नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए जीता गोल्ड मेडल, पहली बार चमका प्रदेश का नाम

हैदराबाद की लहरों पर हिमाचल की बेटियों का परचम



बिलासपुर ( सुनील ठाकुर )

हिमाचल प्रदेश की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर जज़्बा हो, तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता। हैदराबाद में आयोजित 26वीं सब-जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में बिलासपुर की बेटियों ने इतिहास रचते हुए एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। यह पहली बार है जब हिमाचल की किसी बेटी ने राष्ट्रीय रोइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है।

प्रतियोगिता में बिलासपुर के साइ एनटीपीसी वॉटर स्पोर्ट्स सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं बेटियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से देशभर के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए यह गौरव हासिल किया।

अर्चिता और श्रेया की जोड़ी ने जबरदस्त तालमेल के साथ गोल्ड मेडल जीतकर हिमाचल का सिर गर्व से ऊँचा किया, जबकि अनामिका, तनिष्का ठाकुर, चाहत और प्रीशा की टीम ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किए।


कोच मनीषा चौधरी की मेहनत रंग लाई
इन बेटियों के पीछे एक मजबूत मार्गदर्शक के रूप में खड़ी हैं कोच मनीषा चौधरी, जिनके प्रशिक्षण और प्रेरणा से यह सफलता संभव हो सकी। कोच मनीषा चौधरी ने कहा, "यह सिर्फ एक शुरुआत है। बेटियों ने यह दिखा दिया है कि वे किसी से कम नहीं। सरकार से मिल रहे सहयोग और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत से आने वाले समय में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल होंगी।"

प्रदेश के लिए ऐतिहासिक क्षण
यह जीत सिर्फ मेडल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के लिए खेल इतिहास में एक मील का पत्थर है। नेशनल लेवल पर बेटियों द्वारा हासिल किया गया यह गोल्ड मेडल आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरणा देगा।

लक्ष्य अब इंटरनेशनल चैंपियनशिप

विजेता बेटियों ने कहा कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा। उनका अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है। उन्होंने कहा कि वे और अधिक मेहनत करेंगी और दुनिया को दिखा देंगी कि हिमाचल की बेटियां हर क्षेत्र में आगे हैं।

युद्धविराम पर देश का बच्चा-बच्चा पूछ रहा सवाल: संदीप सांख्यान ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना



बिलासपुर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट के बाद अचानक घोषित युद्धविराम को लेकर कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है और कहा कि इससे देश की गरिमा और स्वाभिमान को ठेस पहुंची है।

प्रेस को जारी अपने बयान में सांख्यान ने कहा कि जब भारतीय सेना ने आतंकवादियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू की थी और समूचा देश तथा विपक्ष एकजुट होकर सरकार के साथ खड़ा था, तब इस तरह से बिना किसी व्यापक राजनीतिक सहमति के युद्धविराम की घोषणा करना असमझनीय और शर्मनाक है।


उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अब भारत की दशा और दिशा अमेरिकी राष्ट्रपति तय करेंगे? सांख्यान ने आरोप लगाया कि यह पहला मौका है जब भारत ने विदेशी दबाव में आकर युद्धविराम जैसा बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर देश की गरिमा को ऊंचा किया था, लेकिन आज की सरकार विदेशी बयान पर युद्ध रोककर देश की आत्मा को आहत कर रही है।

सांख्यान ने यह सवाल भी उठाया कि जब पहलगाम में निर्दोष 26 भारतीयों की हत्या की गई थी, तब अगर युद्धविराम करना ही था तो कम से कम यह शर्त रखी जाती कि आतंकियों को भारत के हवाले किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा पाकिस्तान के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाया है, लेकिन जब निर्णायक कार्रवाई का वक्त आया तो विदेशी इशारे पर पीछे हट गई।

अंत में संदीप सांख्यान ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा आज यह पूछ रहा है कि क्या भारतीयों ने जनमत भाजपा को दिया था या अमेरिका के राष्ट्रपति को? उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।

