जिला बिलासपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन

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बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनवरी 2026 के दौरान जिला बिलासपुर में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) श्री राजेश कौशल द्वारा किया गया। अभियान के अंतर्गत छात्रों, वाहन चालकों, आम नागरिकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। इसी क्रम में आरटीओ श्री राजेश कौशल द्वारा एम्स बिलासपुर में प्रशिक्षु डॉक्टरों से संवाद किया गया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, उनके दुष्प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही 7 दिनों तक की निशुल्क इलाज सुविधा के बारे में भी अवगत कराया गया। इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षु डॉक्टरों से अपील की गई कि वे इस सुविधा की जानकारी सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों एवं उनके परिजनों को दें, ...

बददी से नालागढ़ तक फोरलेन देरी के लिए राज्य सरकार व प्रशासन जिम्मेदार : उर्मिला

कांग्रेस नेताओं ने कंपनी पर निजी हितों के लिए डाला दबाव, अब मौन 


 

बददी 


औद्योगिक नगरी बददी से नालागढ़ तक के फोरलेन की हालत इन दिनों इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क जगह-जगह खड्डों और कीचड़ में तब्दील हो चुकी है। यहां से गुजरने वाला हर वाहन, चाहे वह दोपहिया हो या लग्जरी कार, सड़क की दुर्दशा का शिकार हो रहा है। इस समस्या को लेकर नगर परिषद बददी की पूर्व चेयरमैन उर्मिला गुरमेल चौधरी ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा है कि फोरलेन के काम में हो रही देरी के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार हैं। 

उर्मिला ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस एकमात्र सड़क से हजारों लोग रोजाना आवागमन करते हैं, उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पटेल इंफ्रा कंपनी इस फोरलेन पर काम कर रही थी, उस समय स्थानीय कांग्रेस नेताओं और विधायक ने कंपनी पर निजी लाभ के लिए तरह-तरह का दबाव बनाया। किसी समय क्रशर बेचने को मजबूर किया गया तो कभी मिट्टी सप्लाई के लिए, तो कभी अन्य ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव बनाया गया। 

रोजाना हजारों उद्यमी व आम नागरिकों में कीचड़ में होना पड़ रहा परेशान 

पूर्व चेयरमैन का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट कर दिए होते, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली होती और अधिकारियों ने ईमानदारी से काम किया होता, तो आज यह फोरलेन बन चुका होता। उन्होंने आरोप लगाया कि जब तक कंपनी से लाभ मिल रहा था, तब तक कांग्रेस नेता सक्रिय थे, लेकिन अब जब कंपनी परेशान होकर काम छोड़ चुकी है तो वही नेता और विधायक मौन धारण किए बैठे हैं। 

उर्मिला चौधरी ने कहा कि सड़कों की बदहाल स्थिति के कारण रोजाना आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन खराब हो रहे हैं, दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और कीचड़ व पानी से लोग त्रस्त हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार और प्रशासन की उदासीनता के कारण न केवल आम जनता, बल्कि उद्योगपति वर्ग भी इस जर्जर सड़क से परेशान हैं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र की साख पर असर पड़ रहा है। 
हरियाणा राज्य के हिस्से में तेजी से हुआ काम, हिमाचल के हिस्से में केवल राजनीति 

जल्द करेंगे केंद्रीय मंत्री से मुलाकात : 
उर्मिला गुरमेल चौधरी ने बताया कि वह एक प्रतिनिधिमंडल लेकर इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह हरियाणा के हिस्से में पिंजौर से मढ़ांवाला तक फोरलेन का काम लगभग पूरा हो चुका है, वैसा ही काम हिमाचल के हिस्से में नहीं हो पाया। इसका कारण सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक हस्तक्षेप है। उन्होंने कहा कि गडकरी को वह पूरी रिपोर्ट सौंपेंगी और मांग करेंगी कि इस फोरलेन परियोजना को केंद्र सरकार अपने स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाए। उर्मिला ने कहा कि बददी-नालागढ़ के लोग अब और इंतजार नहीं कर सकते। अगर समय रहते इस परियोजना को पूरा नहीं किया गया तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी।

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