सिरमौर के शिलाबाग में रस्साकशी हादसारस्सा टूटने से 10 फीट गहरी ढांक में गिरे प्रतिभागी, 17 घायल


सिरमौर 


सिरमौर जिले के शिलाबाग क्षेत्र में आयोजित एक रस्साकशी प्रतियोगिता के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्रतियोगिता के दौरान अचानक रस्सा टूट जाने से प्रतिभागी करीब 10 फीट गहरी ढांक में जा गिरे। हादसे में कुल 17 लोग घायल हो गए, जिनमें 15 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।


हादसा रविवार देर रात का बताया जा रहा है। घायल लोगों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही ऑनकॉल ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक आपातकालीन कक्ष पहुंचे और घायलों का उपचार शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पांच गंभीर रूप से घायल लोगों को ऑर्थो वार्ड में भर्ती किया गया है, जबकि कई घायलों के पांव और बाजू में फ्रैक्चर पाए गए हैं।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक देर रात एक साथ बड़ी संख्या में घायल पहुंचने से कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। हालात को संभालने के लिए मेडिसन, हड्डी रोग और सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों सहित आठ से नौ चिकित्सकों की टीम ने आपातकालीन कक्ष में मोर्चा संभाला।


घायलों से मिली जानकारी के अनुसार शिलाबाग के लेहूनाना क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। रस्साकशी के दौरान मैदान में जगह कम होने के कारण जैसे ही रस्सा टूटा, महिलाएं संतुलन खोकर ढांक की ओर गिर गईं। इस दौरान पास में खड़े दो पुरुष भी संतुलन बिगड़ने से खाई में जा गिरे।

शिलाबाग निवासी सुषमा ने बताया कि रस्साकशी के दौरान अचानक रस्सा टूट गया, जिससे प्रतिभागी ढांक की ओर गिर गए। उन्होंने बताया कि पांच महिलाओं को चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया है, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। दो घायलों की सर्जरी भी की गई है।


हादसे को लेकर असमंजस
घटना को लेकर क्षेत्र में अलग-अलग चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि यह हादसा खेल प्रतियोगिता के दौरान नहीं, बल्कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद ग्रामीणों को ले जा रही एक पिकअप जीप के पलटने से हुआ। हालांकि इस संबंध में अभी तक पुलिस के पास कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं पहुंची है।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार ने बताया कि रस्साकशी प्रतियोगिता में घायल लोगों को देर रात अस्पताल लाया गया था और करीब नौ चिकित्सकों की टीम ने तुरंत उपचार उपलब्ध कराया।

नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाली महिलाओं पर मुक़दमा करना शर्मनाक : जयराम ठाकुर

बिलासपुर में भाजपा के विधायकों को बुलाया नहीं, मंच पर नशे के कारोबारी भी बैठे

बिलासपुर 


पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बिलासपुर भाजपा द्वारा प्रदेश में बढ़ रहे नशे के आतंक, सरकार द्वारा नशे के कारोबारियों को मिल रहे संरक्षण और बिलासपुर में नशा रोकने के लिए गश्त कर रही महिलाओं के खिलाफ़ किए गए मुकदमे के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने नशे के खिलाफ़ अपनी पंचायतों में गश्त कर रही महिला मण्डल की कुछ महिलाओं के खिलाफ़ पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मुकदमे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उसे वापस लेने की मांग की। इस बाबत उन्होंने बिलासपुर मुख्य बाजार से उपायुक्त कार्यालय तक प्रदर्शन यात्रा निकालकर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को महिलाओं के खिलाफ़ हुए मुकदमे को वापस लेने हेतु ज्ञापन सौंपा।
अपने परिवार को नशे से बचाने के लिए महिलाएं गश्त करने को मजबूर क्यों हैं

