बिलासपुर
समाजसेवी सुनील शर्मा ने सदर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न जनहित मांगों को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष उठाते हुए क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उचित मामलों में सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सुनील शर्मा ने सबसे पहले हरलोग उपतहसील को पुनः शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि उपतहसील बंद होने के कारण क्षेत्र के लोगों को राजस्व एवं अन्य सरकारी कार्यों के लिए बिलासपुर और घुमारवीं जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उपतहसील दोबारा शुरू होने से हजारों लोगों को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष कुठेड़ा, तलियाणा और हवाण क्षेत्र के मध्य नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना की मांग भी रखी। उनका कहना था कि क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर आईटीआई खुलने से युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा सुनील शर्मा ने सरकाघाट–चंडीगढ़ बस सेवा का मार्ग बदलने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने मांग की कि सरकाघाट डिपो की बस को बिलासपुर–कंदरौर–हरलोग–स्मेला–जाऊं मार्ग से सरकाघाट तक संचालित किया जाए तथा वापसी में भी यही मार्ग अपनाया जाए। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों को चंडीगढ़ सहित अन्य प्रमुख स्थानों तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि ये सभी मांगें लंबे समय से क्षेत्र की जनता से जुड़ी हुई हैं और इनके पूरा होने से सदर विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार इन जनहित मांगों पर जल्द प्रभावी निर्णय लेकर लोगों को राहत प्रदान करेगी।