भारतीय सेना ने लिखी एक और स्वर्ण गाथा..... संदीप सांख्यान



बिलासपुर 

प्रेस को जारी बयान में प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा कि पहलगाम पर निहत्थे पर्यटकों पर हमले की जबाबी कार्यवाही में भारतीय सेना ने लिखी एक और स्वर्णगाथा। उन्होंने की राष्ट्र की गरिमा का सवाल था और इसके लिए भारतीय सेना वधाई की पात्र है। संदीप सांख्यान ने कहा कि इतिहास गवाह है साल 1965 की लड़ाई रही हो या साल 1971-72 या 1999 का कारगिल युद्ध भारतीय सेना का शौर्य को पूरे विश्व में माना है।

 उन्होंने कहा कि पिछले परसों रात हुई एयर स्ट्राइक का कांग्रेस ने स्वागत किया है। संदीप सांख्यान ने कहा कि भारतीय विदेश नीति पड़ोसियों से संबंधों की नींव तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने रखी थी इस को लाल बहादुर शास्त्री जी ने आगे बढ़ाया और इंदिरा गांधी ने तो साल 1971 विश्व में पहला उदाहरण ही रख दिया कि किसी राष्ट्र के दी टुकड़े तक कर दिए।
 इसी कड़ी में स्व. राजीव गांधी जी ने और तत्पश्चात स्व. मोरारजी देसाई रहे हो या स्व. अटल बिहारी वाजपेई जी ने उस नीति को ही आगे बढ़ाया है। यह भारत की सरकारों का विश्व को लेकर के स्थिर रणनीति का हिस्सा रहा है और इसी के परिणाम स्वरूप आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है और हमारे पड़ोसी राष्ट्र को अपनी हरकतों की कीमत चुकानी पड़ रही है।

 उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत सरकार और सेना को सहयोग का पूरा आश्वासन दिया है और उसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सूक्खु ने भी पिछले कल प्रदेश की सीमाओं की सुरक्षा को लेकर हाई लेवल बैठक करके भारतीय सेना की सराहना की है। संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रत्येक कांग्रेस का कार्यकर्ता भारतीय सेना और देश के तीनों अंगों के ऊपर पूर्णता गर्व करता है। संदीप सांख्यान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इस मसले पर केंद्र सरकार की योजनाओं वह आदेशों को व्यवस्थित करने के लिए प्रदेश के सभी जिला संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए हैं। किसी भी आपात स्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र सर्वप्रथम के नारे के साथ और सदैव राष्ट्रहित में कार्यरत है।



बस किराया बढ़ोतरी पर बीजेपी ने साधा निशाना, कहा– सुक्खू सरकार गरीबों की जेब पर डाल रही बोझ : कृष्ण लाल चंदेल


बिलासपुर


भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर के अध्यक्ष कृष्ण लाल चंदेल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुक्खू सरकार लगातार आम जनता और गरीब वर्ग की परेशानियों को बढ़ा रही है। शुक्रवार को एक बयान में चंदेल ने कहा कि सरकार ने एक बार फिर बस किरायों में वृद्धि कर गरीबों की जेब पर डाका डाला है।

उन्होंने बताया कि पहले न्यूनतम बस किराया 5 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए किया गया था और अब सरकार ने पूरे किराए में 15 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन लोगों के लिए अतिरिक्त बोझ है जो रोजमर्रा की यात्रा बसों के माध्यम से करते हैं।

चंदेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सत्ता में आने के बाद लगातार जनहित की योजनाएं खत्म कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार ने पहले मुफ्त बिजली और ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाली मुफ्त पानी की सुविधा छीन ली, अब परिवहन में छूट खत्म कर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।"

बीजेपी नेता ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ जहां जनता को मिलने वाली सुविधाएं घटाई जा रही हैं, वहीं माननीयों के वेतन और भत्तों में वृद्धि कर सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अब महिलाओं को दी जा रही 50 प्रतिशत किराया छूट को भी समाप्त करने की तैयारी में है।

गगरमोड टोल बैरियर पर एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई – 1.488 किलोग्राम चरस बरामद, हरियाणा के तीन तस्कर गिरफ्तार



