बिलासपुर
जिला ग्रामीण भाखड़ा विस्थापित सुधार समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मलराओं पंचायत भवन परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के स्थानीय प्रधान ओंकार चंदेल ने की, जबकि जिला प्रधान देशराज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में भाखड़ा परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों की लंबित मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वक्ताओं ने सरकार और प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद विस्थापित परिवारों को उनका उचित हक नहीं मिल पाया है। समिति ने मांग उठाई कि देश की अन्य परियोजनाओं से प्रभावित लोगों को दिए जा रहे 39 प्रतिशत क्षतिपूर्ति मुआवजे की तर्ज पर भाखड़ा विस्थापितों को भी समान मुआवजा दिया जाए। सदस्यों ने कहा कि सरकार को विस्थापित परिवारों के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए।
इसके अलावा विस्थापित परिवारों को स्वीकृत प्लॉटों का जल्द आवंटन करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई परिवार आज भी अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
बैठक में 23 फरवरी को सरकार को भेजे गए मांग पत्र पर अब तक कोई कार्रवाई न होने पर भी कड़ा रोष व्यक्त किया गया। समिति ने इसे प्रशासन और प्रदेश सरकार की अनदेखी बताते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि शीघ्र ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर से मिलकर अपनी मांगों को दोहराएगा। साथ ही कहा गया कि यदि इसके बावजूद भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
इस अवसर पर कुंजू राम, राधे श्याम शर्मा, जय राम शर्मा, परसराम शर्मा, श्रीराम चौहान, बालक राम, सुनीता देवी, रीना देवी, प्रमिला देवी, अजय कुमार, लेखराम, मानवी शर्मा सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।