NTPC ने 2015 से अब तक 33.54 अरब यूनिट बिजली उत्पादन, शिक्षा योजनाओं से 23,457 बच्चों को मिला लाभ, तीन बच्चों को सुरक्षित निकाला गया



बिलासपुर सुनील ठाकुर 

राज्य में ऊर्जा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। एनटीपीसी प्रबंधक ने बताया कि वर्ष 2015 से लेकर 8 अक्टूबर 2025 तक कुल 33.54 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन किया जा चुका है। यह उपलब्धि राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रबंधक ने कहा कि बिजली उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है और कई नई परियोजनाएँ जारी हैं, जिनसे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। एनटीपीसी के विभिन्न संयंत्रों से होने वाला उत्पादन न सिर्फ राज्य की जरूरतें पूरी कर रहा है बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा भी राष्ट्रीय ग्रिड को उपलब्ध कराई जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार की योजनाओं का असर स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। अब तक 23,457 बच्चों को विभिन्न शिक्षा योजनाओं से लाभ मिला है। इनमें छात्रवृत्ति, स्कूल सुधार और डिजिटल शिक्षा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। शिक्षा विभाग ने बताया कि इस संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक तीन बच्चों को बचाव कार्यों के दौरान सुरक्षित निकाला गया है। इन घटनाओं के अलावा कोई अन्य रेस्क्यू ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ी, जो आपदा प्रबंधन तंत्र की तत्परता को दर्शाता है।

एनटीपीसी प्रबंधक ने कहा, “राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग के संयुक्त प्रयासों से बिजली उत्पादन में लगातार सुधार हुआ है। हमारा लक्ष्य आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाना है ताकि राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।”

महिलाओं के आध्यात्मिक उत्थान और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम — सुनील शर्मा ने दोबारा शुरू की ‘देव दर्शन योजना’



कुनणू महिला मंडल की सदस्याओं को करवाए माता बगलामुखी के दर्शन, धार्मिक यात्रा बनी आत्मिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

बिलासपुर सुनील ठाकुर 

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक एवं समाजसेवी सुनील शर्मा ने बरसात के बाद एक बार फिर महिलाओं के आध्यात्मिक उत्थान और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई अपनी महत्वाकांक्षी ‘देव दर्शन योजना’ को दोबारा आरंभ किया है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायत पंजगाई के तहत आने वाले महिला मंडल कुनणू की सदस्याओं को माता बगलामुखी के दर्शन करवाए गए।

सुनील शर्मा ने बताया कि यह एक दिवसीय धार्मिक यात्रा थी, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके व्यस्त पारिवारिक जीवन से कुछ समय निकालकर धार्मिक स्थलों की यात्रा कराना और उन्हें आध्यात्मिक लाभ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि हमारी माताएं और बहनें दिन-रात अपने घर-परिवार की देखभाल में लगी रहती हैं और अपने लिए शायद ही कभी समय निकाल पाती हैं। ऐसे में उन्हें धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने की यह योजना उनके लिए आत्मिक शांति और ऊर्जा का माध्यम बन सकती है।

उन्होंने कहा कि देव दर्शन योजना केवल धार्मिक यात्राओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मूल लक्ष्य महिलाओं को सामाजिक रूप से जागरूक और सशक्त बनाना है। इससे पहले भी इसी योजना के अंतर्गत महिला मंडलों की माताओं और बहनों को श्री नयनादेवी मंदिर के दर्शन करवाए जा चुके हैं।

सुनील शर्मा ने इस अवसर पर महिलाओं को हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न बचत और ऋण योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वयं और अपने परिवार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएं।

सुनील शर्मा ने कहा, “धार्मिक यात्रा के साथ-साथ महिलाओं को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। हमारा उद्देश्य उन्हें न केवल आत्मिक रूप से, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत बनाना है।”

इस धार्मिक यात्रा में पंचायत प्रधान सुंदर सिंह, महिला मंडल कुनणू की प्रधान संतोष कुमारी, सदस्याएं सत्या देवी, गीता देवी, सुनीता देवी, अर्चना गौतम, स्मृति शर्मा, वार्ड सदस्य ऊषा शर्मा और बाबू राम ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

देव दर्शन यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का वातावरण रहा। महिलाओं ने माता बगलामुखी के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि तथा शांति की कामना की।

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