बिलासपुर
कोठीपुरा स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में धरना-प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर और पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं और एम्स की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं।
जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णलाल चंदेल और पूर्व अध्यक्ष स्वतंत्र संख्यायन ने कहा कि एम्स जैसा बड़ा स्वास्थ्य संस्थान बिलासपुर के लिए गर्व की बात है, जो हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के हजारों लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पुत्रमोह में अपनी सोचने-समझने की शक्ति खो बैठे हैं।
"टेंडर हासिल करने के लिए प्रदर्शन"
भाजपा नेताओं का दावा है कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एम्स के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे कांग्रेस नेताओं की "लार टपकने लगी है।" उन्होंने आरोप लगाया कि धरना-प्रदर्शन का मकसद दबाव बनाकर अपने बेटों के लिए टेंडर हासिल करना है।
"राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश"
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के दोनों नेताओं को "सबसे बड़े नौटंकीबाज" करार देते हुए कहा कि जनता बार-बार उन्हें नकार चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता हमेशा भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं और सरकारी विभागों में 90 फीसदी ठेके अपनी पहुंच के लोगों को दिलाए हैं।
"एम्स की सुविधाओं पर सवाल बेबुनियाद"
भाजपा नेताओं ने कहा कि एम्स बिलासपुर में प्रतिदिन 3,000 से 3,200 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जो इसकी गुणवत्ता का प्रमाण है। हाल ही में यहां पैट स्कैन और स्पेक्ट स्कैन सुविधाएं भी शुरू हुई हैं। केंद्र सरकार ने एम्स में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय को मंजूरी दी है, लेकिन प्रदेश सरकार इसके लिए भवन या जमीन उपलब्ध नहीं करवा रही है।
"सबूत पेश करें या आरोप बंद करें"
भाजपा ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती दी कि अगर उनके पास एम्स में भ्रष्टाचार के सबूत हैं तो वे आरटीआई से प्राप्त जानकारी को सार्वजनिक करें। यदि उनके पास कोई प्रमाण नहीं हैं, तो राष्ट्रीय स्तर के इस स्वास्थ्य संस्थान की छवि खराब करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।