बिलासपुर
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए "हिमाचल प्रदेश पर्यावरण उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26" से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिमला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रदान किया गया।
समारोह में एम्स बिलासपुर की ओर से कुलसचिव डॉ. राकेश कुमार सिंह तथा अधीक्षण अभियंता आशीष पटयाल ने पुरस्कार, प्रशस्ति-पत्र और सम्मान राशि प्राप्त की। यह सम्मान संस्थान द्वारा पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और संसाधनों के सतत उपयोग के क्षेत्र में किए जा रहे प्रभावी प्रयासों की राज्य स्तर पर मिली बड़ी पहचान माना जा रहा है।
एम्स बिलासपुर ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यावरण-अनुकूल अधोसंरचना विकसित करने, ऊर्जा संरक्षण के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने, जल संरक्षण एवं प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक तरीके से जैव-चिकित्सा और अन्य अपशिष्टों के निस्तारण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। संस्थान परिसर में हरित क्षेत्र के विस्तार, स्वच्छता को बढ़ावा देने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
संस्थान द्वारा अपनाई गई पर्यावरण हितैषी नीतियों के तहत ऊर्जा की बचत, वर्षा जल संचयन, स्वच्छता व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि एम्स बिलासपुर आज न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में भी एक आदर्श संस्थान के रूप में उभरकर सामने आया है।
एम्स बिलासपुर प्रबंधन ने इस उपलब्धि को संस्थान के अधिकारियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और सहयोगी स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। संस्थान ने कहा कि यह सम्मान भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत करेगा।
गौरतलब है कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेश स्तर पर विभिन्न संस्थानों और संगठनों को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें एम्स बिलासपुर को प्राप्त यह पुरस्कार जिले और प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।