बिलासपुर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक ट्वीट के बाद अचानक घोषित युद्धविराम को लेकर कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया है और कहा कि इससे देश की गरिमा और स्वाभिमान को ठेस पहुंची है।
प्रेस को जारी अपने बयान में सांख्यान ने कहा कि जब भारतीय सेना ने आतंकवादियों पर निर्णायक कार्रवाई शुरू की थी और समूचा देश तथा विपक्ष एकजुट होकर सरकार के साथ खड़ा था, तब इस तरह से बिना किसी व्यापक राजनीतिक सहमति के युद्धविराम की घोषणा करना असमझनीय और शर्मनाक है।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अब भारत की दशा और दिशा अमेरिकी राष्ट्रपति तय करेंगे? सांख्यान ने आरोप लगाया कि यह पहला मौका है जब भारत ने विदेशी दबाव में आकर युद्धविराम जैसा बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि तब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर देश की गरिमा को ऊंचा किया था, लेकिन आज की सरकार विदेशी बयान पर युद्ध रोककर देश की आत्मा को आहत कर रही है।
सांख्यान ने यह सवाल भी उठाया कि जब पहलगाम में निर्दोष 26 भारतीयों की हत्या की गई थी, तब अगर युद्धविराम करना ही था तो कम से कम यह शर्त रखी जाती कि आतंकियों को भारत के हवाले किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हमेशा पाकिस्तान के नाम पर राजनीतिक लाभ उठाया है, लेकिन जब निर्णायक कार्रवाई का वक्त आया तो विदेशी इशारे पर पीछे हट गई।
अंत में संदीप सांख्यान ने कहा कि देश का बच्चा-बच्चा आज यह पूछ रहा है कि क्या भारतीयों ने जनमत भाजपा को दिया था या अमेरिका के राष्ट्रपति को? उन्होंने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है।