बिलासपुर
महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बिलासपुर मनोज कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उद्योग विभाग ने शुक्रवार को स्वारघाट स्थित सरकारी विश्राम गृह में रैम्प (रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में डिजिटल साक्षरता, वित्तीय प्रबंधन तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के माध्यम से सरकारी खरीद प्रणाली में भागीदारी बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने बताया कि तेजी से बदलते व्यावसायिक परिवेश में डिजिटल तकनीक छोटे उद्यमों के लिए नए अवसर लेकर आई है। ऐसे में स्थानीय उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक डिजिटल साधनों से जोड़ना समय की मांग है। इसी उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में प्रसार अधिकारी (उद्योग) सदर एवं प्रशिक्षक प्रकाश बंसल, रैम्प कार्यक्रम की वरिष्ठ सलाहकार संगीता सोनी, आशुतोष तथा सलाहकार संस्कृति शर्मा ने प्रतिभागियों को डिजिटल व्यवसाय प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप बिजनेस, डिजिटल भुगतान प्रणाली और ऑनलाइन मार्केटिंग टूल्स के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। इसके अतिरिक्त वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण, नकदी प्रवाह नियंत्रण, बैंकिंग सेवाओं के बेहतर उपयोग तथा विभिन्न सरकारी वित्तीय सहायता योजनाओं पर भी चर्चा की गई।
दूसरे सत्र में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पोर्टल पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि जीईएम प्लेटफॉर्म के माध्यम से एमएसएमई, स्वयं सहायता समूह और स्टार्टअप सीधे विभिन्न सरकारी विभागों को अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। इससे उद्यमियों को पारदर्शी खरीद प्रणाली, समयबद्ध भुगतान तथा देशव्यापी बाजार तक पहुंच का अवसर प्राप्त होता है।
कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण ऑन-द-स्पॉट जीईएम पंजीकरण एवं ऑनबोर्डिंग अभियान रहा। इस दौरान कई महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने मौके पर ही विक्रेता के रूप में अपना पंजीकरण करवाया। विभागीय अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की तकनीकी समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें पोर्टल के उपयोग संबंधी व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की।
कार्यशाला में ट्रेनर (उद्योग) सदर प्रकाश बंसल, रैम्प कार्यक्रम की वरिष्ठ सलाहकार संगीता सोनी, सलाहकार संस्कृति शर्मा, आशुतोष सहित विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्याओं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों तथा स्थानीय व्यवसायियों ने भाग लिया।