बिलासपुर
भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए पंचायतीराज एवं स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड जीत और कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद कांग्रेस के मंत्री बौखलाहट में अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा नकारे जाने के बाद कांग्रेस नेताओं की हताशा अब उनके बयानों में साफ दिखाई दे रही है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि हाल ही में प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा "जय श्रीराम" के उद्घोष को लेकर की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों हिंदुओं की आस्था, विश्वास और संस्कृति के प्रतीक हैं। "जय श्रीराम" कोई राजनीतिक नारा नहीं बल्कि सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
जय श्रीराम से कांग्रेस को परेशानी क्यों, मंत्री जगत सिंह नेगी का बयान सनातन विरोधी मानसिकता का परिचायक : त्रिलोक जमवाल
उन्होंने कहा कि हम सनातन परंपरा को मानने वाले लोग हैं। सनातन हमारी संस्कृति, हमारी पहचान और हमारे जीवन मूल्यों का आधार है। जब हम किसी से मिलते हैं तो "राम-राम" या "जय श्रीराम" कहकर अभिवादन करते हैं। ऐसे में कांग्रेस नेताओं को इस पर आपत्ति क्यों है, यह समझ से परे है।
जमवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं की मानसिकता समय-समय पर सामने आती रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ऐसे प्रदेश से आते हैं जहां 97 प्रतिशत हिंदू आबादी है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान कांग्रेस की सोच और उसके दृष्टिकोण को उजागर करते हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान भी एक ऐसा प्रसंग सामने आया था जब मुख्यमंत्री द्वारा "राधे-राधे" कहने को लेकर टिप्पणी की गई थी। अब राजस्व मंत्री द्वारा "जय श्रीराम" पर आपत्ति जताना यह साबित करता है कि कांग्रेस नेतृत्व लगातार सनातन परंपराओं और हिंदू आस्थाओं को लेकर असहज रहता है।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि है और यहां की संस्कृति, परंपराएं और जीवनशैली सनातन मूल्यों से जुड़ी हुई हैं। प्रदेश की जनता अपनी आस्था और परंपराओं का सम्मान करती है तथा किसी भी प्रकार की सनातन विरोधी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की तुष्टिकरण की राजनीति अब खुलकर सामने आ रही है। चुनावों में लगातार हार और जनता के बीच घटते जनाधार के कारण कांग्रेस नेता धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर विवादित बयान देकर ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
जमवाल ने कहा कि मंत्री जगत सिंह नेगी का यह बयान केवल भाजपा का नहीं बल्कि करोड़ों राम भक्तों और सनातन परंपरा में विश्वास रखने वाले लोगों का अपमान है। इसलिए उन्हें अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और समाज की आस्था का सम्मान करती है तथा ऐसे किसी भी बयान का लोकतांत्रिक और वैचारिक स्तर पर मजबूती से विरोध करती रहेगी।