हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त, पुनर्वास और परामर्श की भी सुविधा उपलब्ध: उपयुक्त बिलासपुर राहुल कुमार

नशे के विरुद्ध अभियान में मानस टोल फ्री नम्बर 1933 पर बनें सहभागीः उपायुक्त



बिलासपुर

उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केन्द्र सरकार ने मानस हेल्पलाइन शुरू की है। इसके तहत नागरिक टोल फ्री नम्बर 1933 पर कॉल कर नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और इससे जुड़े अपराधों की गोपनीय सूचना दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस हेल्पलाइन पर सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। साथ ही 1933 नम्बर के माध्यम से नशे से पीड़ित व्यक्तियों को परामर्श और पुनर्वास सेवाएँ भी प्रदान की जा रही हैं। यह प्लेटफार्म नागरिकों को नशीली दवाओं से संबंधित मामलों की रिपोर्ट करने और आवश्यक जानकारी पाने के लिए एक सुरक्षित व एकीकृत डिजिटल माध्यम उपलब्ध करवाता है।

हर समय उपलब्ध है सेवा
उपायुक्त ने कहा कि मानस हेल्पलाइन सभी दिन, हर समय कार्यरत रहती है। नागरिक इस सेवा का उपयोग न केवल टोल फ्री नम्बर 1933 बल्कि आधिकारिक वेब पोर्टल www.ncbmanas.gov.in, ई-मेल info.ncbmanas@gov.in और उमंग ऐप के जरिए भी कर सकते हैं।

नशा एक गंभीर समस्या
राहुल कुमार ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि मानस पोर्टल पर जागरूकता बढ़ाने के लिए वीडियो, ब्रोशर, पोस्टर जैसी सामग्री भी उपलब्ध है, जिसे आम नागरिक https://www.ncbmanas.gov.in/awareness पर देख सकते हैं।

उपायुक्त ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे नशे के विरुद्ध इस अभियान में शामिल होकर समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग दें।


उपायुक्त राहुल कुमार रहे मुख्य अतिथि, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित

भाषा एवं संस्कृति विभाग ने आयोजित की भव्य काव्यगोष्ठी



बिलासपुर

भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा शनिवार को संस्कृति भवन सभागार में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, भा.प्र.से. ने दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

अपने संबोधन में उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि इस काव्यगोष्ठी ने हमें शब्दों और विचारों की शक्ति का अनुभव कराया। साहित्य न केवल भावनाओं को अभिव्यक्त करने का माध्यम है, बल्कि समाज में जिम्मेदारी और जागरूकता का संदेश भी देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ समाज में रचनात्मकता और संवेदनशीलता को भी प्रोत्साहन देते हैं।

राजभाषा हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिला बिलासपुर के सरकारी विभागों में राजभाषा हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

अधिकारियों में बलजीत सिंह, मत्स्य अधिकारी बिलासपुर को प्रमाणपत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

कर्मचारी वर्ग में मीरा देवी, लिपिक (मत्स्य कार्यालय) को प्रथम पुरस्कार, केवल कृष्ण, वरिष्ठ सहायक (अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय) को द्वितीय पुरस्कार तथा रामपाल ठाकुर, आशुलिपिक (जिला परिषद कार्यालय) को तृतीय पुरस्कार मिला।
इन सभी को उपायुक्त बिलासपुर ने सम्मानित किया।


साहित्यकारों का हुआ अभिनंदन
‘साहित्यकार/कलाकार से मिलिए’ कार्यक्रम के अंतर्गत सुमन चड्डा और शीला सिंह को भी उपायुक्त द्वारा सम्मानित किया गया। सुमन चड्डा का जीवन वृत्तांत रविंदर शर्मा ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन साहित्यकार व पत्रकार अरुण डोगरा ने किया।

दूसरे सत्र में कवियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित काव्यगोष्ठी में क्षेत्र के अनेक कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इनमें संदेश शर्मा, रविंदर शर्मा, कर्ण चंदेल, सीता जसवाल, शमशेर सिंह चंदेल, डॉ. रविंदर ठाकुर, निर्मला ठाकुर, ईशा गौतम, विवेक शर्मा, शार्वी शर्मा, प्रीति शर्मा, पूनम वर्मा, वंदना ठाकुर, अमरनाथ धीमान, सुरेंद्र मिन्हास, अरुण डोगरा, सतपाल शर्मा सहित 60 से अधिक साहित्यकार और कलाकार शामिल रहे। उनकी कविताओं और रचनाओं ने सभागार में एक साहित्यिक वातावरण निर्मित कर दिया।

