शिमला
इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि विधायक प्राथमिकता की डीपीआर तैयार करते समय फोरेस्ट क्लियरेंस और गिफ्ट डीड जैसी औपचारिकताओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि परियोजनाओं का कार्य समय पर आरंभ किया जा सके।
इसके अतिरिक्त विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया , स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल , तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी चर्चा में भाग लिया और अपने सुझाव दिए।
इस अवसर पर विधायक संजय अवस्थी, हरदीप सिंह बावा , राम कुमार चौधरी , विनोद सुल्तानपुरी, नीरज नैय्यर , अनुराधा राणा , मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना , विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिव, विभागाध्यक्ष, संबंधित उपायुक्त और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।