मंडी
हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक अंशकालीन कर्मचारी संगठन की महत्वपूर्ण बैठक मंडी में आयोजित की गई, जिसमें पूरे प्रदेश से सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस बैठक में संगठन के नए पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। दिलीप कुमार (जिला बिलासपुर) को संगठन का प्रधान और मयूरी (जिला कुल्लू) को सचिव चुना गया।
बैठक में अंशकालीन कर्मचारियों की गंभीर समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो सभी अंशकालीन कर्मचारी हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
क्या हैं अंशकालीन कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
बैठक में कर्मचारियों ने अपनी कई समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिनमें शामिल हैं:
✔ नियमितीकरण की मांग – वर्षों से काम कर रहे अंशकालीन कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
✔ वेतन वृद्धि – महंगाई को देखते हुए वेतन में उचित बढ़ोतरी की जाए।
✔ अन्य सुविधाएं – कर्मचारियों को मेडिकल, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप
अंशकालीन कर्मचारियों का कहना है कि बैंक प्रबंधन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। कई बार ज्ञापन देने और बातचीत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे।
जल्द हो सकता है बड़ा आंदोलन!
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि यदि बैंक प्रबंधन ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो प्रदेशभर के अंशकालीन कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।