जिला भाषा अधिकारी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस शृंखला के तहत साहित्यकार सुमन चड्डा के योगदान की विशेष सराहना की जाती है। साथ ही उन्होंने शीला सिंह का कार्यक्रम में जलपान की व्यवस्था हेतु धन्यवाद किया।

इस अवसर पर भाषा अधिकारी ने भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

श्री नैना देवी में ‘एक से श्रेष्ठ’ केंद्रों का भव्य आयोजन


वरिष्ठजनों का सम्मान, बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

(बिलासपुर)

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित ‘एक से श्रेष्ठ’ केंद्रों पर सेवा पखवाड़ा बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विशेष समारोह में वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवनभर के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बच्चों ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ और हस्तनिर्मित संदेश देकर स्वागत किया। रौणा पंचायत टाली के बच्चों ने पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

वरिष्ठजन समाज की धरोहर
केंद्र की अध्यापिकाओं ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा और प्रेरणा मिलती है।

छात्रों को मिली नई प्रेरणा
विशिष्ट अतिथियों—सेवानिवृत्त सैनिक, शिक्षक, योग प्रशिक्षक और समाजसेवियों—ने बच्चों से संवाद कर उन्हें योगाभ्यास, फिटनेस, स्वदेशी अपनाने और नैतिक मूल्यों पर चलने की सीख दी।

नई दिशा दे रहा है ‘एक से श्रेष्ठ’
इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण छात्रों को निःशुल्क स्टडी टेबल बैग, स्टेशनरी, मिल्क प्रोटीन, लर्निंग किट्स और ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण महिलाओं को घर-द्वार पर रोजगार उपलब्ध करवा कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सराहनीय पहल भी हो रही है।

कार्यक्रम में वरिष्ठजनों, अतिथियों और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।

श्री नैना देवी में ‘एक से श्रेष्ठ’ केंद्रों का भव्य आयोजन


वरिष्ठजनों का सम्मान, बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

(बिलासपुर)

सांसद अनुराग सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित ‘एक से श्रेष्ठ’ केंद्रों पर सेवा पखवाड़ा बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। श्री नैना देवी विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विशेष समारोह में वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवनभर के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बच्चों ने मुख्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ और हस्तनिर्मित संदेश देकर स्वागत किया। रौणा पंचायत टाली के बच्चों ने पौधारोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

वरिष्ठजन समाज की धरोहर
केंद्र की अध्यापिकाओं ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव से नई पीढ़ी को दिशा और प्रेरणा मिलती है।

छात्रों को मिली नई प्रेरणा
विशिष्ट अतिथियों—सेवानिवृत्त सैनिक, शिक्षक, योग प्रशिक्षक और समाजसेवियों—ने बच्चों से संवाद कर उन्हें योगाभ्यास, फिटनेस, स्वदेशी अपनाने और नैतिक मूल्यों पर चलने की सीख दी।

नई दिशा दे रहा है ‘एक से श्रेष्ठ’
इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण छात्रों को निःशुल्क स्टडी टेबल बैग, स्टेशनरी, मिल्क प्रोटीन, लर्निंग किट्स और ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। वहीं ग्रामीण महिलाओं को घर-द्वार पर रोजगार उपलब्ध करवा कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सराहनीय पहल भी हो रही है।

कार्यक्रम में वरिष्ठजनों, अतिथियों और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।

गुणवत्ता शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कृषि आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही प्रदेश सरकार : धर्माणी

आईटीआई स्तर पर शुरू होंगे कृषि, बागवानी और पशुपालन पाठ्यक्रम, किसानों को मिलेगा प्राकृतिक उत्पादों का समर्थन मूल्य

बिलासपुर

प्रदेश सरकार में नगर नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार का प्रमुख उद्देश्य आमजन का कल्याण और जन समस्याओं का त्वरित समाधान है। इसी दृष्टिकोण से पिछले अढ़ाई वर्षों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, ताकि समाज की अंतिम पंक्ति तक लाभ पहुँच सके।

