जिला बिलासपुर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन

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बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनवरी 2026 के दौरान जिला बिलासपुर में व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) श्री राजेश कौशल द्वारा किया गया। अभियान के अंतर्गत छात्रों, वाहन चालकों, आम नागरिकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर जागरूक किया गया। इसी क्रम में आरटीओ श्री राजेश कौशल द्वारा एम्स बिलासपुर में प्रशिक्षु डॉक्टरों से संवाद किया गया, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के कारणों, उनके दुष्प्रभावों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही 7 दिनों तक की निशुल्क इलाज सुविधा के बारे में भी अवगत कराया गया। इस योजना के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षु डॉक्टरों से अपील की गई कि वे इस सुविधा की जानकारी सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों एवं उनके परिजनों को दें, ...

एडुकेशन और हेल्थ सेक्टर पर बजट में कोई विशेष फोकस नहीं : संदीप सांख्यान

बिलासपुर 



यूनियन गवर्मेन्ट के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने कहा कि वर्तमान बजट आम जनता के हित का बजट नहीं है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में देश मे बढ रही महंगाई, मुद्रा स्फीति और बेरोजगारी रोकने के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा देश के एडुकेशन सेक्टर को शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी कोई विशेष प्रावधान नहीं किए गए हैं शिक्षा के क्षेत्र में जो विद्यार्थी हायर स्टिडीज़ और शोध कार्यो रिसर्च वर्क में जाना चाहता है उनके लिए यह बजट मुश्किल भरा है।

हिमाचल के हितों का बजट में कोई ध्यान नहीं रखा गया है... संदीप सांख्यान

 इसके अलावा संदीप सांख्यान ने कहा कि हेल्थ सेक्टर में भी हेल्थ केयर की गुणवत्ता पर इस बजट में काफी सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि हेल्थ कार्ड बनाने से ही हेल्थ केयर नहीं होती लेकिन मरीज़ों को हाइजिनिक व्यवस्था के साथ साथ हेल्थ कार्डों का निजी अस्पतालों या उनके स्तर के अस्पतालों में भी इलाज की सुविधाएं होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि आज सूचना प्रद्योगिकी के इस युग मे भी अस्पतालों में लंबी लंबी कतारों में मरीजों और उनके तीमारदारों को देखा जा सकता है। इस बजट में इन लंबी कतारों को कम करने हैतू जो भिन्न भिन्न अस्पतालों में अलग से सूचना प्रद्योगिकी सेंटर बना कर मरीजों को समयबद्ध अग्रिम सूचना के आधार पर इलाज किया जाना चाहिए। इसके अलावा संदीप ने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।

 देश के बेरोगारों को रोजगार हेतू कोई सैद्धांतिक नीति को बजट में प्रस्तावित नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य होने के लिए कोई विशेष पैकेज या हिमाचल की आर्थिकि को बढ़ाने के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। कुल मिला कर बजट व्यवहारिक नहीं है।


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