बिलासपुर
हिमकोफैड के निदेशक आशीष ठाकुर ने बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए AIIMS कोठीपुरा की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एम्स की आपातकालीन सेवाओं में सीनियर डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि जब तक आपातकालीन सेवाओं में पर्याप्त सीनियर डॉक्टर तैनात नहीं किए जाते, तब तक वहां होने वाले सभी मेडिकल टेस्ट मरीजों के लिए निशुल्क किए जाने चाहिए। उनका कहना था कि मौजूदा व्यवस्था में मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।
आशीष ठाकुर ने एम्स परिसर में संचालित अमृत फार्मेसी की दुकानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां दवाइयां निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेची जा रही हैं। उनके अनुसार, जो दवाइयां ₹2 में उपलब्ध होनी चाहिए, उन्हें ₹3 में बेचा जा रहा है, जिससे आम मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि एम्स में कई जरूरी जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं और गैस्ट्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी बनी हुई है। इससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर जैसे क्षेत्र के लिए एम्स एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन वर्तमान हालात में यहां कई कमियां देखने को मिल रही हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाना आवश्यक है।
आशीष ठाकुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से मांग की कि वे एम्स कोठीपुरा की व्यवस्थाओं का संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दें, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल