बिलासपुर
शिक्षा के मंदिर में हिंसा का घिनौना चेहरा सामने आया है। जिले के कंदरोर क्षेत्र स्थित एक निजी स्कूल में प्लस टू कक्षा के छात्र के साथ स्कूल इंचार्ज द्वारा डंडे से कथित रूप से मारपीट की गई। आरोप है कि छात्र को स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट थमाकर गेट से बाहर कर दिया गया, और इसकी जानकारी उसके माता-पिता को तक नहीं दी गई।
यह घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। छात्र का कहना है कि दो छात्रों के बीच कहासुनी हुई थी, लेकिन स्कूल इंचार्ज पवन कुमार ने सिर्फ उसी के साथ मारपीट की। “डंडे से मारा गया, धमकाया गया और स्कूल से निकाल दिया गया,” छात्र ने रोते हुए कहा।
जब यह बात छात्र के माता-पिता को पता चली, तो वे बेटे को लेकर सीधे सदर थाना पहुंचे। थाने में माहौल तनावपूर्ण रहा। पुलिस ने तत्काल स्कूल के प्रधानाचार्य और स्कूल इंचार्ज पवन कुमार को बुलाकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू करवाई।
अंदर की कहानी – दो छात्रों की बहस, एक पर गिरी गाज
सूत्रों के अनुसार, प्लस टू कक्षा के दो छात्र आपस में किसी बात को लेकर उलझ गए थे। इसके बाद स्कूल इंचार्ज ने सिर्फ एक छात्र पर कार्रवाई करते हुए उसके साथ कथित रूप से मारपीट की। इसके बाद छात्र को बिना कोई नोटिस दिए स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट देकर निकाल दिया गया।
अभिभावकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
थाने में मौजूद छात्र के माता-पिता ने पुलिस के समक्ष मांग की कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। “हमारे बेटे को पीटकर स्कूल से बाहर निकाल दिया गया, वो भी बिना किसी जानकारी या चेतावनी के। अगर यही शिक्षा है, तो इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं,” पिता ने कहा।
पुलिस कर रही मामले की जांच
सदर थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। “मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। यदि छात्र के साथ मारपीट की पुष्टि होती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”