बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के बरमाणा स्थित Adani Skill Development Centre में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार सफलता की नई मिसाल पेश कर रहा है। संस्थान द्वारा अब तक 252 से अधिक युवाओं को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिससे युवाओं में तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ा है।
आज के दौर में ड्रोन तकनीक तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र बन चुका है। सुरक्षा, निगरानी, मीडिया कवरेज, कृषि, निर्माण कार्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बिलासपुर जैसे क्षेत्र में इस प्रकार का तकनीकी प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार की नई राह खोल रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ड्रोन संचालन, सुरक्षा मानकों, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की देखरेख में युवाओं को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे भविष्य में पेशेवर रूप से इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकें।
विशेष बात यह है कि इस कार्यक्रम में केवल युवा ही नहीं, बल्कि मीडिया कर्मी और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि ड्रोन तकनीक अब हर क्षेत्र की जरूरत बनती जा रही है।
Shonu George ने बताया कि Adani Foundation का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत में ड्रोन उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए संस्थान भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ड्रोन तकनीक रोजगार और स्वरोजगार का बड़ा माध्यम बनने वाली है और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इससे जोड़ना समय की आवश्यकता है।