बिलासपुर
बिलासपुर शहर के मुख्य बाजार में वन विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पिंजरों में कैद रखे गए तीन देशी पैराकीट (तोते) को मुक्त कराया। सदर वन परिक्षेत्र की टीम ने निरीक्षण के दौरान तीनों तोतों को अपने कब्जे में लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। वन विभाग की इस कार्रवाई को जिले में वन्यजीव संरक्षण और अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वन विभाग के अनुसार निरीक्षण के दौरान मुख्य बाजार क्षेत्र में तीन देशी पैराकीट पिंजरों में कैद पाए गए। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें अपने कब्जे में लिया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद प्राकृतिक वातावरण में मुक्त कर दिया। विभाग ने बताया कि देशी तोतों को पिंजरे में रखना, उनकी खरीद-फरोख्त करना, परिवहन करना या उन्हें पालतू बनाकर रखना पूरी तरह अवैध है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि भारत में पाए जाने वाले सभी देशी तोते एवं पैराकीट वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। इन्हें पकड़ना, खरीदना, बेचना, परिवहन करना अथवा पिंजरे में रखना कानूनन अपराध है। अधिनियम की धारा-51 के तहत ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक के कारावास, एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों का प्रावधान है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी देशी तोते या पैराकीट को पालतू के रूप में न रखें और न ही उनकी खरीद-फरोख्त करें। यदि कहीं भी देशी तोतों या अन्य संरक्षित वन्यजीवों के अवैध व्यापार, बिक्री या अवैध कैद की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत निकटतम वन कार्यालय या वन विभाग को दें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए आगे भी विशेष अभियान जारी रहेंगे। वन्यजीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने नागरिकों से वन्यजीवों के संरक्षण में सक्रिय सहयोग करने और जैव विविधता की रक्षा में अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
बिलासपुर वन मण्डल के सदर वन परिक्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि देशी तोते एवं पैराकीट संरक्षित वन्यजीव हैं और इन्हें पिंजरे में रखना या इनका व्यापार करना कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी ऐसे मामलों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में भी वन विभाग द्वारा इस प्रकार के विशेष अभियान लगातार चलाए जाते रहेंगे। बाइट: बिलासपुर वन मण्डल के सदर वन परिक्षेत्र अधिकारी नरेंद्र सिंह