बिलासपुर
जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दो लोगों को गिरफ्तार किया है। नाकेबंदी के दौरान रोकी गई एक गाड़ी से करीब 1930.90 ग्राम सोने जैसी धातु बरामद की गई है। मामले की पुष्टि डीएसपी मदन धीमान ने की है।
कैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस के अनुसार, प्रभारी थाना शिकायतकर्ता नंद लाल, प्रधान ग्राम पंचायत हीरापुर प्रताप सिंह ठाकुर एवं स्वतंत्र गवाह रूप लाल के साथ एक रेडिंग पार्टी तैयार कर रूक्मणी चौक, हीरापुर के पास नाका लगाया गया।
इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजे एक संदिग्ध गाड़ी (मार्का ECCO STAR, नंबर RJ05CC3690, ग्रे रंग) हीरापुर से बरसंड की ओर आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी को मौके पर रोककर चेकिंग शुरू कर दी।
गाड़ी में बैठे थे संदिग्ध व्यक्ति
गाड़ी के चालक ने अपना नाम इम्तियाज (26 वर्ष), पुत्र इस्लाम, निवासी देबला नगली, जिला नुह मेवात, हरियाणा बताया, जबकि उसके साथ आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम युसुफ उर्फ राजू (24 वर्ष), पुत्र शुवाना, निवासी भण्डारा, तहसील कामा, जिला ढींग (भरतपुर), राजस्थान बताया।
बैग में छिपाई गई थी संदिग्ध धातु
पुलिस को चेकिंग के दौरान युसुफ के पैरों में रखा पीठू बैग संदिग्ध लगा। जब उसे खोलकर देखा गया तो अंदर लाल रंग के कैरी बैग में दो पीली धातु की ईंटें/बिस्कुट बरामद हुईं।
तराजू से तोलने पर इनका कुल वजन 1290 ग्राम निकला। इसके अलावा, शिकायतकर्ता नंद लाल द्वारा पहले आरोपियों से खरीदी गई 640.90 ग्राम पीली धातु की ईंट/बिस्कुट भी पुलिस के समक्ष प्रस्तुत की गई।
कुल बरामदगी और गिरफ्तारी
इस प्रकार पुलिस ने कुल 1930.90 ग्राम पीली धातु बरामद की है, जिसकी प्रकृति की जांच जारी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों युसुफ उर्फ राजू और इम्तियाज को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। उन्हें आज माननीय अदालत में पेश किया जाएगा।
क्या है पुलिस की अगली कार्रवाई?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद धातु वास्तव में सोना है या नहीं, और यदि है, तो यह कहां से लाया गया था और इसका असली मालिक कौन है। साथ ही, इस मामले में किसी बड़े गिरोह के शामिल होने की भी जांच की जा रही है।
डीएसपी मदन धीमान ने की पुष्टि
इस पूरे मामले की पुष्टि डीएसपी मदन धीमान ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस की मुस्तैदी से यह कार्रवाई संभव हो पाई है और मामले की तह तक जाने के लिए जांच जारी है।