बिलासपुर
जिला बिलासपुर में जल गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू कर दिया है। गोविंद सागर झील तथा कोल डैम में संचालित सभी गतिविधियों पर अब कड़े दिशा-निर्देश लागू होंगे। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष राहुल कुमार ने जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ये आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए हैं।
हाल ही में जबलपुर में हुई नौका दुर्घटना सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सामने आए हादसों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। जिला बिलासपुर में इन जलाशयों में नाव संचालन, जल क्रीड़ा, पर्यटन गतिविधियां और फेरी सेवाएं बड़े स्तर पर संचालित होती हैं, जिससे जोखिम की संभावना भी बढ़ जाती है।
जारी निर्देशों के अनुसार अब हर व्यक्ति के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना लाइफ जैकेट किसी को भी जल गतिविधि में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्येक नाव में पर्याप्त संख्या में लाइफ ब्वॉय, विभिन्न आकार के लाइफ जैकेट, सुरक्षा रस्सियां, प्राथमिक उपचार किट सहित अन्य जीवन रक्षक उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही नाव की वहन क्षमता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी और निर्धारित सीमा से अधिक सवारियां बैठाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
जल गतिविधियों में लापरवाही पर अब नहीं होगी ढिलाई: बिलासपुर प्रशासन
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित कर्मियों को ही तैनात किया जाएगा। नाव संचालकों, लाइफगार्ड और जल क्रीड़ा संचालकों के पास तैराकी, बचाव कार्य और प्राथमिक उपचार से संबंधित वैध प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा। बिना प्रशिक्षण वाले व्यक्तियों की तैनाती पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इसके अलावा सभी नावों और उपकरणों का नियमित तकनीकी निरीक्षण किया जाएगा। किसी भी प्रकार की खामी पाए जाने पर उन्हें तुरंत संचालन से हटा दिया जाएगा। हर यात्रा से पहले पर्यटकों को सुरक्षा नियमों और आपातकालीन प्रक्रियाओं की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन ने प्रमुख जल स्थलों पर 24 घंटे बचाव दल, रेस्क्यू बोट, प्राथमिक उपचार सुविधाएं और आपात संचार व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जल मार्गों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
उपायुक्त राहुल कुमार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस रद्द करना, आर्थिक दंड और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कानूनी कार्रवाई शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया