बिलासपुर
जिला बिलासपुर के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की छंदोह पंचायत ने इस बार निर्विरोध चुनी जाकर पूरे क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। पंचायत के सर्वसम्मति से गठन होने पर गांव में खुशी और उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने आपसी भाईचारे, एकता और सौहार्द का परिचय देते हुए बिना किसी चुनावी मुकाबले के पंचायत का गठन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को निर्विरोध चुनने का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देना और चुनावी मतभेदों से बचना रहा। पंचायत के निर्विरोध गठन को लोग सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक परंपरा का मजबूत उदाहरण मान रहे हैं।
बैठक में बनी सहमति, सभी ग्रामीणों ने किया समर्थन
जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों की घोषणा के बाद क्षेत्र के लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अगुवाई पूर्व प्रधान मेहर सिंह ने की। उन्होंने ग्रामीणों को एकजुट कर आपसी सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। बैठक में पंचायत को निर्विरोध चुनने पर विस्तार से चर्चा हुई और अंत में सभी लोगों ने सर्वसम्मति से पंचायत गठन का निर्णय लिया।
इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका
छंदोह पंचायत को निर्विरोध बनाने में पूर्व प्रधान मेहर सिंह, पूर्व नायब तहसीलदार कृष्ण चंद, करतार सिंह, बिशन दास, राज कुमार पटियाल, मदन लाल पटियाल, धर्म सिंह, रत्न सिंह और कुलवंत सिंह सहित कई वरिष्ठ लोगों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन लोगों ने लगातार ग्रामीणों के बीच समन्वय बनाकर सहमति तैयार की। ग्रामीणों ने भी इनके प्रयासों की सराहना की है।
विकास कार्यों पर खर्च होगी बची धनराशि
नवनिर्वाचित प्रधान सुभाष रणौत और उपप्रधान बलजीत कश्यप ने पंचायत के निर्विरोध चुने जाने पर क्षेत्रवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि चुनाव निर्विरोध होने से जो धनराशि बचेगी, उसे पंचायत के सभी वार्डों में विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंचायत में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सामुदायिक सुविधाओं और अन्य जरूरी विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि सभी वार्डों में समान रूप से पारदर्शिता के साथ विकास कार्य करवाए जाएंगे।
ग्रामीणों ने बताया सामाजिक एकता की मिसाल
क्षेत्र के लोगों ने छंदोह पंचायत के निर्विरोध गठन को गांव में भाईचारे, आपसी विश्वास और सामाजिक एकता की मिसाल बताया है। लोगों का मानना है कि इस तरह की पहल से विकास कार्यों को गति मिलने के साथ-साथ गांव में सौहार्द का वातावरण भी मजबूत होगा।