बिलासपुर
लेकिन वह भाजपा कार्यकाल में शुरू किए गए विकास कार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास करके चले गए। नयनादेवी का विधायक होने के नाते वह क्षेत्र की समस्याओं और जनता की मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहते थे, लेकिन सरकारी कार्यक्रम होने के बावजूद उन्हें निमंत्रण तक नहीं दिया गया।
रणधीर शर्मा ने कहा कि शनिवार को मुख्यमंत्री ने नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र में कुछ सड़कों तथा पेयजल और सिंचाई योजनाओं के उद्घाटन शिलान्यास किए। इन सभी के लिए पैसा या तो भाजपा सरकार के समय स्वीकृत हो चुका था, या फिर उन्हें केंद्र सरकार के सहयोग से करवाया गया।
गलुआ-चलैला, बाग मैहला तथा गोड़ी-सायर सड़कों को नाबार्ड से पैसा भाजपा सरकार के समय दिया गया था। इसी तरह प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दयोथ-लागघाट-जामली सड़क के लिए भी भाजपा के समय बजट का प्रावधान कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने इनका उद्घाटन करके केवल अपने नाम की पट्टिकाएं लगाने का काम किया हैै। इतना ही नहीं, उन्होंने नवगांव-बैरी सड़क का शिलान्यास भी किया। इसके लिए 79.25 करोड़ रुपये भी सेंट्रल रोड फंड से मंजूर हुए हैं।
रणधीर शर्मा ने कहा कि नकराणा पंचायत में पेयजल योजना, समोग-मलोथी सिंचाई योजना तथा नयनादेवी में सीवरेज योजना पर भी मुख्यमंत्री अपने नाम की पट्टिकाएं लगा गए। इनके लिए भी भाजपा कार्यकाल में ही पैसा मंजूर हो चुका था।
मुख्यमंत्री बनने के दो वर्ष से भी अधिक समय के बाद वह पहली बार नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कार्यक्रम में पहंुचे। क्षेत्र की जनता ने उनसे कई बड़ी सौगातों की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन लोगों को हर स्तर पर मायूसी ही हाथ लगी है। कदम-कदम पर व्यवस्था परिवर्तन का राग अलापने वाली इस सरकार में व्यवस्था में केवल इतना परिवर्तन आया है कि सरकारी कार्यक्रमों में संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की जहमत भी नहीं उठाई जा रही है। कांग्रेस सरकार का इस तरह का अलोकतांत्रिक रवैया निंदनीय है।