बिलासपुर में साल में दो बार लगेगा कैटल ट्रेड फेयर, पशुपालकों को मिलेगा बड़ा मंच: राजेश धर्माणी




बिलासपुर, 24 फरवरी।
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जिला बिलासपुर में पशुपालकों और पशु व्यापारियों की सुविधा के लिए वर्ष में कम से कम दो बार कैटल ट्रेड फेयर आयोजित किया जाएगा। इससे जिले के पशुपालकों को अच्छी नस्ल के दुधारू पशु खरीदने और बेचने के लिए एक संगठित मंच उपलब्ध होगा।
वह बचत भवन बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला की समीक्षा बैठक के दौरान संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपायुक्त बिलासपुर को निर्देश दिए कि सभी संबंधित पशु व्यापारियों, पशुपालकों और विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
मंत्री ने कहा कि कैटल ट्रेड फेयर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। ये किसानों को उच्च नस्ल की गाय, भैंस और बकरी आदि की खरीद-फरोख्त का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ आधुनिक पशुपालन तकनीक, टीकाकरण, नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में जिले के पशुपालकों को उन्नत नस्ल के दुधारू पशु खरीदने के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। यदि यह सुविधा जिला स्तर पर ही उपलब्ध होगी तो इससे किसानों और पशु व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा पशुधन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राजेश धर्माणी ने निर्देश दिए कि कैटल ट्रेड फेयर के आयोजन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पशु स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। पशुपालन विभाग को सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि इस योजना को जल्द धरातल पर उतारा जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य पशुपालकों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाना और बिलासपुर को पशुधन व्यापार के एक संगठित एवं विश्वसनीय केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से यह पहल सफल मॉडल के रूप में स्थापित 

समावेशी सोच के साथ होगा राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026, युवाओं को मिलेगा नया मंच: राजेश धर्माणी



बिलासपुर, 24 फरवरी।
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यवसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 का आयोजन समावेशी सोच और व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। वह मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नलवाड़ी मेला जिला बिलासपुर का सबसे बड़ा आयोजन है और इसे केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों या दंगल तक सीमित न रखकर समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस बार मेले को युवा प्रतिभाओं, साहित्य, रंगमंच, खेल और साहसिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने बताया कि जिला की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए “वॉइस ऑफ बिलासपुर” प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें 16 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त नलवाड़ी नाट्य उत्सव और नलवाड़ी लिटरेचर फेस्टिवल का भी आयोजन किया जाएगा, ताकि साहित्यकारों और रंगकर्मियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिले।
खेल गतिविधियों के तहत कबड्डी, हैंडबॉल, शतरंज, एथलेटिक्स और बैडमिंटन की जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, पैराग्लाइडिंग और जलक्रीड़ा जैसी साहसिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे मेले में रोमांच और आकर्षण बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष नलवाड़ी मेले का आधिकारिक लोगो डिजाइन करने के लिए स्कूल और कॉलेज विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। चयनित प्रतिभागी को सम्मानित किया जाएगा।
राजेश धर्माणी ने निर्देश दिए कि मेले में अनाथ, विधवा एवं दिव्यांगजनों को रियायती दरों पर स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएं। साथ ही प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की प्रदर्शनियों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाए, ताकि आमजन को योजनाओं की जानकारी मिल सके।
बैठक में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, कांग्रेस नेता विवेक कुमार, एसडीएम डॉ. राजदीप सिंह, सहायक आयुक्त राज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित 

झंडूता के कुट गांव में दूर होगी पेयजल किल्लत, 40 हजार लीटर का टैंक बनेगा


जिला बिलासपुर के झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पिछड़े क्षेत्र कोटधार के गांव कुट में अब पेयजल किल्लत नहीं रहेगी। गांव को कुटबांगड़ पेयजल योजना से जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, पहले कुट गांव को कुटबांगड़ पेयजल योजना से नहीं जोड़ा गया था, जिसके चलते ग्रामीणों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस मुद्दे को स्थानीय लोगों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव एवं झंडूता कांग्रेस नेता विवेक कुमार के समक्ष उठाया। मामले को प्राथमिकता से उठाने के बाद अब गांव को योजना से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है।

कुट गांव में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव विवेक कुमार ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याएं उनके समक्ष रखीं। विवेक कुमार ने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गांव में करीब 40 हजार लीटर क्षमता का पेयजल टैंक बनाया जाएगा, जिससे लगभग 500 लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी। साथ ही कुट गांव को कुटबांगड़ पेयजल योजना से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी पेयजल योजना बनने के बावजूद कुट गांव को इससे नहीं जोड़ा गया था, जबकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिलना चाहिए था। अब इस त्रुटि को दूर किया जा रहा है।
विवेक कुमार ने कहा कि झंडूता विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के प्रयास किए गए हैं तथा सड़कों की स्थिति बेहतर की जा रही है। बरठीं से शाहतलाई सड़क सहित अन्य सड़कों पर कार्य जारी है ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
कार्यक्रम में उनके पहुंचने पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित

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