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार नशे को लेकर वास्तव में गंभीर नहीं है। इसलिए नशे के खिलाफ़ लड़ाई में गंभीरता दिखाने की बजाय शोबाजी और इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में नशा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जहाँ आदमी का पहुंचना भी मुश्किल है, वहाँ भी नशा और नशा करने वाले लोग पहुँच रहे हैं। प्रदेश के कोने- कोने में नशा अपना तांडव मचा रहा है। हमारे युवा आए दिन सड़कों पर नशे के ओवरडोज इसके कारण बेमौत मर रहे हैं। यह परिस्थितियां दिल दहलाने वाली हैं। लेकिन सरकार नशा के कारोबारियों पर सख्ती दिखाने की बजाय नशे के खिलाफ़ आवाज उठा रही मातृ शक्ति को ही निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि आखिर यह स्थिति क्यों आई कि महिलाओं को अपने पंचायतों की रखवाली करनी पड़ रही है। यह है सरकार और व्यवस्था की नाकामी है जो काम पुलिस को करना चाहिए वह काम आम लोग कर रहे हैं और उसके बदले उन्हें मुकदमो का सामना करना पड़ रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहुत गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जब महिलाओं द्वारा नशे की सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस मौके पर क्यों नहीं पहुंची? गांव की झाड़ियों में सरेआम नशा लेने में प्रयोग होने वाले इंजेक्शन की खेप मिलती है। यह आये दिन की बात है। नशे के खिलाफ़ लड़ाई में समाज सहयोग दे रहा है। परिवार सहयोग दे रहा है। प्रदेशवासी सहयोग दे रहे हैं तो सरकार आखिर ऐसा क्यों कर रही है? अगर अपने बच्चों को नशे से बचाने के लिए माताओं को आगे आना पड़ रहा है तो मुख्यमंत्री और सरकार को इस स्थिति पर विचार करना चाहिए। यह स्थिति बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को इस विषय पर गंभीरता से सोचना होगा और नशे के खिलाफ़ लड़ाई में सिर्फ इवेंट और हेडलाइन मैनेजमेंट से आगे बढ़कर काम करना होगा।


उन्होंने अपने कार्यकाल के बारे में बताते हुए कहा कि प्रदेश में नशे के कारोबार से जुड़े ज्यादातर लोग अन्य राज्यों से संबंध रखते हैं इसलिए पूर्व सरकार में हमने पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर आपसी सहयोग के साथ काम करने का फैसला किया। पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भरोसे में लेकर हमने जो मुहिम चलायी उसका बहुत लाभ हुआ और नशे पर प्रभावी नियंत्रण हो पाया। सभी मुख्यमंत्री और जिम्मेदार उच्च पदस्थ अधिकारियों के बीच तीन मीटिंग हुई। लेकिन वर्तमान सरकार के 3 साल के कार्यकाल में एक भी ऐसी मीटिंग्स नहीं हुई।


इवेंट से नहीं गंभीरता से काम करने पर प्रदेश से खत्म होगा नशा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज प्रदेश में नशे से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है और नशे को सहयोग करने वाले लोग सत्ता के करीबी हैं। बिलासपुर में बीते हफ्ते नशे के खिलाफ़ वॉक्थन का आयोजन किया गया। बच्चों को 9:30 बजे से बुलाकर ही बैठाया गया और मुख्यमंत्री 2:00 बजे के बाद आए। इस कार्यक्रम में बिलासपुर जिले के चार में तीन विधायक जो भारतीय जनता पार्टी के थे उन्हें बुलाया तक नहीं गया लेकिन ऐसे लोग मंच की शोभा बढ़ा रहे थे जिन पर खुद ही नशे को लाने का आरोप है। मुख्यमंत्री को अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि उनके ऊपर गोलियां क्यों चली और उस पूरे गोलीकांड में नशे का क्या रोल है? हमारे विधायक कहते हैं कि अच्छा हुआ की सरकार ने उस मंच पर नहीं बुलाया जिसपर नशा फैलाने वाले लोग पहले से ही सुशोभित थे। क्या इसी तरह से प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ़ अपनी लड़ाई लड़ेगी? अगर सच में मुख्यमंत्री चिट्टे के खिलाफ गंभीर हैं तो उन्हें चिट्टे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हर एक प्रदेशवासी को सहयोग करना चाहिए, सम्मानित करना चाहिए, मुक़दमा नहीं। लेकिन यह सरकार स्कूल, कॉलेज, मंदिर, आंगनबाड़ी केन्द्रों के पास शराब के ठेकों का भी विरोध करने वालों पर एफआईआर करती है

वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं पर गंभीरता से अमल सुनिश्चित करे विभाग : उपायुक्त




बिलासपुर 

जिला मुख्यालय बिलासपुर के बचत भवन में मंगलवार को वरिष्ठ नागरिक सभा बिलासपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, सहायक उपायुक्त राजकुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश बंसल, रेड क्रॉस सोसाइटी के अमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 


इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिक सभा के अध्यक्ष डॉ. जे एन मिश्रा, महासचिव मस्तराम वर्मा, संरक्षक ओपी गर्ग, सदस्य राजपाल सरीन, राजकुमार, शशि बाला, कांता शर्मा, रक्षा टाडू, सुशील पुंडीर, रमेश नड्डा, नवल किशोर, बी डी ठाकुर, कृष्ण लाल ठाकुर, राजेंद्र शर्मा, शहजाद सिंह चौहान, जगन्नाथ गौतम सहित अन्य सदस्यों ने भी बैठक में भाग लिया।

