घुमारवीं पुलिस ने 30.1 ग्राम चिट्टा के साथ 3 युवक दबोचे



बिलासपुर 


 जिला बिलासपुर के घुमारवीं थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तीन युवकों को चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गश्त और नाकाबंदी के दौरान बलोह के पास मलयावर लिंक रोड पर की गई।

पुलिस द्वारा रोकी गई HP82A-6609 नंबर की गाड़ी में सवार तीन युवकों से कुल 30.1 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

प्रिंस कुमार, पुत्र कर्म चंद, निवासी डावण, तहसील बल्ह, जिला मंडी (उम्र 29 वर्ष)

राज कुमार, पुत्र बृज लाल, निवासी कुमी, तहसील बल्ह, जिला मंडी (उम्र 25 वर्ष)

लेख राज, पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुमी, तहसील बल्ह, जिला मंडी (उम्र 25 वर्ष)


तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनके खिलाफ थाना घुमारवीं में ND&PS एक्ट के तहत FIR दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी घुमारवीं ने पुष्टि की है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भारी वर्षा के चलते जिला बिलासपुर में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा, उपायुक्त ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की



बिलासपुर 

जिला में रविवार रात से हो रही लगातार भारी वर्षा के चलते नदी-नालों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वहीं कई क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जिले के निवासियों से अपील की है कि वे एहतियात बरतें और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखें।

उपायुक्त ने कहा है कि खड्डों, ढलानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 या आपदा हेल्पलाइन नंबर — जिला बिलासपुर
 जिला नियंत्रण कक्ष 01978-224901 / 902 / 903 / 904 और नियंत्रण कक्ष सदर: 01978-224798
नियंत्रण कक्ष घुमारवीं: 01978-255227
 नियंत्रण कक्ष झंडूता: 01978-272122
नियंत्रण कक्ष स्वारघाट: 01978-284094 अन्य हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।

उन्होंने जानकारी दी कि जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और उपमंडल स्तर पर प्रशासनिक टीमें पूर्ण रूप से अलर्ट पर हैं। जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को सभी प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग को अवरुद्ध सड़कों को शीघ्र खोलने के आदेश जारी किए गए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है। नागरिकों से अपील है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक जोखिम न लें और अनावश्यक सफर से बचें।

बस दुर्घटना में घायल यात्रियों से मिलने एम्स पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, बोले - हर संभव मदद देगी सरकार



बिलासपुर सुनील ठाकुर 

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के नम्होल के समीप हुई दर्दनाक बस दुर्घटना के घायलों से मिलने के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू गुरुवार को एम्स बिलासपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने मरीजों से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे में घायलों को हरसंभव सहायता और उपचार प्रदेश सरकार की ओर से उपलब्ध करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने एम्स के चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों का सर्वोत्तम इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि इलाज में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।


32 यात्री घायल, चालक की हालत गंभीर

इस हादसे में कुल 32 यात्री घायल हुए हैं, जिनका इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है। दुर्घटनाग्रस्त बस का चालक गंभीर रूप से घायल है और उसे मार्कंड के नागरिक अस्पताल में भर्ती किया गया है।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और घायलों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रभावितों को फौरी राहत राशि भी मुहैया करवाई गई है।

मुख्यमंत्री के साथ कई नेता और अधिकारी रहे मौजूद

मुख्यमंत्री के साथ तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, पवन ठाकुर, संजीव गुलेरिया और गौरव शर्मा भी उपस्थित रहे।

घटनास्थल और राहत कार्यों की जानकारी देते हुए उपायुक्त राहुल कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप धवल ने मुख्यमंत्री को बताया कि राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए थे, जिससे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकी।

मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि हादसे के कारणों की जांच तेजी से की जाए और यदि लापरवाही सामने आती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

बददी से नालागढ़ तक फोरलेन देरी के लिए राज्य सरकार व प्रशासन जिम्मेदार : उर्मिला

कांग्रेस नेताओं ने कंपनी पर निजी हितों के लिए डाला दबाव, अब मौन 


 

बददी 


औद्योगिक नगरी बददी से नालागढ़ तक के फोरलेन की हालत इन दिनों इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क जगह-जगह खड्डों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। यहां से गुजरने वाला हर वाहन, चाहे वह दोपहिया हो या लग्जरी कार, सड़क की दुर्दशा का शिकार हो रहा है। इस समस्या को लेकर नगर परिषद बददी की पूर्व चेयरमैन उर्मिला गुरमेल चौधरी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा है कि फोरलेन के काम में हो रही देरी के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार हैं। 

उर्मिला ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस एकमात्र सड़क से हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं, उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पटेल इंफ्रा कंपनी इस फोरलेन पर काम कर रही थी, उस समय स्थानीय कांग्रेस नेताओं और विधायक ने कंपनी पर निजी लाभ के लिए तरह-तरह का दबाव बनाया। किसी समय क्रशर बेचने को मजबूर किया गया तो कभी मिट्टी सप्लाई के लिए, तो कभी अन्य ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव बनाया गया। 

रोजाना हजारों उद्यमी व आम नागरिकों में कीचड़ में होना पड़ रहा परेशान 

पूर्व चेयरमैन का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट कर दिए होते, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली होती और अधिकारियों ने ईमानदारी से काम किया होता, तो आज यह फोरलेन बन चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक कंपनी से लाभ मिल रहा था, तब तक कांग्रेस नेता सक्रिय थे, लेकिन अब जब कंपनी परेशान होकर काम छोड़ चुकी है तो वही नेता और विधायक मौन धारण किए बैठे हैं। 

उर्मिला चौधरी ने कहा कि सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण रोजाना आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन खराब हो रहे हैं, दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और कीचड़ व पानी से लोग त्रस्त हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण न केवल आम जनता, बल्कि उद्योगपति वर्ग भी इस जर्जर सड़क से परेशान हैं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र की साख पर असर पड़ रहा है। 
हरियाणा राज्य के हिस्से में तेजी से हुआ काम, हिमाचल के हिस्से में केवल राजनीति 

जल्द करेंगे केंद्रीय मंत्री से मुलाकात : 
उर्मिला गुरमेल चौधरी ने बताया कि वह एक प्रतिनिधिमंडल लेकर इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा के हिस्से में पिंजौर से मढ़ांवाला तक फोरलेन का काम लगभग पूरा हो चुका है, वैसा ही काम हिमाचल के हिस्से में नहीं हो पाया। इसका कारण सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि गडकरी को वह पूरी रिपोर्ट सौंपेंगी और मांग करेंगी कि इस फोरलेन परियोजना को केंद्र सरकार अपने स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाए। उर्मिला ने कहा कि बददी-नालागढ़ के लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते। अगर समय रहते इस परियोजना को पूरा नहीं किया गया तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...