बिलासपुर
पर्यावरण दिवस के अवसर पर शांति सेवा समिति के अध्यक्ष अमरनाथ धीमान ने सीर खड्ड में बढ़ते प्रदूषण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से अपील की है कि जल स्रोतों की स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि “जल है तो कल है”।
अमरनाथ धीमान ने बताया कि सीर खड्ड, जो कि घुमारवीं और झंडूता विधानसभा क्षेत्रों की जीवन रेखा मानी जाती है, इन दिनों कूड़ा-कचरा और गंदगी से बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं के बाजार से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सीर खड्ड में बहकर आ रहा है। खड्ड के किनारे लिफाफे, गिलास और अन्य प्लास्टिक कचरे का अंबार लगा है।
यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि यह खड्ड तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री राजेश धर्माणी के घर के समीप बहती है, और बावजूद इसके किसी प्रकार की सफाई व्यवस्था या निगरानी नहीं की जा रही। धीमान ने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें केवल भाषणों तक सीमित रह गई हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर सुधार नहीं हो रहा।
उन्होंने आगाह किया कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में सीर खड्ड का पानी पीने योग्य नहीं रहेगा और इसमें रहने वाले जलीय जीवों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। मछलियां, मेंढक और अन्य जलचर बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
अमरनाथ धीमान ने सरकार और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान लें और सीर खड्ड को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि, “जो व्यक्ति जल को प्रदूषित करता है, वह समाज का दुश्मन है।”