बिलासपुर
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर में करीब 90 परीक्षा पेपर लीक हुए हैं, जिनमें पांच बार नीट परीक्षा भी प्रभावित हुई है। इससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपने टूटे हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नहीं है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि डॉक्टर बनने का सपना लेकर वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक जैसी घटनाओं से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि “विश्वगुरु” बनने की बात करने वाली सरकार देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं की पारदर्शिता तक सुनिश्चित नहीं कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा की विफलता नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। जो लोग पढ़ाई और संघर्ष की कीमत जानते हैं, वे समझ सकते हैं कि ऐसी घटनाओं से केवल छात्रों के सपने ही नहीं टूटते, बल्कि परिवार भी मानसिक और आर्थिक रूप से बिखर जाते हैं।
सांख्यान ने कहा कि देश का युवा आज शिक्षा मंत्री से जवाब मांग रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह स्पष्ट करे कि पेपर लीक मामलों में अब तक कितनी गिरफ्तारियां हुईं, कितनों को सजा मिली और क्या प्रभावित छात्रों को वास्तव में न्याय मिल पाया है।
उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष केवल चुनावी जीत को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां हर मोर्चे पर विफल साबित हुई हैं और जनता अब वास्तविकता समझ चुकी है।
संदीप सांख्यान ने कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है और तानाशाही प्रवृत्ति के परिणाम आने वाले समय में सामने आएंगे। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।