धर्माणी आज ग्राम पंचायत करलोटी में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश गुणवत्ता शिक्षा के क्षेत्र में पहले देश में 21वें स्थान पर था, लेकिन सरकार के अथक प्रयासों से अब प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। इन संस्थानों में छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। हाल ही में प्रदेश में 200 डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं, जबकि 200 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समय की जरूरत को देखते हुए आईटीआई स्तर पर कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे युवा आधुनिक खेती-बाड़ी और पशुपालन तकनीकों से जुड़ेंगे और विदेशों में रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेती-बाड़ी और पशुपालन से जुड़कर आत्मनिर्भर बनें। प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों द्वारा तैयार उत्पादों का समर्थन मूल्य तय किया है। इसके अंतर्गत प्राकृतिक गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति किलो, मक्की का 40 रुपये प्रति किलो और कच्ची हल्दी का 90 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं और शिक्षित बेरोजगारों को कृषि आधारित स्वरोजगार की ओर प्रेरित करना है।

मंत्री ने बताया कि विधायक निधि से विभिन्न लिंक सड़कों पर करोड़ों रुपये व्यय किए गए हैं। इनमें करलोटी से सुनाली लिंक रोड (5 लाख रुपये), लिंक रोड जनेह (2 लाख रुपये), लिंक रोड गालियां (2 लाख रुपये), लिंक रोड खदरी (2.5 लाख रुपये), लिंक रोड माण्डल (5 लाख रुपये) और लिंक रोड खरसाई (2.5 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अलावा लिंक रोड माकरु (12 लाख रुपये) और करलोटी से सुनाली सड़क (5 लाख रुपये) के लिए अतिरिक्त राशि भी जारी की गई है।

धर्माणी ने कहा कि पिछले वर्षों में घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में 140 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं और 200 ट्रांसफार्मरों का सुधार किया गया है। इसके अतिरिक्त बम्ब में 33 केवी ट्रांसफार्मर लगाने का टेंडर जारी हो चुका है और घुमारवीं में 33 केवी ट्रांसफार्मर की स्वीकृति भी प्राप्त हो गई है।

निर्माताओं, पैकर्स और थोक विक्रेताओं के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग ने आयोजित किया जागरूकता सेमिनार


उपभोक्ता संरक्षण व डिब्बाबंद वस्तु नियमों की दी विस्तृत जानकारी, नियम उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर

विधिक माप विज्ञान विभाग, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, बिलासपुर की ओर से आज निर्माताओं, पैकर्स एवं थोक विक्रेताओं के लिए एक जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े प्रावधानों और डिब्बाबंद वस्तु (PC) नियमों की जानकारी प्रतिभागियों तक पहुँचाना और व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा।

विभागीय अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि डिब्बाबंद वस्तु नियमों के तहत पैकेजिंग पर सही लेबलिंग, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), शुद्ध मात्रा और उपभोक्ताओं को पूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाना अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने पर दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल ही में जीएसटी दरों में संशोधन के बाद शेष पैकेज्ड स्टॉक पर संशोधित अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित करना आवश्यक है। उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली न की जाए और संशोधित मूल्य स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

सहायक नियंत्रक, विधिक माप विज्ञान विभाग प्रवीण सिउटा ने बताया कि विभाग समय-समय पर निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाता है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निर्माता, पैकर या थोक विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से अब तक बिलासपुर मण्डल में 1479 निरीक्षण किए गए हैं, जिनसे 5,07,000 रुपये चालान राशि के रूप में प्राप्त हुए हैं।

सेमिनार में प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि डिब्बाबंद वस्तु नियम, 2011 के अनुसार प्रत्येक पैकेज पर निर्माता, पैकर या आयातक का नाम-पता, उत्पत्ति का देश (यदि आयातित हो), वस्तु का सामान्य नाम, शुद्ध मात्रा (मानक भार, माप की इकाई अथवा संख्या) तथा खुदरा बिक्री मूल्य (सभी करों सहित) अंकित करना अनिवार्य है।

विभाग की ओर से पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। इसके लिए प्रतिभागियों को बताया गया कि वे https://hpwm.hp.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। साथ ही उपभोक्ताओं और कारोबारियों की सहायता के लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन 1100 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8800001915 भी उपलब्ध है।

भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से हिमाचल को हजारों करोड़ का नुकसान : राज्यपाल


बिलासपुर जिले में अकेले 150 करोड़ का हुआ नुकसान, केंद्र-प्रदेश सरकारें हालात पर गंभीर

बिलासपुर

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। पहाड़ों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और अब हल्की बारिश से भी जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। कई इलाकों में बादल फटने से भारी नुकसान दर्ज किया गया है।

राज्यपाल ने बताया कि अब तक पूरे प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। अकेले बिलासपुर जिले में 150 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को लेकर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही गंभीर हैं।

राज्यपाल ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए अपनी टीमें भेजी हैं। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने 1500 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। शुक्ल ने कहा कि आगे की रिपोर्ट आने के बाद और मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में भी बारिश और आपदाओं से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। वहां भी नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। राज्यपाल ने कहा कि जगह-जगह बादल फटने की घटनाओं को देखते हुए केंद्र और प्रदेश की टीमें यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं मकानों के निर्माण में कोई त्रुटि तो नहीं रही, जिससे क्षति और अधिक बढ़ी हो।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं मेले और त्योहार : राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल

जिला स्तरीय सायर मेले के समापन पर बोले – मेले जोड़ते हैं नई पीढ़ी को जड़ों से, स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं

बिलासपुर

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि प्रदेश के मेले और त्योहार केवल लोक संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण नहीं करते, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी हैं। इनसे न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि ग्रामीणों के लिए आमदनी और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं।

राज्यपाल आज बिलासपुर जिला के जुखाला में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय सायर मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं और आपसी भाईचारे व सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने महिला मंडलों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि यदि इन मंडलों को निरंतर प्रोत्साहन मिले तो बहुत कम खर्च में आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा सकती हैं। इसी क्रम में राज्यपाल ने उपायुक्त बिलासपुर को निर्देश दिया कि सायर मेला समिति के माध्यम से महिला मंडलों को एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि महिला मंडलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेलों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अवसर मिलना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि भले ही सायर मेला आकार में छोटा है, लेकिन इसमें ग्रामीण बड़ी संख्या में उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। यहां छोटी-बड़ी खरीददारी से दुकानदारों और स्थानीय व्यवसायियों को सीधा लाभ होता है। ऐसे आयोजनों से हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री बढ़ती है।

उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि भविष्य में मेलों में कृषि, उद्यान, पशुपालन और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े जानकारीपरक स्टॉल लगाए जाएं, ताकि ग्रामीण आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।

देश की सेनाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि हमारी सेना ने हर परिस्थिति में देश की गरिमा को बनाए रखा है। ऑपरेशन सिंदूर इसका उदाहरण है, जिसने भारत की शक्ति और संकल्प को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने राजनीति में रचनात्मक आलोचना की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि विकास कार्यों को मूर्त रूप देने के लिए अधिकारियों का सम्मान करना जरूरी है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और आयोजन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर विधायक रणधीर शर्मा, उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, समिति के संरक्षक दौलत राम ठाकुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

घुमारवीं पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कार से 541.6 ग्राम चरस बरामद – दो गिरफ्तार


बिलासपुर 
 नशे के खिलाफ छेड़े गए विशेष अभियान के तहत घुमारवीं थाना पुलिस ने गुरुवार को बड़ी सफलता हासिल की। थाना पुलिस की टीम ने बलोह फोरलेन पर नाका लगाकर एक कार (नंबर HP34B-9771, ऑल्टो K-10) को जाँच के लिए रोका। तलाशी के दौरान गाड़ी से 541.6 ग्राम चरस बरामद की गई।

कार में सवार दोनों व्यक्तियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है–

यशपाल (32 वर्ष) पुत्र पुरन चंद, निवासी चूनाहार, डाकघर बाछोट, जिला कुल्लू।

कुरम दत्त (40 वर्ष) पुत्र टेक राम, निवासी नौणा, डाकघर बलिचौकी, जिला मंडी।


पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस संबंध में डीएसपी मदन धीमान ने पुष्टि करते हुए बताया कि नशे के खिलाफ छेड़े गए अभियान में घुमारवीं थाना पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और नशे के कारोबार में संलिप्त अन्य लोगों तक पहुँचने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...