एम्स बिलासपुर ने मुख कैंसर उपचार में रचा नया कीर्तिमान, प्लास्टिक सर्जरी पुनर्निर्माण में स्थापित किए नए मानक
बिलासपुर।
एम्स बिलासपुर ने मुख कैंसर (Oral Cancer) के उपचार और पुनर्निर्माण सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने जटिल प्लास्टिक सर्जरी पुनर्निर्माण प्रक्रियाओं में नए मानक स्थापित करते हुए उत्तर भारत के एक अग्रणी तृतीयक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर से पीड़ित 60 मरीजों की जटिल सर्जरी और सफल पुनर्निर्माण किया गया है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दक्षता का प्रमाण है, बल्कि मरीजों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. नवनीत ने बताया कि
“पुनर्निर्माण सर्जरी मुख कैंसर उपचार का अभिन्न हिस्सा है। यह केवल शारीरिक संरचना ही नहीं, बल्कि रोगियों की वाणी, निगलने की क्षमता और आत्मसम्मान को भी पुनर्स्थापित करती है।”
एक ही छत के नीचे समग्र उपचार
एम्स बिलासपुर में मुख कैंसर का उपचार बहु-विषयक (Multidisciplinary) टीम द्वारा किया जाता है। ऑन्कोसर्जरी, ईएनटी और दंत चिकित्सा विभाग मिलकर ट्यूमर को हटाने की प्रक्रिया (Resection) करते हैं, जिसके बाद प्लास्टिक सर्जरी विभाग द्वारा जटिल पुनर्निर्माण किया जाता है। इसके पश्चात मरीजों को रेडिएशन और मेडिकल ऑन्कोलॉजी की सुविधाएं भी संस्थान में ही उपलब्ध कराई जाती हैं।
सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और समग्र प्रबंधन भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे एम्स की विशेषज्ञ टीम कुशलता से संभाल रही है।
सर्जिकल उपलब्धियां
डॉ. नवनीत के अनुसार, पिछले दो वर्षों में किए गए 60 पुनर्निर्माण मामलों में दो प्रमुख तकनीकों का उपयोग किया गया—
फ्री फ्लैप पुनर्निर्माण (24 मामले):
इसमें शरीर के दूरस्थ हिस्सों जैसे पैर या हाथ से ऊतक लेकर मुख के जटिल दोषों का पुनर्निर्माण किया जाता है। यह अत्याधुनिक सुविधा पहले इस क्षेत्र में सीमित रूप से उपलब्ध थी।
लोकल फ्लैप पुनर्निर्माण (36 मामले):
इसमें प्रभावित क्षेत्र के आसपास के ऊतकों का उपयोग कर बेहतर कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक परिणाम सुनिश्चित किए जाते हैं।
क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा को मिला लाभ
इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मरीजों को इस प्रकार की ‘सुप्रा-मेजर’ सर्जरी के लिए पीजीआई चंडीगढ़ जैसे दूरस्थ संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब एम्स बिलासपुर में ही यह सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और समय पर उपचार संभव हो सका है।
निष्कर्ष
एम्स बिलासपुर का प्लास्टिक सर्जरी विभाग मुख कैंसर उपचार के क्षेत्र में निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्नत तकनीकों और समर्पित चिकित्सा टीम के माध्यम से संस्थान यह सुनिश्चित कर रहा है कि मरीजों को सर्वोत्तम पुनर्निर्माण और पुनर्वास सेवाएं मिल सकें।
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