बैठक के दौरान वरिष्ठ नागरिक सभा बिलासपुर द्वारा उपायुक्त के समक्ष शहर से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याएं रखी गईं। इनमें पार्किंग निर्माण, पैदलपथ की व्यवस्था, शहर में नालियों की नियमित सफाई, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष चिकित्सा पर्ची की सुविधा, एम्स अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था, कोलडैम से जल आपूर्ति, शहर में घूम रहे आवारा पशुओं की समस्या, स्विमिंग पूल से संबंधित विषय, कॉलेज चौक रघुनाथपुर में ओवरहेड पुल निर्माण तथा जेबरा क्रॉसिंग, फोरलेन पर रैन शेल्टर का निर्माण, शहर में शौचालय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, पेयजल समस्या, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था, एम्स अस्पताल के मुख्य गेट के सामने पड़े मिट्टी के ढेर एवं अन्य मलबे को हटाना तथा बस स्टैंड से मंडी बुराड़ी पुल तक ई टैक्सी चलाने जैसी मांगें प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

उपायुक्त राहुल कुमार ने वरिष्ठ नागरिक सभा द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक बिंदु पर गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि वरिष्ठ नागरिक सभा द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इनसे जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यूको आरसेटी बिलासपुर में सम्पन्न हुआ ब्यूटी पार्लर मैनेजमैंट का 35 दिवसीय प्रशिक्षण




बिलासपुर

यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बिलासपुर के माध्यम से बिलासपुर जिला में ब्यूटी पार्लर मैनेजमेंट का 35 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण शिविर शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण में 33 महिलाओं ने भाग लिया।

संस्थान के निदेशक अजय कुमार शर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए। इस अवसर पर उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है तथा जिला के बेरोजगार ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के लिए कई गतिविधियों में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करता है।

 अब तक जिला में बहुत से युवाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। उन्होंने बताया कि संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के 18 से 50 वर्ष के युवाओं के लिए विभिन्न गतिविधियों में प्रशिक्षण प्रदान करता है जिनमें ड्रेस डिजाईनिंग, ब्यूटीपार्लर, रेशम कीट पालन, मशरूम उत्पादन, दुग्ध उत्पादन, बैग बनाना, खिलौना बनाना, कंप्यूटर बेसिक, मोटर ड्राइविंग आदि शामिल हैं।
उन्होंने लोगों को बैंक द्वारा चलाई जा रही अटल पेंशन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, बीमा योजना आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकों द्वारा स्वरोजगार के लिए मुद्रा लोन, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई, स्टैंड अप-इंडिया और बहुत सी अन्य ऋण सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाती है। इच्छुक प्रशिक्षणार्थी यूको आरसेटी बिलासपुर में कोई भी बताये गए प्रशिक्षणों का निशुल्क लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवा सकते।

घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल विश्वविद्यालय तथा दो आधुनिक व्यावसायिक परिसरों की स्थापना को प्रदेश कैबिनेट ने दी मंजूरी


तकनीकी शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, कहा डिजिटल कौशल और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  

बिलासपुर 

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई मंत्रीमण्डल की बैठक में जिला बिलासपुर के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से जुडे दो महत्वपूर्ण निर्णय लेकर मंजूरी प्रदान की गई। जिसमें पहला निर्णय घुमारवीं में डिजिटल युनिवर्सिटी स्थापित करने तथा दूसरा निर्णय दो आधुनिक वाणिज्यिक परिसर स्थापित करना शामिल है।
नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए दो बडे निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल युनिवर्सिटी तथा दो वाणिज्यिक परिसारों के स्थापित होने से इस क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रीमण्डल ने घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस विश्वविद्यालय के स्थापित हो जाने पर प्रदेश के युवाओं को नवाचार, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास तथा उद्यमिता के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही कहा कि यह संस्थान डिजिटल रूप से सक्षम, कुशल एवं आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
राजेश धर्माणी ने बताया कि इसके अतिरिक्त प्रदेश मंत्रीमण्डल ने घुमारवीं क्षेत्र में मोहल मौजा पनोल शहरी तथा औहर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निमार्ण को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन वाणिज्यिक परिसरों के स्थापित होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्राम पंचायत कोटखास में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष, जांच की मांग तेज

