बिलासपुर
झंडूता विधानसभा क्षेत्र की पंचायत बलसीना के कथयून गांव में अवैध खैर कटान लगातार जारी है। वन माफिया बेखौफ होकर जंगलों को उजाड़ रहे हैं, जबकि वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय लोगों ने जब इस अवैध कटान की सूचना वन विभाग को दी, तब जाकर विभाग हरकत में आया। लेकिन एक बार फिर खैर के 3-4 पेड़ काट लिए गए और विभाग के हाथ कोई आरोपी नहीं लगा। लेकिन विभाग ने 35 पीस वन से बरामद कर दिए हैं।
पहले भी हो चुका है अवैध कटान
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी इसी स्थान पर अवैध रूप से खैर के पेड़ों की कटाई हो चुकी है। वन विभाग ने गश्त बढ़ाने का दावा किया था, लेकिन फिर भी वन माफियाओं ने बेखौफ होकर फिर से कटान कर दिया।
वन विभाग ने भेजी टीम, गश्त बढ़ाई गई
वन विभाग के डीएफओ संजीव ने जानकारी दी कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया और कुछ अवैध रूप से काटी गई लकड़ी भी बरामद की गई है। इसके साथ ही, रात्रि गश्त भी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वन माफियाओं पर कब लगेगी लगाम?
अवैध कटान केवल पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, बल्कि यह वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। जब पहले से ही इस इलाके में अवैध कटान की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, तो इसके बावजूद वन माफियाओं को पकड़ने में विभाग की नाकामी चिंताजनक है।
स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि विभाग जल्द ही प्रभावी कदम नहीं उठाता, तो यह वन माफिया और अधिक सक्रिय हो जाएंगे। अब देखना यह होगा कि वन विभाग इन माफियाओं पर कब तक अंकुश लगाता है या फिर जंगलों की यह लूट यूं ही जारी रहेगी।