सदर क्षेत्र की महिलाओं की धार्मिक यात्रा: समाजसेवी सुनील शर्मा के नेतृत्व में बंगलामुखी व ज्वाला जी मंदिर में किए दर्शन

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बिलासपुर जिला बिलासपुर के सदर विधानसभा क्षेत्र में आज एक बड़े धार्मिक आयोजन का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न महिला मंडलों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समाजसेवी एवं हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा की पहल पर महिलाओं को मां बंगलामुखी मंदिर और मां ज्वाला जी मंदिर के दर्शन के लिए ले जाया गया। इस धार्मिक यात्रा के दौरान महिलाओं ने मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की और भजन-कीर्तन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए महिलाओं के आने-जाने के लिए विशेष वाहन व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही यात्रा के दौरान सभी महिलाओं के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी उचित व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर महिला मंडलों की सदस्यों ने समाजसेवी सुनील शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सहय...

"मासूमियत का मोल: नवजात शिशु सड़क पर और कूड़े में क्यों?"



बिलासपुर (सुनील ठाकुर)

जिला बिलासपुर में नवजात शिशु मिलने के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। जिला बिलासपुर में आज तक 5 नवजात शिशु मिले, जिसमें से दो नवजात शिशु जीवित मिले थे और तीन नवजात शिशुओं की मृत्यु हो गई थी।



"समाज पर सवाल: सड़क किनारे और कूड़े में मिल रहे नवजात जीवन"
समाज पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस तरह से जिला बिलासपुर में नवजात शिशु मिल रहे हैं। ऐसा लगता है कि लोगों में इंसानियत ही खत्म हो चुकी है। इस तरह से जगह-जगह पर नवजात शिशु मिल रहे हैं तो समाज के लोग कब सुधरेंगे। आम जनता की माने तो लोग कहते हैं कि कलयुग आ गया है । लेकिन लोग अपने आप ही कलयुग की ओर बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे ही कुछ मामले पिछले सालों से बिलासपुर में बढ़ते जा रहे हैं। 

पहला मामला जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र से सामने आया था यह मामला 6 जनवरी 2017 का है जहां पर एक नवजात शिशु को कूड़ेदान में फेंक दिया था। इस नवजात शिशु की कूड़ेदान में दम घुटने से मौत हो गई थी। 
दूसरा मामला जिला बिलासपुर के उपमंडल घुमारवीं के गडीर में 2 अक्तूबर 2021 को सामने आया था। जहां पर एक नवजात शिशु को खेतों में फेंक दिया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसे अस्पताल ले जाया गया । जहां पर डॉक्टर ने से मृतक घोषित कर दिया था। 
तीसरा मामला 18 अगस्त 2024 को घुमारवीं क्षेत्र के नजदीक मीट मार्केट के पास एक नवजात शिशु तेज बारिश के बीच सीमेंट की बोरी में मिला था। जब उसे घुमारवीं अस्पताल ले जाया गया जहां पर डॉक्टर ने इस शिशु को मृतक घोषित कर दिया। 
चौथा मामला थाना बरमाणा में आया था। जहां पर एक नवजात शिशु को पेड़ के नीचे रख दिया था जब स्थानीय लोगों ने बच्चों की आवाज सुनी तो उसे तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया। जहां पर डॉक्टर द्वारा इसका इलाज किया गया। और यह बच्चा आज भी जीवित हैं। जहां पर स्थानीय लोगों द्वारा इंसानियत दिखाई गई और तुरंत ही इस बच्चे को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर पहुंचाया गया।
पांचवा मामला जिला बिलासपुर के मलोखर के चडाऊ में सामने आया जहां पर एक नवजात शिशु को गांव में बनी पानी की कुल में फेंक दिया। जैसे ही गांव के लोगों को पता चला उन्होंने तुरंत इस बच्ची को क्षेत्रीय अस्पताल लाया गया जहां पर इसका इलाज चल रहा है।


जिला बिलासपुर में 21-25 तक नवजात शिशुओं की संख्या 5 तक पहुंच गई है जिसमें तीन नवजात शिशुओं की मौत हो चुकी है और दो बच्चे आज भी सुरक्षित हैं। लेकिन एक सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है इस तरह के घिनौने कार्य करने के बाद भी अभी तक पुलिस के हाथ में कोई भी सुराग नहीं लगा है क्या लोगों में कुछ भी इंसानियत नहीं बची है जिस तरह से नवजात शिशुओं को कभी कूड़े के ढेर में, खेतों में, पेड़ के नीचे व सड़क के किनारे फेंक देते हैं। 

एसपी बिलासपुर संदीप धवल में जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक नवजात शिशुओं की संख्या जो बिलासपुर में बढ़ रही है। जिसमें किसी भी नवजात शिशु के मां-बाप का पता नहीं चला है पुलिस अभी भी तलाश कर रही है।
 


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