बिलासपुर

ग्राम पंचायत कोटखास में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों के समय पर पूर्ण न होने से ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। सोमवार को ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रशासन से हस्तक्षेप और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
ग्रामीण अवतार सिंह ने बताया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। कई कार्य अधूरे पड़े हैं, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पंचायत से जुड़े विकास कार्यों और रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों की गति काफी समय से बेहद धीमी है, जिससे लोगों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत के विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में जब ग्राम पंचायत कोटखास के प्रधान हरनेक सिंह से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि पंचायत के विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में विकास कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा सके।

3 किलो 650 ग्राम चरस बरामद, पंजाब–जम्मू-कश्मीर के तीन तस्कर गिरफ्तार

तेज रफ्तार एर्टिगा नाका तोड़कर भागी, घुमारवीं पुलिस ने पीछा कर दबोचा



बिलासपुर


घुमारवीं उपमंडल में नशा कारोबार पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड मात्रा में चरस बरामद की है। शनिवार देर शाम गुलातर क्षेत्र में लगाए गए नाके के दौरान एक पंजाब नंबर की एर्टिगा कार (PB01E 3946) तेज रफ्तार से नाका तोड़कर निकल गई। कार चालक की संदिग्ध हरकत को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत वाहन का पीछा शुरू किया।

घुमारवीं पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और सतर्कता के चलते कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर उमरीनाला ब्रिज कूहमजवाड़ के पास वाहन को रोक लिया गया। तलाशी के दौरान कार से 3 किलो 650 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसे तस्करी के उद्देश्य से लाया जा रहा था। पुलिस ने मौके पर ही तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कर रही घुमारवीं पुलिस टीम

घुमारवीं पुलिस क्षेत्र पहले भी नशा तस्करों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयों के लिए जाना जाता है। कुछ दिन पहले इसी टीम ने आधा किलो से अधिक चिट्टा पकड़कर बड़ी कामयाबी हासिल की थी। नशा तस्करी के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई के लिए टीम के एचसी आशु वर्मा को इस माह ‘स्टार परफॉर्मर ऑफ द मंथ’ का सम्मान भी मिल चुका है।

गिरफ्तार आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है–
अर्शदीप सिंह, पुत्र जसविन्द्र सिंह, गांव हयातनगर, जिला गुरदासपुर (पंजाब), उम्र 25 वर्ष ,मनप्रीत, पुत्र प्रीतम चन्द, निवासी जेल रोड, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट कॉलोनी, रविदास चौक के निकट, गुरदासपुर (पंजाब), उम्र 24 वर्ष व अमित कुमार, पुत्र वेद कुमार, गांव बतई, तहसील भाला, जिला डोडा (जम्मू-कश्मीर), उम्र 27 वर्ष



पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

डीएसपी मदन धीमान ने बताया कि वाहन से कुल 3 किलो 650 ग्राम चरस बरामद की गई है। दो व्यक्तियों से बरामदगी की पुष्टि हुई है। मामले में एफआईआर दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

डुगली छांब में दशकों से लंबित सड़क निर्माण की मांग, छह माह में प्रक्रिया शुरू होने का भरोसा: जितेंद्र चंदेल

बिलासपुर 

ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा के डुगली छांब क्षेत्र में सड़क निर्माण की मांग पिछले कई वर्षों से लंबित पड़ी है। स्वतंत्रता के बाद से आज तक इस गांव को सड़क सुविधा नहीं मिल पाई है, जिसके चलते ग्रामीणों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्या को हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल के समक्ष उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से बीमार व्यक्तियों को आज भी पालकी में अस्पताल ले जाना पड़ता है। पीने का पानी सिर पर ढोकर लाना पड़ता है। बच्चों के लिए स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जबकि बरसात और गर्मी में हालात और भी विकट हो जाते हैं।

इस संबंध में बलदेव, श्यामलाल, छोटाराम, रतनलाल, नंदलाल, सोमा देवी, फूला देवी, सोनी देवी, अंजू देवी, माया देवी, रितु देवी, रवि कुमार, रंजीत, शंकरी देवी, निकुरम, सुरेंद्र कुमार, नरोत्तम कुमार और प्रकाश सहित कई ग्रामीणों ने चंदेल से मुलाकात की।
ग्रामवासियों की समस्या सुनने के बाद हिमुडा निदेशक मंडल सदस्य जितेंद्र चंदेल ने आश्वासन दिया कि आने वाले छह महीनों में गांव तक सड़क पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही। चंदेल ने बताया कि उन्होंने समस्या को राजेश धर्माणी के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष रखा है और जल्द प्रावधान करवाने का भरोसा दिया है।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...