटिल बीमारियों का इलाज किया जाता है। इन प्रक्रियाओं में आमतौर पर छोटे चीरे लगते हैं, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि कम होती है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।
विभाग आने वाले महीनों में अपनी इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सेवाओं को और विस्तारित करने की योजना बना रहा है। इसके तहत उन्नत बाइप्लेन डीएसए मशीन की स्थापना, समर्पित स्ट्रोक इंटरवेंशन सेवाओं की शुरुआत तथा डीएम इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
रेडियोडायग्नोसिस विभाग के प्रमुख डॉ. नरवीर चौहान ने बताया कि विभाग लगातार उन्नत तकनीकों को अपनाते हुए मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वहीं एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) दलजीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि संस्थान में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सेवाओं के विस्तार से हिमाचल प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें आधुनिक इलाज अपने घर के नजदीक ही मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि ये प्रक्रियाएं इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एवं एंडोवैस्कुलर विशेषज्ञ डॉ. रेशम सिंह ठाकुर द्वारा की जा रही हैं, जिन्हें डॉ. लोकेश राणा और डॉ. वरुण बंसल का मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त है।
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