बिलासपुर 

 नशे के खिलाफ हिमाचल पुलिस की मुहिम को आज उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब विशेष डिटेक्शन टीम बिलासपुर ने गरामोड़ा ग्रीन टोल टैक्स बैरियर पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भारी मात्रा में चरस बरामद की। टीम ने फोरलेन पर नाका लगाकर चेकिंग के दौरान बिलासपुर से कीरतपुर की ओर जा रही एक सफेद मारुति एस्टीलो कार (HP34F-2074) को रोका।

तलाशी के दौरान कार से 1 किलो 488 ग्राम चरस बरामद हुई। मौके से हरियाणा के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया:

1. सुमित पुत्र प्रेम चंद, गांव फुर्लक, तहसील घरौंडा, जिला करनाल, उम्र 24 वर्ष
2. अजय पुत्र महावीर, गांव फुर्लक, तहसील घरौंडा, जिला करनाल, उम्र 28 वर्ष
3. पर्वेश कुमार पुत्र रामनिवास, गांव कम्बोपुरा, डाकघर मधुबन, जिला करनाल, उम्र 28 वर्ष

तीनों आरोपियों के विरुद्ध थाना स्वारघाट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई का नेतृत्व हेड कांस्टेबल आशु वर्मा (नं. 50) ने अपनी टीम के साथ किया।

डीएसपी मदन धीमान ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है और आने वाले समय में इस तरह की सख्त कार्रवाई और भी तेज़ी से जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

300 जिलों में ब्लैकआउट, सायरन और निकासी अभ्यास होंगे युद्ध जैसी स्थिति में नागरिक प्रतिक्रिया की होगी जांच



  

Emergency response training India

भारत सरकार 7 मई 2025 को देश के लगभग 300 सिविल डिफेंस जिलों में एकसाथ मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इस अभ्यास का उद्देश्य युद्ध जैसी आपात स्थिति में नागरिकों और प्रशासन की तैयारियों की वास्तविक परख करना है। ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन बजाए जाएंगे, ब्लैकआउट किया जाएगा, संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा प्रक्रिया का परीक्षण होगा और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए निकासी अभ्यास भी होंगे।

यह अभ्यास खासकर उन जिलों में किया जा रहा है जहां परमाणु संयंत्र, सैन्य ठिकाने, जलविद्युत परियोजनाएं, रिफाइनरियां, दूरसंचार टावर और रणनीतिक महत्व की अन्य संपत्तियां स्थित हैं। इनमें से अधिकांश जिले अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के समीप या बड़े शहरी केंद्र हैं जहां संकट के समय जोखिम अधिक होता है।

ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट की स्थिति बनाई जाएगी जिससे यह आकलन किया जा सके कि बिजली बंद होने की दशा में नागरिक सेवाएं और आपात प्रतिक्रिया तंत्र कितनी जल्दी सक्रिय होता है। एयर रेड सायरनों के जरिये जनता को सचेत किया जाएगा और उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के निर्देश दिए जाएंगे।

निकासी अभ्यास के तहत उच्च जोखिम वाले इलाकों से नागरिकों को संगठित ढंग से निकाला जाएगा और बंकरों या अस्थायी आश्रयों में ले जाया जाएगा। इसके साथ ही कैमोफ्लाज अभ्यास भी किए जाएंगे जिनमें बिजली संयंत्रों और संचार केंद्रों को हवाई हमलों से बचाने के लिए अस्थायी ढंकाव का परीक्षण होगा।

प्रशिक्षण सत्रों में प्राथमिक चिकित्सा, आपदा के समय की मानसिक शांति, सुरक्षित स्थानों की जानकारी और सरकारी निर्देशों के पालन की प्रक्रिया सिखाई जाएगी। सिविल डिफेंस कर्मियों के साथ-साथ होम गार्ड, एनसीसी, एनएसएस, पुलिस बल और जिला प्रशासन की टीमें भी सक्रिय भागीदारी करेंगी।

