बिलासपुर
अंतर्राष्ट्रीय नशा एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला पुलिस बिलासपुर ने नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 19 एनडीपीएस मामलों में जब्त किए गए मादक पदार्थों का विधिवत नष्टिकरण किया। पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की उपस्थिति एवं निगरानी में बरमाणा स्थित सीमेंट फैक्ट्री में ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी की मौजूदगी में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत बर्निंग डिस्पोज़ल (Burning Disposal) विधि से इन मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।
पुलिस के अनुसार नष्ट की गई केस प्रॉपर्टी में 552.64 ग्राम चरस, 56.92 ग्राम हेरोइन, 17.97 ग्राम स्मैक, 390 ग्राम पोस्त भूसी (पॉपी हस्क) तथा कोडीन फॉस्फेट युक्त कफ सिरप की 93 छोटी बोतलें शामिल थीं। यह सभी मादक पदार्थ एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज 19 अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए थे।
नष्टिकरण की पूरी प्रक्रिया ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी की निगरानी में पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का पालन करते हुए संपन्न की गई। पुलिस अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि मादक पदार्थों के नष्टिकरण के दौरान निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन हो।
पुलिस अधीक्षक बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि जिला पुलिस नशे के खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर कार्य कर रही है। नशा तस्करों और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त लोगों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान और अधिक प्रभावी ढंग से जारी रहेगा।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस का सहयोग करें। यदि कहीं भी मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है और लोगों के सहयोग से ही इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।