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बिलासपुर:
जिला बिलासपुर में वनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वन विभाग ने एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत वन विभाग के कर्मचारी और वन मित्र गांव-गांव जाकर स्थानीय लोगों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें जंगलों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी देंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जंगलों में आगजनी की घटनाओं से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करना और वन संरक्षण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। विभाग की टीमें ग्रामीणों को बताएंगी कि किस प्रकार छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े वन अग्निकांड का कारण बन सकती हैं और इससे न केवल वन संपदा, बल्कि वन्यजीव और पर्यावरण को भी भारी क्षति होती है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को यह भी समझाया जाएगा कि यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तो जंगली जानवर अपने प्राकृतिक आवास में ही रहेंगे और गांवों की ओर उनका रुख कम होगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वनों की अहम भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
इस संबंध में आरओ नरेंद्र सिंह दयाल ने बताया कि जंगलों की सुरक्षा सीधे तौर पर मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि हम जंगलों को नुकसान पहुंचाते हैं, विशेषकर आग लगाकर, तो इसका दुष्प्रभाव पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है। इससे न केवल पेड़-पौधे नष्ट होते हैं, बल्कि जंगली जानवरों और पक्षियों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है।
वन विभाग ने जिले के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें, जंगलों में आग न लगाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के बिना वनों का संरक्षण संभव नहीं है, इसलिए हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह पर्यावरण की रक्षा में अपना योगदान दे।
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