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अभ्यास किसी संभावित युद्ध की चेतावनी नहीं है बल्कि 1968 की सिविल डिफेंस नियमावली के तहत नागरिक सुरक्षा की तैयारियों को अद्यतन करने का प्रयास है। शीत युद्ध के दौर में बनाई गई इन योजनाओं को अब वर्तमान खतरों के अनुसार आधुनिक रूप दिया जा रहा है।

मॉक ड्रिल के पश्चात सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक रिपोर्ट बनानी होगी जिसमें कार्रवाई का ब्यौरा, मिली सीख और सुधार के क्षेत्र स्पष्ट किए जाएंगे। यह रिपोर्ट भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय संकट के समय बेहतर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक होगी।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अभ्यास के दौरान संयम रखें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यह अभ्यास न केवल प्रशासनिक समन्वय की परीक्षा है बल्कि आम नागरिकों के बीच जागरूकता और आत्मविश्वास पैदा करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।


Mock Drill districts List

राज्य जिले
राजस्थान कोटा, रावत-भाटा, अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, उदयपुर, सीकर, नाल, सूरतगढ़, आबू रोड, नसीराबाद (अजमेर), भिवरी, फुलेरा (जयपुर), नागौर (मेड़ता रोड), जालोर, बेवर (अजमेर), लालगढ़ (गंगानगर)
उत्तर प्रदेश (UP) बुलन्दशहर (नरौरा), आगरा, इलाहाबाद, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, बख्शी-का-तालाब, मुगलसराय, सरसावा, बागपत, मुजफ्फर नगर
हरियाणा अंबाला, हिसार, फरीदाबाद, गुड़गांव, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, झज्झर
गुजरात सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, जामनगर, गांधीनगर, भावनगर, ककरापुर, कांडला, नलिया, अंकलेश्वर, ओखा, वडिनार, भरूच, दंग्स, कच्छ, मेहसाना, नर्मला, नवसारी
जम्मू-कश्मीर अनंतनाग, बडगाम, बारामूला, डोडा, जम्मू, कारगिल, कठुआ, कुपवाड़ा, लेह, पूंछ, राजौरी, श्रीनगर, उद्यमपुर, संब, अखनूर, उरी, नौशेरा, सुंदरबनी, अवंतीपुर, पुलवामा
पंजाब अमृतसर, भटिंडा, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, अजनामपुर, बरनाला, भाखड़ा-नांगल, हलवारा, कोठकापुर, बटाला, मोहाली (सासनगर), अबोहर, फरीदपुर, रोपड़, संग्रूर
उड़ीसा तालचेर, बालासोर, कोरापुट, भुवनेश्वर, गोपालपुर, हीराकुंड, पारादीप, राउरकेला, भद्रक, ढेंकनाल, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा
बिहार बरौनी, कटिहार, पटना, पुर्णिया, बेगूसराय
असम बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, धुबरी, गोलपारा, जोरहाट, सिबसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, डिलियाजान, गुवाहाटी (डिसपुर), रंगिया, नामरूप, नाजिरा, नॉर्थ-लखीमपुर, नुमालीगढ़, डारंग, गोलाघाट
झारखंड बोकारो, गोमियो, गोड्डा, साहेबगंज
अरुणाचल प्रदेश इटानगर, तवांग, हायूलिंग
पश्चिम बंगाल कूचबिहार, दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, दुर्गापुर, ग्रेटर कोलकाता, हल्दिया, हाशिमारा, खरगपुर, आसनसोल, फरक्का, चितरंजन, बालुरघाट, अलीपुरद्वार इस्लामपुर, दिनहाटा, मेखलीगंज, माथाभांगा, कलिंपोंग, जलढाका, कुर्सियांग, कोलाघाट, बर्धमान, बिरभूम, पूर्व मेदनीपुर, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद
मध्यप्रदेश भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, कटनी
गोवा नॉर्थ गोवा, साउथ गोवा
महाराष्ट्र मुंबई, तारापुर, ठाणे, पुणे, नासिक, पिंपरी चिंचवाड, औरंगाबाद, भुसावल, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग
लक्षद्वीप लक्षद्वीप
कर्नाटक बेंगलुरु, मल्लेश्वर, रायचूर
केरल कोचीन, तिरुवंतपुरम
मेघालय ईस्ट खासी हिल्स, जैंतिया हिल, वेस्ट गारो हिल्स
मणिपुर इंफाल, चुराचांदपुर, उखरूल, मोरेह, निगंथौ-खौंग
चंडीगढ़ चंडीगढ़
छत्तीसगढ़ दुर्ग (भिलाई)
दादरा और नगर हवेली दादरा (सिलवासा)
दमन और दीव दमन
पुडुचेरी पुडुचेरी
हिमाचल प्रदेश शिमला
दिल्ली नई दिल्ली और दिल्ली छावनी
अंडमान-निकोबार पोर्टब्लेयर
आंध्र प्रदेश हैदराबाद, विशाखापत्तनम
त्रिपुरा अगरतल्ला
उत्तराखंड देहरादून
 

