एम्स बिलासपुर ने मुख कैंसर उपचार में रचा नया कीर्तिमान, प्लास्टिक सर्जरी पुनर्निर्माण में स्थापित किए नए मानक

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बिलासपुर। एम्स बिलासपुर ने मुख कैंसर (Oral Cancer) के उपचार और पुनर्निर्माण सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने जटिल प्लास्टिक सर्जरी पुनर्निर्माण प्रक्रियाओं में नए मानक स्थापित करते हुए उत्तर भारत के एक अग्रणी तृतीयक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है। प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर से पीड़ित 60 मरीजों की जटिल सर्जरी और सफल पुनर्निर्माण किया गया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. नवनीत ने बताया कि “पुनर्निर्माण सर्जरी मुख कैंसर उपचार का अभिन्न हिस्सा है। यह केवल शारीरिक संरचना ही नहीं, बल्कि रोगियों की वाणी, निगलने की क्षमता और आत्मसम्मान को भी पुनर्स्थापित करती है।” एक ही छत के नीचे समग्र उपचार एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर का उपचार बहु-विषयक (Multidisciplinary) टीम द्वारा किया जाता है। ऑन्कोसर्जरी, ईएनटी और दंत चिकित्सा विभाग मिलकर ट्यू...

घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल विश्वविद्यालय तथा दो आधुनिक व्यावसायिक परिसरों की स्थापना को प्रदेश कैबिनेट ने दी मंजूरी


तकनीकी शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, कहा डिजिटल कौशल और उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा  

बिलासपुर 

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई मंत्रीमण्डल की बैठक में जिला बिलासपुर के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र से जुडे दो महत्वपूर्ण निर्णय लेकर मंजूरी प्रदान की गई। जिसमें पहला निर्णय घुमारवीं में डिजिटल युनिवर्सिटी स्थापित करने तथा दूसरा निर्णय दो आधुनिक वाणिज्यिक परिसर स्थापित करना शामिल है।
नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए दो बडे निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल युनिवर्सिटी तथा दो वाणिज्यिक परिसारों के स्थापित होने से इस क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश मंत्रीमण्डल ने घुमारवीं में सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल के अंतर्गत मल्टीडिसिप्लिनरी इंस्टिट्यूट ऑफ इनोवेशन, स्किल, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (एमआईआईएसटीईआर) की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस विश्वविद्यालय के स्थापित हो जाने पर प्रदेश के युवाओं को नवाचार, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास तथा उद्यमिता के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही कहा कि यह संस्थान डिजिटल रूप से सक्षम, कुशल एवं आत्मनिर्भर कार्यबल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
राजेश धर्माणी ने बताया कि इसके अतिरिक्त प्रदेश मंत्रीमण्डल ने घुमारवीं क्षेत्र में मोहल मौजा पनोल शहरी तथा औहर में आधुनिक वाणिज्यिक परिसरों के निमार्ण को भी स्वीकृति प्रदान की है। इन वाणिज्यिक परिसरों के स्थापित होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों के लिए व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल और बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

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