क्या करें?

* अपने घर की खिड़कियों, रोशनदानों और दरवाजों को काले कपड़े या अन्य सामग्री से ढकें।
* सड़क पर वाहन चलाते समय लाइटें बंद करें और वाहन को रोक दें।
* मॉक ड्रिल में नागरिकों और छात्रों को सिविल डिफेंस प्रशिक्षण दिया जाएगा।
* टीवी, रेडियो और सरकारी अलर्ट पर ध्यान दें। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। अफवाहों से बचें।
* बच्चों को ड्रिल के बारे में पहले से समझाएं ताकि वे घबराएं नहीं। उन्हें सायरन और ब्लैकआउट की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दें।

54 साल पहले हुई थी आखिरी मॉक ड्रिल
राज्यों में आखिरी मॉक ड्रिल आज से 54 साल पहले 1971 में हुआ था। तब बांग्लादेश की मुक्ति के लिए हुआ युद्ध भारत-पाकिस्तान के बीच पूर्ण युद्ध में बदल गया था जो देश की पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर लड़ा गया था। उस समय नागरिकों की जान-माल को कम से कम नुकसान पहुंचे, इसके लिए ऐसा अभ्यास किया गया था।

छड़ोल डाकघर में बड़ा घोटाला: खातों में जमा हजारों रुपये गायब, डाक कर्मचारी पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज



बिलासपुर


जिले के छड़ोल क्षेत्र में स्थित डाकघर से एक गंभीर वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। यहां कार्यरत एक डाक कर्मचारी द्वारा खाताधारकों की मेहनत की कमाई में हेराफेरी किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोगों द्वारा जमा करवाई गई राशि के साथ की गई इस कथित धोखाधड़ी ने डाक विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।


जानकारी के अनुसार, करीब तीन माह पूर्व डाक विभाग के वरिष्ठ अधीक्षक द्वारा छड़ोल डाकघर की नियमित जांच के दौरान खातों में जमा रसीदों और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। विभागीय जांच में स्पष्ट हुआ कि एक कर्मचारी ने खाताधारकों द्वारा जमा की गई राशि को गलत तरीके से इस्तेमाल किया और संबंधित रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की।

जांच के दौरान सामने आई अनियमितताएं छोटी-मोटी नहीं, बल्कि हजारों रुपये की हेराफेरी को दर्शा रही हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी ने योजनाबद्ध ढंग से कई खातों में हेराफेरी की है, जिससे कई आम लोगों की बचत प्रभावित हुई है।

घोटाले का खुलासा होते ही डाक विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इसकी शिकायत थाना सदर पुलिस को सौंपी। पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



पुलिस प्रवक्ता डी.एस.पी. बिलासपुर मदन धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि थाना सदर पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और आवश्यक साक्ष्य जुटाकर शीघ्र ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। वे मांग कर रहे हैं कि डाक विभाग खाताधारकों की राशि को सुरक्षित करने की गारंटी दे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी प्रणाली विकसित की जाए।

एआईआईएमएस बिलासपुर में ‘म्यूजिक थेरेपी’ पहल, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को मिला बढ़ावा

बिलासपुर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में छात्रों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रो...